‘रामायण’ 

बचपन का वो धारावाहिक, जिसे देखने के लिये लोग रविवार का इंतज़ार करते थे. इस धारावाहिक में निभाये गये सभी किरदार आज भी हमारे ज़हन में बसे हुए हैं. वहीं भगवान का राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने दर्शकों पर अपनी ऐसी छाप छोड़ी कि लोग उन्हें सच में भगवान राम की उपाधि दे बैठे. वाकई अरुण गोविल ने इस किरदार को बख़ूबी निभाया था. हांलाकि, इस किरदार ने उनके करियर में एक ठहराव सा ला दिया. 

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इस बात का ख़ुलासा ख़ुद अभिनेता अरुण गोविल ने किया है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि रामायण में राम का रोल करने के बाद उनका करियर रुक सा गया. निर्माता उन्हें किसी अन्य किरदार में कास्ट नहीं करना चाहते थे. टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया, ‘मैंने अपने करियर की शुरुआत हिंदी फ़िल्म में हीरो के तौर पर की थी और ‘रामायण’ के बाद जब मैं बॉलीवुड में वापस लौटना चाहता था, तो निर्माता कहते थे, ‘आपकी राम वाली छवि काफ़ी मज़बूत है, हम आपको किसी और किरदार में कास्ट नहीं कर सकते या फिर सहायक भूमिका नहीं दे सकते हैं’. 

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यही नहीं आगे उन्होंने बताया, ‘उन्हें लगता था कि मैं कमर्शियल फ़िल्म में फ़िट नहीं बैठ सकता. वो मेरे करियर का सबसे बड़ा माइनस प्वॉइंट बन गया और मुझे एहसास हुआ कि मैं कभी भी शोबिज़ में वापस नहीं लौट पाऊंगा, जैसा कि मैं चाहता था. मैंने कुछ टीवी शोज़ किए, लेकिन हर बार मैं कुछ ऐसा कर देता था, जिस पर लोग मुझे टोक देते थे, ‘अरे, रामजी! आप ये क्या कर रहे हैं.’ 

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अभिनेता ने ये भी बताया कि रामायण से उन्हें अत्याधिक प्यार और सम्मान मिला, पर दूसरी तरफ़ उनका करियर रुक सा गया. पिछले 14 सालों में उन्होंने स्पेशल एपीयरेंस के सिवाये कुछ नहीं किया. 

काफ़ी बुरा लगा ये जानकर कि राम बन कर जिस अरुण गोविल ने दर्शकों का दिल जीता, उन्हें ही काम के लिये इतना के परेशान होना पड़ रहा है. 

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