इस दुनिया का हर शख़्स अमीर बनना चाहता है. सच कहूं तो मैं भी अमीर बनना चाहता हूं. लेकिन अमीरी एक ऐसा शौक़ है जो हर किसी के बस की बात नहीं है. इसलिए मैंने ऐसे शौक़ पालने ही बंद कर दिए हैं. कुछ दिन पहले ही Amazon के सीईओ Jeff Bezos दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हैं. मैंने उनकी कुल संपत्ति की गिनती रुपयों में की, तो इतने सारे ज़ीरो देखकर एक बार के लिए तो चक्कर से आ गए थे. कुछ दिन तक मन में यही सवाल चल रहा था कि आख़िर कोई इतना अमीर कैसे हो सकता है?

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आज मैं आपको उस शख़्स के बारे में बताने जा रहा हूं, जिसे इतिहास का सबसे अमीर शख़्स माना जाता है. ये व्यक्ति इतना अमीर है कि Jeff Bezos और बिल गेट्स जैसे अमीर शख्सियतें भी इसके यहां पानी भरने का काम करें.

क्यों लग गया न शौक, हो गए न हैरान? आप भी सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन आ गया जो इतना अमीर है?

ये शख़्स माली साम्राज्य का राजा मंसा मूसा प्रथम था, जिसने 1312 से 1337 के बीच यहां शासन किया था. इस व्यक्ति को इतिहास का अब तक का सबसे अमीर इंसान माना जाता है. बताया जाता है कि उस समय इसके पास कुल 400 मिलियन डॉलर की प्रॉपर्टी थी. अगर आज इस संपत्ति का आंकलन किया जाए, तो मंसा मूसा दुनिया का सबसे अमीर आदमी होगा.

आख़िर कहां से आता था मंसा के पास इतना पैसा?

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ख़ुद को सच्चा मुसलमान बताने वाला मंसा मूसा उस दौर में नमक और सोने का कारोबार किया करता था. अपने शासन के दौरान उसने कई स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और मस्ज़िदें बनवाई थीं. उसने अपनी एकमात्र मक्का यात्रा के दौरान ग़रीबों के बीच जमकर पैसे लुटाए थे. इस यात्रा पर उसके कुल 60,000 सोने के सिक्के ख़र्च हुए थे. मूसा उस दौर में जिस साम्राज्य का शासक हुआ करता था, वो वर्तमान घाना, टिंबकटू, मॉरीटानिया, सेनेगल, गांबिया, गिनिया, बुर्किना फ़ासो, माली, नाइजर, चाड और नाइजीरिया जैसे देशों के नाम से जाने जाते हैं.

मूसा के थे दर्जनों नाम

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मूसा के साम्राज्य और उसकी प्रसिद्धि को देखते हुए लोगों ने उसे कई उपनामों और उपाधियों से नवाज़ा था. कोई उसे Emir of Melle तो कोई Lord of the Mines of Wangara और Conqueror of Ghanata के नाम से भी जानते थे. कहा जाता है कि जिस समय यूरोप अकाल और गृह युद्ध से गुज़र रहा था, उस समय मूसा के राज में अफ़्रीका के कई इलाके समृद्धि की ओर बढ़ रहे थे.

कुछ ऐसा होता था मूसा का काफ़िला

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मंसा मूसा जब मक्का-मदीने की यात्रा पर गया था, उस वक्त उसके क़ाफ़िले में कुल 80 ऊंट थे और हर ऊंट पर 300 पाउंड सोना लदा हुआ था. जबकि इस क़ाफ़िले में कुल 60,000 लोग शामिल थे. इस काफ़िले की लंबाई 2000 मील तक पहुंच जाया करती थी. उसका काफ़िला इतना बड़ा था कि इसे मानचित्र में जगह दी गयी थी. इसको 1375 कैटलन एटलस नाम दिया था.

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मंसा मूसा की मृत्यु वर्ष को लेकर भी कई विवाद हैं, लेकिन इतिहासकारों की मानें तो उसने 25 वर्षों तक माली पर शासन किया था.