Happy Birthday Gulshan Grover: माना अच्छाई अच्छी होती है, पर बुराई भी इतनी बुरी नहीं होती. जिन्हें इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है, वो बॉलीवुड के ‘बैडमैन’ के सफ़र पर नज़र डाल सकते हैं.  

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बॉलीवुड में विलेन का किरदार निभाकर ‘बैडमैन’ का ख़िताब जीतने वाले गुलशन ग्रोवर (Gulshan Grover) का जन्म दिल्ली में हुआ था. उनके फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत फ़िल्म ‘रॉकी’ से हुई थी. इसके बाद उन्होंने ‘सदमा’ और ‘अवतार’ जैसी फ़िल्में की, जिससे उन्हें सिनेमाजगत में नई पहचान मिली. पर्दे पर खलनायक की भूमिका निभाने वाले गुलशान ने ‘राम-लखन’ में दमदार रोल अदा किया. इस फ़िल्म में उनके किरदार की काफ़ी तारीफ़ हुई और उन्हें ‘बैडमैन’ का ख़िताब मिल गया.

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संजय दत्त के एक्टिंग गुरु हैं गुलशन ग्रोवर  

आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि बॉलीवुड के ‘बैडमैन’ किसी ज़माने में अभिनेता संजय दत्त और सनी देओल के एक्टिंग गुरु थे. यानि बॉलीवुड के दोनों बेहतरीन अभिनेताओं ने एक्टिंग का क… ख… ग गुलशन ग्रोवर से सीखा है. सिर्फ़ संजय दत्त और संजय सनी देओल ही नहीं, बल्कि वो फ़िल्म इंडस्ट्री में कई लोगों के गुरु रह चुके हैं.  

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कैसे मिला फ़िल्मों में पहला ब्रेक  

महीनों पहले ‘द कपिल शर्मा शो’ के दौरान गुलशन ग्रोवर ने उनके पहले फ़िल्मी ब्रेक का ज़िक्र किया था. शो में उन्होंने बताया था कि वो कैसे संजय दत्त और सनी देओल को एक्टिंग सिखाया करते थे. उन्होंने बताया कि ‘वो, अनिल और दिवंगत मज़हर ख़ान और प्रोफ़ेसर रोशन तनेजा साहब के एक्टिंग स्कूल में साथी थे. स्कूल में एक्टिंग सीखते-सीखते उन्हें बतौर एक्टिंग टीचर नौकरी पर रख लिया गया.’

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गुलशन ग्रोवर ने बताया कि ‘उस टाइम पर अधिकतर स्टारकिड्स को लॉन्च किया जाता था. गोविंदा, संजय दत्त और सनी देओल उनके छात्र थे. एक्टिंग स्कूल में ही सुनील दत्त साहब की नज़र उन पर पड़ी और उन्हें फ़िल्म रॉकी में काम करने का मौक़ा दिया.’ यहीं से उन्हें उनका पहला फ़िल्मी ब्रेक मिला.

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गुलशन ग्रोवर अपने फ़िल्मी करियर में लगभग 400 फ़िल्मों में काम कर चुके हैं और वो काफ़ी समय तक बड़े पर्दे से दूरी बनाये हुए थे. लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने महेश भट्ट की फ़िल्म ‘सड़क 2’ से वापसी की थी.