26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले का एक मात्र आतंकवादी जो ज़िंदा पकड़ा गया था, वो था अजमल कसाब. उसने पकड़े जाने से पहले 160 निर्दोष लोगों की जान ले ली थी, जिसकी सज़ा उसे फांसी के रूप में मिली. वो सुबूत जिसके दम पर कसाब को दोषी करार देने में मदद मिली थी, वो थी उसकी फ़ोटो. इस फ़ोटो को एक जर्नलिस्ट ने अपनी जान पर खेल कर खींचा था. आइए आपको मिलवाते हैं उस जांबाज़ जर्नलिस्ट से...

कसाब की वो फ़ोटो, जो 26/11 मुंबई हमले की पहचान बन गई है, उसे खींचने वाले फ़ोटो जर्नलिस्ट का नाम है Sebastian D'Souza. इस फ़ोटो में आतंकी कसाब हाथ में एके-47 लिए लोगों पर हमला करता दिखाई दे रहा है.

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इस तस्वीर को Sebastian ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर लिया था. उन्होंने इस आतंकी हमले को याद करते हुए कहा- 'उस दिन अगर रेलवे स्टेशन पर मौजूद पुलिस अधिकारी कसाब को वहीं शूट कर देते, तो शायद इतने लोगों की जान न जाती.' उनके मुताबिक, वहां पर पुलिस की दो बटालियन मौजूद थीं.

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Sebastian ने बताया कि वो अपने दफ़्तर में थे जब उन्हें इस हमले की जानकारी मिली. ख़बर मिलते ही वो बिना किसी सेफ़्टी के कैमरा लेकर रेलवे स्टेशन की ओर चल दिए. जब वो स्टेशन के अंदर दाखिल हुए तो कसाब निर्दोष लोगों को गोलियों से भून रहा था.

वो छुपते हुए एक रेल के कंपार्टमेंट में जा बैठे. यहां से उन्होंने कसाब की फ़ोटो लेनी चाही, लेकिन फ़ोटो क्लीयर नहीं आ रही थी. इसलिए Sebastian अगले कोच में चले गए. वहां से उन्होंने अपने कैमरे से कसाब की फ़ोटो ली.

उन्होंने बताया कि ऐसा करते हुए शायद आतंकवादियों ने Sebastian को देख लिया था पर उन्होंने कुछ किया नहीं. इस फ़ोटो के लिए Sebastian को World Press Photo का अवॉर्ड दिया गया था.

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Sebastian 67 वर्ष के हैं और अब वो रिटायर्ड हो चुके हैं. इन दिनों गोवा में रहते हैं. उनका कहना है कि वो इस हमले को भुला देना चाहते हैं.

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