छोटा शकील, पूरा नाम मोहम्मद शकील बाबू मियां शेख. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के दाहिने हाथ यानि कि छोटा शकील की मौत हो चुकी है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक ऑडियो क्लिप में शकील के गैंग के सदस्य बिलाल और शकील के मुंबई में रहने वाले रिश्तेदार के बीच हुई बातचीत से ये सामने आया है कि शकील की मौत हो चुकी है. हालांकि, नई दिल्ली में स्थित नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरियट के टॉप अधिकारियों ने कहा है कि वो अभी इस ख़बर पर प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं है.

वहीं अंडरवर्ल्ड सूत्रों के मुताबिक, कराची के रहने वाले 57 वर्षीय शकील की 6 जनवरी को इस्लामाबाद में मौत हो चुकी है. माना जा रहा है कि वो कुछ सदस्यों के साथ मीटिंग के लिए Odessa गया था. गौरतलब है कि शकील की मौत को लेकर दो थ्योरीज़ सामने आ रही हैं

पहली थ्योरी के मुताबिक, शकील को दिल का दौरा पड़ा और उसके बॉडीगार्ड्स फौरन उसे रावलपिंडी के कम्बाइंड मेडिकल अस्पताल ले गए. हालांकि, वहां पहुंचने तक शकील की मौत हो चुकी थी. वहीं दूसरी थ्योरी के मुताबिक, आईएसआई ने Odessa को इस्तेमाल कर शकील को मरवाया है क्योंकि आईएसआई के लिए शकील को संभालना अब काफी मुश्किल होता जा रहा था.

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उसकी बॉडी को दो दिन के लिए मुर्दाघर में रखा गया और फिर C-130 ट्रांसपोर्ट एयरप्लेन के सहारे उसे कराची ले जाया गया. कराची में उसे एक डिफ़ेंस हाउसिंग अथॉरिटी की एक गुमनाम कब्र में दफ़ना दिया गया है. इसके तुरंत बाद शकील की दूसरी पत्नी आयशा और उसके परिवार के बाकी सदस्यों को लाहौर में मौजूद आईएसआई के सेफ़ हाउस में पहुंचाया दिया गया. शकील अपने परिवार में दो पत्नियों, एक बेटे, दो बेटियों और एक पोती को छोड़ गया है.

अंडरवर्ल्ड सूत्रों के मुताबिक, शकील की मौत की ख़बर दाऊद को दो दिनों बाद पहुंची थी और शुरूआत में इस ख़बर के बारे में महज 20 लोगों को ही पता था. आईएसआई, शकील की मौत को सीक्रेट ही रखना चाहता है ताकि उसकी अनुपस्थिति में भी कई डील्स को अंजाम दिया जा सके.

सूत्रों के मुताबिक, शकील ने एक पाकिस्तानी शख़्स रहीम मर्चेंट उर्फ़ दोगला को ट्रेनिंग दी थी. शकील ने मर्चेंट को आवाज़ की कॉपी करने की ट्रेनिंग दी थी इस ट्रेनिंग के बाद से ही मर्चेंट बिज़नेसमैन औऱ मीडिया हाउसेज़ को पिछले 20 सालों से शकील बनकर फ़ोन करता आ रहा है. गौरतलब है कि आईएसआई ने दुबई में मौजूद शकील की पाकिस्तान में एंट्री कराई थी और उसके बाद से ही मर्चेंट, शकील बनकर काम कर रहा है.

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माना जा रहा है कि मर्चेंट अब भी ये काम करना जारी रखेगा. इसका एक कारण ये भी है कि शकील आईएसआई का खास शख़्स था और उसी की मदद से हथियारों के सौदे भी होते थे. एक सूत्र के मुताबिक, छोटा शकील की मौत की ख़बर से दाउद इब्राहिम डिप्रेशन में चला गया था और उसे जनवरी के अंत में और फिर मार्च में भी एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. सूत्रों का दावा है कि अपने खास शख़्स को खोने के बाद, दाऊद भारत आने की कोशिशों पर सोच-विचार कर रहा है.

गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ़्तों में शकील को लेकर कई तरह की अटकलों और अफ़वाहों का बाज़ार गर्म है. मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, शकील ने दाऊद इब्राहिम की कंपनी से अलग हो चुका था. शकील के ख़ास गुर्गे यानि मोहम्मद राशिद, युसूफ राजा, बिलाल, इकबाल सलीम और परवेज़ ख्वाज़ा ने भी दाऊद की डी कंपनी से किनारा कर लिया है.

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