विश्व इतिहास की वो मूर्खतापूर्ण घटना, जब एक बाल्टी की वजह से छिड़ गया युद्ध, मारे गये थे 2000 लोग

Maahi

Most Foolish War in History: विश्व इतिहास में जब भी युद्ध की बात होती है हमें उसके खतरनाक परिणामों से रूबरू होना पड़ता है. मानव इतिहास में अब तक कई तरह के युद्ध लड़े गये हैं. इनमें से कुछ युद्ध अहम मुद्दों को लेकर लड़े गये तो कुछ ऐसे भी थे जिनकी वजहें बेहद ही छोटी थी. आज हम आपको एक ऐसे युद्ध के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी वजह जानकर आप इसे इतिहास का सबसे मूर्खतापूर्ण युद्ध करार देंगे.

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दरअसल, ये बात उस समय की है जब लोग पानी के लिए प्राकृतिक जल स्रोत पर निर्भर रहते थे. इस दौरान लोग ज़मीन खोदकर बनाए गये कुओं के पानी पर ही निर्भर रहते थे और बाल्टियों के ज़रिए पानी निकाला करते थे. आज से क़रीब 700 साल पहले इटली में पानी की इसी जद्दोजहद को लेकर एक ‘अनोख़ा युद्ध’ लड़ा गया था. 

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दो शहरों के बीच लड़ा गया था ये युद्ध  

ये अनोखा युद्ध सन 1325 में इटली के दो शहरों बोलोग्ना और मोडेना के बीच लड़ा गया था. ख़ास बात ये है कि ये दोनों शहर एक-दूसरे से केवल 50 मीटर की दूरी पर स्थित हैं. एक दिन अचानक ही बोलोग्ना शहर के गेट के पास स्थित कुएं पर रखी एक लकड़ी की बाल्टी गायब हो गई. वैसे तो बात बेहद ही मामूली थी, लेकिन किसी ने ख़बर फ़ैला दी कि बोलोग्ना के इस कुएं की बाल्टी मोडेना के सिपाही उठाकर ले गये हैं.

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इस दौरान बोलोग्ना और मोडेना शहर के बीच संबंध कुछ ठीक नहीं थे. ऐसे में बोलोग्ना शहर में ये बात आग की तरह फ़ैल गई और बोलोग्ना निवासियों ने इसे अपना अपमान समझा. इस दौरान जब मोडेना प्रशासन से इस संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने इस बात से साफ़ इंकार कर दिया कि बाल्टी उनके सिपाहियों ने उठाई है.

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बस फिर क्या था, बोलोग्ना वासियों ने बाल्टी को अपनी प्रतिष्ठा मान फ़ैसला लिया कि इस वापस हासिल करने के लिए मोडेना शहर से युद्ध लड़ा जाएगा. इस दौरान बोलोग्ना जनसंख्या ही नहीं, सेना भी मोडेना से काफ़ी बड़ी थी. इसके बाद बोलोग्ना ने अपने 32 हज़ार सिपाहियों के साथ मोडेना शहर पर हमला कर दिया. जब मोडेना को इसका पता चला तो उसने भी अपने 7 हज़ार सैनिकों को लड़ाई के लिए भेज दिया.

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इस दौरान मोडेना की सेना ने संख्या बल में कम होने के बावजूद बोलोग्ना की सेना का जमकर मुक़ाबला किया. अंत में हुआ ये कि बोलोग्ना के सिपाहियों को वहां से भागना पड़ा. इस दौरान मोडेना के सिपाहियों ने बोलोग्ना के सिपाहियों का काफ़ी दूर तक पीछा किया. लौटते वक्त उन्होंने बोलोग्ना शहर में मौजूद एक कुएं पर रखी बाल्टी उठा ली और इसे अपनी जीत की ट्रॉफ़ी के रूप में मोडेना ले गए.

इस युद्ध में दोनों शहरों के क़रीब 2000 लोग मारे गये. इतने सालों के बाद भी आज भी ये बाल्टी मोडेना के ‘टाउनहॉल’ में टंगी हुई है. 

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