Bollywood Famous Directors : एक फ़िल्म को बनाने में एक्टर से लेकर डायरेक्टर (Director) के अलावा भी कई चीज़ों का अहम रोल होता है. इसमें फ़िल्म की एडिटिंग भी शामिल है. वो एडिटर ही है, जो फ़ैसला लेता है कि मूवी के कौन से हिस्से को शामिल करना है और किस हिस्से को छोड़ना है. पहले अच्छी एडिट हुई फ़िल्मों का क्रेडिट उनके डायरेक्टर को दिया जाता था, पर अब ज़माना बदल गया है. क्योंकि ये सीक्वेंस शॉट्स को सेलेक्ट करने और उन्हें क्रम में लगाने की कला से कई ज़्यादा है, जो फ़िल्म की स्टोरी को और दिलचस्प व प्रभावशाली बनाते हैं. मौजूदा समय में तो डायरेक्टर ये काम एक्सपर्ट्स को दे देते हैं.

हालांकि, अतीत में ऐसे कई डायरेक्टर्स रहे हैं, जिन्होंने अपनी फ़िल्म ख़ुद एडिट की है. आइए आपको इन डायरेक्टर्स के बारे में बताते हैं. 

1. ऋषिकेश मुख़र्जी

ऋषिकेश मुख़र्जी 50 से लेकर 80 के दशक तक के बॉलीवुड के सबसे आइकॉनिक लेखक, प्रोड्यूसर, एडिटर और डायरेक्टर में से एक रहे हैं. उन्होंने बिमल रॉय की प्रोडक्शन कंपनी में एक प्रशिक्षु के रूप में शुरुआत की, जहां उन्होंने 1953 में फ़िल्म ‘दो बीघा ज़मीन’ को लिखने के साथ ही एडिट भी किया. कई मूवीज़ को एडिट करने के बाद उन्होंने अपना डायरेक्टर के रूप मं डेब्यू साल 1957 में आई फ़िल्म ‘मुसाफ़िर’ से किया और उसके बाद कई सुपर हिट फ़िल्में जैसे ‘गोलमाल’, ‘चुपके चुपके’, ‘गुड्डी’, ‘आनंद’ को डायरेक्ट और एडिट किया.  

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2. राज कपूर 

शोमैन कहे जाने वाले राज कपूर ने सबसे पहले प्रोडक्शन स्टूडियो में काम करना शुरू किया था. उन्होंने साल 1948 में अपनी पहली फ़िल्म ‘आग’ डायरेक्ट की. हालांकि, उन्होंने 70 से ज़्यादा फ़िल्मों में किया, लेकिन उनका रुझान प्रोडक्शन, डायरेक्शन और एडिटिंग में ज़्यादा था. उन्होंने 10 फ़िल्में डायरेक्ट की थीं , जिसमें से 6 को उन्होंने एडिट भी किया था. इनमें ‘प्रेम रोग’, ‘मेरा नाम जोकर’, ‘बॉबी’, ‘राम तेरी गंगा मैली’ और ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ शामिल हैं.  

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3. मनोज कुमार 

इस लिस्ट में बॉलीवुड के एक और मल्टी-टैलेंटेड पर्सनैलिटी मनोज कुमार का नाम शामिल है. वो एक्टर होने के अलावा प्रोड्यूसर, एडिटर, डायरेक्टर, लेखक और गीतकार भी थे. उन्होंने अपना ऑफिशियल डायरेक्टर के रूप में डेब्यू साल 1967 में आई फ़िल्म ‘उपकार’ से किया था. इसके बाद ‘शोर’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘क्लर्क’ और ‘जय हिन्द’ जैसी फ़िल्में आईं, जिनको उन्होंने डायरेक्ट करने के साथ एडिट भी किया.   

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4. विजय आनंद

गोल्डी के नाम से पहचाने जाने वाले विजय आनंद मानो फ़िल्मों को बनाने के लिए ही जन्मे थे. 20 साल की उम्र में उन्होंने 1954 में आई फ़िल्म ‘टैक्सी ड्राइवर‘ की स्क्रिप्ट लिखी. इसमें उनके भाई देव आनंद और चेतन आनंद ने काम किया था. इसके बाद 23 की उम्र में उन्होंने फ़िल्म ‘नौ दो ग्यारह’ से डायरेक्टर के रूप में डेब्यू किया था. बतौर एडिटर उनकी पहली फ़िल्म ‘काला बाज़ार‘ थी. इसके बाद उन्होंने ‘छुपा रुस्तम’, ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘ब्लैकमेल‘ समेत कई फ़िल्मों को एडिट किया. 

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5. फ़िरोज़ ख़ान

इस लिस्ट में एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर फ़िरोज़ ख़ान भी शामिल हैं. हालांकि, उन्होंने 70 से भी ज़्यादा मूवीज़ में काम किया है, लेकिन वो अपने डायरेक्टोरियल वेंचर्स जैसे ‘अपराध’, ‘धर्मात्मा’ और ‘क़ुर्बानी‘ के लिए भी जाने जाते हैं. इसमें उन्होंने ‘प्रेम अगन’, ‘जानशीन’, ‘दयावान’ समेत कई फ़िल्मों को एडिट भी किया था. 

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6. राजीव राय

प्रोड्यूसर गुलशन राय के बेटे राजीव राय याद हैं? वो 80s और 90s के हॉट-शॉट डायरेक्टर्स में से एक थे, जिन्होंने कई फ़िल्में बनाई थीं. उन्होंने अपना करियर डायरेक्टर और लेखक के रूप में शुरू किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी मूवीज़ भी एडिट करनी शुरू दी. इसमें मोहरा’, ‘गुप्त’, ‘प्यार इश्क़ और मोहब्बत’ शामिल हैं. 

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7. सुभाष घई

फ़ेमस बॉलीवुड के डायरेक्टर्स की बात करो और सुभाष घई का नाम ना आए, भला ऐसे कैसे हो सकता है? एक्टर के रूप में करियर शुरू करने वाले सुभाष ने बाद में डायरेक्शन की दिशा पकड़ ली थी. इसके अलावा उन्होंने कई फ़िल्मों को एडिट भी किया, जिसमें ‘कांची’, ‘ताल’, ‘यादें’ और ‘युवराज’ शामिल हैं. 

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इन डायरेक्टर्स ने कई आइकॉनिक फ़िल्मों को एडिट किया है.