नेटफ़िलिक्स पर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी स्टारर फ़िल्म 'रात अकेली है' रिलीज़ हो चुकी है. हमेशा की तरह इस बार भी अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अपने किरदार से फ़ैंस को इम्प्रेस करने में कामयाब रहे. नवाज़ुद्दीन ने फ़िल्म में एक पुलिस वाले की भूमिका निभाई है, जिसकी स्किन का रंग डार्क है. इसी कारण उसके अंदर आत्मविश्वास की कमी है.

फ़िल्म प्रमोशन के दौरान नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने ख़ुलासा किया कि बचपन और टीनएज तक वो भी फ़ेयरनेस क्रीम लगाते थे. पर जब उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि वो अपने लुक को लेकर कुछ नहीं कर सकते, तो उन्होंने अपनी कला पर काम करना शुरू किया. नवाज़ुद्दीन ने ये भी कहा कि उन्हें इस चीज़ से बाहर निकलने में काफ़ी समय लगा. पर अंत में उन्हें अपने फ़ैसले पर ख़ुशी हुई.

नवाज़ुद्दीन ने कहा, 'मैं भी फ़ेयरनेस क्रीम लगा कर बड़ा हुआ हूं. चमत्कारी परिणामों की उम्मीद करता था. पर असल में एक बार मुझे एहसास हुआ कि जो क्रीम मैं यूज़ कर रहा हूं, वो Fair & Lovely नहीं, बल्कि कुछ फ़र्ज़ी था, जिसे Fare & Lovely कहा जाता था. मैंने गोरा बनने में बहुत समय बर्बाद किया.'

आगे उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में भी गोरे रंग को लेकर काफ़ी महत्व दिया जाता. कई बार उन्हें हीन भावना का शिकार होना पड़ा, पर बाद में उन्हें एहसास हुआ कि इंसान को अपने टैलेंट पर ध्यान देना चाहिये न कि रंग पर.

बात सही है कि टैलेंट सुंदरता या रंग देख कर नहीं प्रतिभा से आता है.

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