प्रभास, कृति सेनोन सैफ़ अली ख़ान स्टारर फ़िल्म ‘आदिपुरुष’ आख़िरकार 16 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है. इस बहुचर्चित फ़िल्म का फ़ैंस बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया पर फ़िल्म देख चुके लोगों की प्रतिक्रियाओं ने मेकर्स की नींदें उड़ा दी हैं. दर्शक जिस उम्मीद के साथ सिनेमाघरों में गए फ़िल्म देखने गए थे फ़िल्म में वो उन्हें देखने को नहीं मिला. आदिपुरुष को काफ़ी नेगेटिव रेस्पोंस मिल रहा है. रही बची कसर फ़िल्म के बचकाने डायलॉग्स ने पूरी कर दी है.

ये भी पढ़िए: जानिये कौन है Meme Boy पुनीत सुपरस्टार, जिन्हें पहले से ही माना जा रहा है Bigg Boss OTT 2 विनर!

dailyo

दरअसल, आदिपुरुष की रिलीज़ के बाद से ही इसके कुछ डायलॉग्स सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रहे हैं. इन्हें देख देख लोग यकीन ही नहीं कर पा रहे हैं कि वो ‘रामायण’ पर बनी कोई फ़िल्म देख रहे है. फ़िल्म के डायलॉग्स ऐसे हैं मानों हम कोई दोयम दर्जे की फ़िल्म देख रहे हों. टपोरी किस्म के इन डायलॉग्स ने पूरी फ़िल्म का कबाड़ा कर दिया है.

10movierulz

चलिए एक नज़र ‘आदिपुरुष’ के वायरल डायलॉग्स पर भी डाल लेते हैं-

1- जली ना? अब और जलेगी. बेचारा जिसकी जलती है वही जानता है.

2- कपड़ा तेरे बाप का. तेल तेरे बाप का. आग भी तेरे बाप की और जलेगी भी तेरे बाप की.

3- ऐ! तेरी बुआ का बगीचा है क्या, जो हवा खाने चला आया? मरेगा बेटे आज तू अपनी जान से हाथ धोएगा.

4- जो हमारी बहनों को हाथ लगाएंगे उनकी लंका लगा देंगे.

5- भैया आप अपने काल के लिए कालीन बिछा रहे हैं.

6- मेरे एक सपोले ने तुम्हारे शेषनाग को लंबा कर दिया अभी तो पूरा पिटारा भरा पड़ा है.

7- रघुपति राघव राजा राम बोल और अपनी जान बचा ले. वरना आज खड़ा है कल लेटा हुआ मिलेगा

8- अयोध्या में तो वो रहता नहीं. रहता वो जंगल में है. और जंगल का राजा तो शेर होता है. तो वो राजा कहां का रे.

आदिपुरुष के डायलॉग्स ही नहीं दर्शकों को इसकी कहानी ही समझ नहीं रही है. 21वीं सदी की ‘रामायण’ में मेकर्स क्या दिखाना चाह रहे हैं ये बात लोगों के समझ में ही नहीं आ रही है. आदिपुरुष देख चुके लोगों का कहना है कि फ़िल्म में सब कुछ फ़ास्ट फ़ॉरवर्ड में चल रहा है. रावण को महापंडित के बजाय क्रूर ‘काल’ की तरह दिखाया गया है, फ़िल्म के एक सीन में सीता माता का गला काटते हुए भी दिखाया गया है.

बताया जा रहा है कि फ़िल्म में राघव और जानकी की प्रेम कहानी दिखाई है, लेकिन रावण को किसी क्रूर हॉलीवुड विलेन जैसा दिखाया गया है. फ़िल्म के VFX में करोड़ों रुपये खर्च किये गए हैं, लेकिन ये रद्दी से कम नहीं हैं. मामूली से दिखने वाले VFX ने फ़िल्म को बेहद कमज़ोर बना दिया है.

इस फ़िल्म के डायलॉग्स ‘तेरी मिट्टी में मिल जावां’ जैसे कई बेहतरीन गाने लिख चुके मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं. सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा किसीकिरी उन्हीं की हो रही है. दर्शक कह रहे हैं ये एक गीतकार को अगर फ़िल्म के डायलॉग्स लिखने को कहेंगे तो यही नतीजा होगा.

ये भी पढ़िए: 1987 की रामायण और आदिपुरुष के किरदारों में क्या-क्या बदला है, इन 7 तस्वीरों में देखकर समझिए