2011 में अभिनेता फ़रहान अख़्तर की फ़िल्म 'ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा' दर्शकों को काफ़ी पसंद आई थी. फ़िल्म के साथ-साथ फ़रहान की एक कविता ने भी उनके चाहने वालों का दिल जीत लिया था. 'ज़िंदा हो तुम' कविता इतनी दमदार थी कि आज तक लोगों की ज़ुंबा पर चढ़ी हुई है.

आप सभी के इसी प्यार को देखते हुए फ़रहान उस कविता का दूसरा वर्ज़न लेकर आये हैं, ताकि लॉकडाउन के दौर में आपके चेहरे पर मुस्कुराहट आ सके. दरअसल, उन्होंने इंस्टाग्राम पर कविता सुनाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया है. फ़रहान कह रहे हैं कि

चेहरों पर अपने मास्क पहन रहे हो तो ज़िंदा हो तुम
हाउसपार्टी पे यारों से बात कर रहे हो तो ज़िंदा हो तुम
चीखों के झोकों से दूर रहना सीखो
भीड़ों में शामिल होने को नहीं कहना सीखो
हर इंसान से मिलो तुम बंद किए अपनी बाहें
हर पल एग्ज़िट साइन को तरसती दिखेंगी निगाहें
जो पॉकेट में सैनेटाइज़र रख रहे हो तो ज़िंदा हो तुम
चेहरों पर अपने मास्क पहने रहे हो तो ज़िंदा हो तुम!!!

फ़रहान की आवाज़ में पूरी कविता सुनने के लिये आपको ये वीडियो देखना चाहिये. अपनी कविता के ज़रिये फ़रहान मौज़ूदा हालात में लोगों से एहतियात बरतने को कह रहे हैं. गंभीर बात को उन्होंने इस कदर समझाया कि बस दिल क्या ज़िगरा भी उनका फ़ैन हो गया.

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