कभी होटलों में करते थे टेबल साफ़, एक बिज़नेस आइडिया से बदली शार्क टैंक में आए भास्कर की ज़िंदगी

Vidushi

KR Bhaskar Inspiring Story : ‘लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती‘, मशहूर कवि सोहनलाल द्विवेदी की ये लाइन तो आपने ज़रूर सुनी होगी. कुछ ऐसी ही इंस्पायरिंग कहानी है हाल ही में आए रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया 2 (Shark Tank India 2) में आए एंटरप्रेन्योर के आर भास्कर की, जिन्होंने अपने सपनों वाली ज़िन्दगी को हक़ीक़त में तब्दील करने के लिए कड़ी मेहनत की और आज वो एक सक्सेसफुल लाइफ़ जी रहे हैं. 

भले ही वो शार्क टैंक के शार्क्स से अपने बिज़नेस के लिए फंड हासिल नहीं कर पाए, लेकिन उनकी कहानी ने लोगों को मोटिवेट करने के साथ ही इमोशनल भी कर दिया. आइए आपको के आर भास्कर की सक्सेस स्टोरी के बारे में बताते हैं. 

कौन हैं के आर भास्कर?

के आर भास्कर कर्नाटक के रहने वाले हैं. वो ‘भास्कर का पूरणपोली घर‘ नाम का अपना ब्रांड चलाते हैं. वो पूरणपोली स्नैक्स बेचते हैं और उनके आउटलेट्स कर्नाटक में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में भी फैले हैं. इस फ़ाइनेंशियल साल में उनका मुनाफ़ा क़रीब 3.6 करोड़ का हुआ है. हालांकि, उनको ये सफ़लता हाथों-हाथ नहीं मिली थी. इस बिज़नेस को खड़ा करने के पीछे उनका संघर्ष और खून-पसीने की कमाई है. 

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होटलों में करते थे टेबल और बर्तन साफ़ करने का काम 

के आर भास्कर ने शो में अपनी स्ट्रगल लाइफ़ के बारे में बात करते हुए बताया था कि 25 साल पहले उनकी ज़िन्दगी बेहद मुफ़लिसी में गुज़र रही थी. वो उस दौरान बेंगलुरु के एक होटल में काम करते थे. उस वक़्त वो 12 साल के थे. उन्होंने अपना ये काम पांच साल तक जारी रखा. फिर उन्होंने 8 साल तक डांस इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम किया. जब यहां भी बात नहीं बनी तो उन्होंने पान की दुकान चलाई. 23 की उम्र में भास्कर ने साइकिल पर पूरणपोली बेचना शुरू किया. जानकारी के लिए बता दें कि ये एक लोकप्रिय साउथ इंडियन डिश है. ये मुख्य रूप से एक रोटी है, जिसमें दाल और चीनी का मिश्रण तैयार करके भरा जाता है. यहीं से उन्हें बिज़नेस शुरू करने का आइडिया आया.

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कुकिंग शो ने बदली ज़िन्दगी

भास्कर ने बताया कि कैसे एक कुकिंग शो ने उनको फ़ेमस बना दिया. दरअसल उनका एक कुकिंग शो में सेलेक्शन हो गया. इस शो ने उनकी पॉपुलैरिटी बढ़ाई और धीरे-धीरे उन्होंने अपना ब्रांड खड़ा कर दिया. आज उनकी सिर्फ़ कर्नाटक में ही 17 दुकानें और 10 से ज़्यादा फ्रेंचाइज़ी हैं. इन दुकानों से उनकी हर महीने की सेल 18 करोड़ के क़रीब होती है. साथ ही वो हर 8 महीने में अपना नया आउटलेट खोल लेते हैं. अब उनके दो पार्टनर और जुड़ गए हैं, जो महाराष्ट्र में भी उनके कारोबार को और आगे ले जा रहे हैं. पूरणपोली के अलावा भी उनके आउटलेट में 400 से ज़्यादा स्नैक हैं, जिनकी भी बंपर सेल होती है. 

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