राजेन्द्र कुमार और राजेश खन्ना अपने ज़माने के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक थे. हिंदी सिनेमा में इन दोनों ही अभिनेताओं ने बहुत सी शानदार फ़िल्में की और दर्शकों का प्यार हासिल किया. आज अचानक इन दोनों का ज़िक्र बस यूंही नहीं, बल्कि किसी ख़ास वजह से हो रहा है. ये ख़ास वजह वो बंगला है, जिसे राजेंद्र कुमार ने राजेश खन्ना को महज़ 3.5 लाख रुपये में बेच दिया था. 

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क्यों बेचा था बंगला? 

1969 में राजेश खन्ना द्वारा ख़रीदे गये इस बंगले का नाम ‘आशीर्वाद’ रखा गया था. इस बंगले को ख़रीदने और बेचने की कहानी ‘Jubilee Kumar: The Life and Times of a Superstar’ नामक किताब में बयां की गई है. इस बुक के अनुसार, राजेश खन्ना ने राजेंद्र कुमार से ये बंगला इस उम्मीद से ख़रीदा था कि इसे लेने के बाद उनकी किस्मत चमक जायेगी. कमाल की बात ये है कि हुआ भी वैसा. 

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राजेंद्र कुमार का बंगला लेने के बाद राजेश खन्ना के करियर ने ग़ज़ब की उछाल मारी और हिंदी सिनेमा में उनका करियर बढ़ता चला गया. सीमा सोनिक एलीमचंद्र के अनुसार, राजेश खन्ना ने राजेंद्र कुमार से बंगला लेते हुए कहा था कि आपका करियर पहले से ही शानदार है, लेकिन मैंने अभी-अभी सिनेमा की दुनिया में कदम रखा है. अगर मैं आपका बंगला ख़रीदता हूं, तो मेरी किस्मत बदल जायेगी. आखिरकार ये बंगला ये एक बड़े स्टार का है. 

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बंगला ख़रीदने के कुछ ही समय के अंदर राजेश खन्ना ने ‘अराधना’, ‘इत्तेफ़ाक’ और ‘दो रास्ते’ जैसी सुपरहिट फ़िल्में दीं. इन फ़िल्मों ने न सिर्फ़ बहुत अच्छी कमाई की, बल्कि राजेश खन्ना को सुपरस्टार भी बना दिया. राजेश खन्ना के कहने के पर राजेंद्र कुमार ने उन्हें बंगला बेच दिया. हांलाकि, उनके लिये ये फ़ायदे का सौदा नहीं था. पर फिर भी उन्होंने राजेश खन्ना की ख़ुशी के लिये ऐसा कर दिया. राजेश खन्ना ने बंगले को किश्तों पर ख़रीदा था. राजेंद्र कुमार ने ये फ़ैसला परिवार को बिना बताये लिया था. इसलिये इसे लेकर घर पर काफ़ी क्लेश भी हुआ. 

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इतना ही नहीं, बंगला बेचने के बाद राजेंद्र कुमार की आर्थिक स्थिति ख़राब होती चली गई. वहीं दूसरी ओर राजेश खन्ना मानंद सागर, नरेश ब्रदर्स, मोहन कुमार जैसे बड़े लोगों के साथ काम कर रहे थे. रिपोर्ट के मुताबिक, राजेंद्र कुमार की पत्नी का कहना था कि उन लोगों ने ये बंगला 65 हज़ार में ख़रीदा था, जिसमें वो लगभग 10 साल रहे. पैसों की तंगी भी नहीं थी और फिर भी उन्होंने बंगला राजेश खन्ना को बेच दिया. 

2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद उनके परिवार ने ‘आर्शीवाद’ को 90 करोड़ में बेच दिया था, जिसे शशी किरण शेट्टी ने ख़रीदा था. 

सच में कुछ चीज़ें हमारे लिये लकी होती हैं, जिसे संजो कर रखना ज़रूरी होता है. 

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