ये न्यू इंडिया है. इसलिये 'न्यू इंडिया' अब 'सीक्वेल' पर ज़्यादा ध्यान देता है. अगर एक फ़िल्म हिट चली गई, तो फ़ौरन उसका 'सीक्वेल' बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है. भले ही वो 'सीक्वेल' चले न चले. पर अब बहुत हो गया और हम चाहते हैं कि कुछ फ़िल्मों के 'सीक्वेल' न बने तो ही बेहतर है. 

हम इन फ़िल्मों के 'सीक्वेल' बिल्कुल नहीं देखना चाहते: 

1. 'हाउसफ़ुल 4' 

'हाउसफ़ुल 3' तक तो बात ठीक थी, पर 'हाउसफ़ुल 4' बनाने की ग़लती क्यों की भाई? चलो अब तो देखी ली, लेकिन ग़लती से भी इसका अगला पार्ट बनाने की ग़लती नहीं करना. 

2. 'गोलमाल अगेन' 

फ़िल्म की स्टार कास्ट अच्छी थी. रोहित शेट्टी ने डायरेक्शन भी अच्छा किया, लेकिन 'गोलमाल अगेन' में कुछ कमी सी दिखी. इसके बाद इसका 'सीक्वेल' देखने की हिम्मत नहीं है. 

3. 'रेस 3' 

भाईजान बुरा नहीं मानना, पर रेस 3 बहुत ही बकवास फ़िल्म थी. मतलब अगर आप भाईजान के बहुत बड़े फ़ैन, तो ये फ़िल्म देख सकते हैं. वरना तो फिर हम क्या ही कहें. एक विनती है कि इसका 'सीक्वेल' बनाने की ग़लती नहीं करना. 

4. 'दबंग 3' 

'दबंग 3' के बारे में कुछ न ही बोलना बेहतर है. बस इतना कहेंगे कि इसका अगला पार्ट न आये. 

5. 'लव आज कल 2' 

सारा और कार्तिक की जोड़ी से उम्मीदें तो बहुत थीं, लेकिन अफ़सोस ये फ़िल्म झेली नहीं गई. इसका दूसरा पार्ट कतई नहीं आना चाहिये. 

आप बताओ हम सही कह रहे हैं या ग़लत? 

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