सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स मामले में जबसे रिया चक्रवर्ती की गिरफ़्तारी हुई है तबसे बॉलीवुड दो हिस्सों में बंट गया है. एक हिस्सा जो रिया का सपोर्ट कर रहा है तो दूसरा हिस्सा रिया की गिरफ़्तारी से ख़ुश है. सभी लोग अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं. अब इसी कड़ी में आयुष्मान खुराना की पत्नी तहिरा कश्यप का भी नाम जुड़ गया है. इन्होंने बॉलीवुड में हो रही घटनाओं के बाद पितृसत्ता पर एक ओपन लेटर लिखा. 

Mid-Day के अनुसार, ताहिरा ने कहा,

वो रिया चक्रवर्ती की गिरफ़्तारी और इनके ख़िलाफ़ हो रहे ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन के बाद समाज में फैली पितृसत्ता के ख़िलाफ गुस्से की इस नई लहर को देखकर बौखला गई हैं. 
tahira kashyap opens up on need to smash patriarchy
Source: dnaindia

ताहिरा ने कहा, कैसे सभी महिलाओं को हर दिन समाज में पितृसत्तात्मक व्यवस्था का शिकार होना पड़ता है? उन्होंने हाल ही में उनके साथ हुआ एक क़िस्सा बताया,

जब एक रिश्तेदार ने उनसे उनके पति, अभिनेता आयुष्मान खुराना के लिए खाना परोसने के लिए कहा. ताहिरा ने कहा कि रिश्तेदार आयुष्मान को खाना परोसते देखकर बहुत प्रभावित थे. आयुष्मान की प्लेट में टिक्की देते समय वो फ़िसल गई, तभी उन्होंने कहा, बेटा तुम्हें अपने पति की ओर ध्यान देना चाहिए, उसे और साग दो. इससे पहले कि मैं प्रतिक्रिया दे पाती, मेरी मां ने जल्दी से उसकी प्लेट में दो और टिक्की रख दीं और मुझे बचा लिया. 
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मुझे इस बात पर गुस्सा आई कि मुझे अपने पति को साग खिलाने की क्या ज़रूरत है? इसलिए मैं गुस्से से बौखलाई उन रिश्तेदार के पास वापस गई और मैंने अपनी तरफ़ उन्हें घूमाया और कहा, वो आज मेरे लिए सालद बना है और मैंने उससे अपने लिए कुछ स्पेशल सर्विस की भी मांग की है. जब मैं उन्हें ये बोल रही थी मेरा मन हुआ कि मैं उनकी पैर की उंगली कुचल दूं, लेकिन ख़ुद को रोक लिया और वहां से चली गई. ताहिरा को डर था कि, उसे भी रिया की तरह कई नाम न दे दिए जाएं. आख़िरकार, ऐसे नामों से किसे गुज़रना पड़ता है. जैसे, विष कन्या, गोल्ड डिगर और 'बंगाली महिला'. इसलिए मैं नहीं चाहती कि वो मुझे मैं 'खुन की प्यासी' 'पंजाबी महिला' और पैर को कुचलने वाली बोले.

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Source: indiatvnews

ताहिरा ने एक और क़िस्सा सुनाया,

कुछ दिन पहले मैं, आयुष्मान, अपारशक्ति और आकृति एक प्रॉपर्टी देखने गए थे. हम सभी ने मिलकर पूरे परिवार के लिए पंचकूला में एक घर ख़रीदा है, जहां हम सब एक साथ रह सकें. इसलिए जैसे ही एजेंट ने चार्ट खोला हम सब देखने लगे कौन-सा रूम किधर जाता है. साथ ही सास-ससुर के लिए एक बड़ा मास्टर बेडरूम भी देख रहे थे. तभी एजेंट ने बिना मांगे एक सलाह दी, मेन किचन के साथ एक सर्विंग किचन भी होना चाहिए, जहां दोनों खुराना बहू को खाना पकाने और समय बिताने का मौक़ा मिले. इस बार ताहिरा ने अपनी प्रतिक्रिया को बिल्कुल नहीं छुपाया. 

मेरे गुस्से को देखकर आयुष्मान और अपारशक्ति ने एक चौंकाने वाला लुक दिया, लेकिन हम लड़कियां इतने उदार नहीं थे. इस बार मैं वास्तव में बहुत गुस्से में थी, जो मुझे लगता है कि उसने मेरी आंखों में देख लिया था. जैसे ही उसे लगा कि उसने कुछ ग़लत कहा, उसने तुरंत टॉपिक बदल दिया. अब जब मैं उससे मिलती हूं और किचन के लिए कुछ स्पेशल करने के बारे में पूछती हूं तो वो साफ़ मना कर देता है. मुझे लगता है कि वो नहीं चाहता कि मैं रसोड़े में जाऊं.

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ताहिरा ने उस उत्पीड़न और बेइज़्ज़ती को जिसे महिलाएं नकार देती हैं उसपर भी बात की. जब वो सिर्फ़ 12 साल की थीं, तब वो मंदिर गई थी. 'आप किसी सड़क के किनारे चलते रोमियो के भद्दी कमेंट को कैसे अनदेखा कर सकते हैं?' ये ग़लत है. चुप रहना, सहन करना ग़लत है. जैसे-जैसे मैं बड़ी हो रही थी और लड़कियों की तरह मैंने भी कई बार भद्दे कमेंट और घटिया हरकतों का सामना किया. चाहे वो सिंगल स्क्रीन थियेटर के बाहर कतार में खड़े हो ना हो या मंदिर की लाइन में शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का इंतज़ार करना और देखना कि शिवलिंग ने दूध पिया या नहीं.

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वो कहती है कि मैंने कभी इस चीज़ का अनुभव नहीं किया था कि लोग कैसे लाइन में लगी लड़की को गन्दी तरह से दबोचने की कोशिश करते हैं पर जब मैं 12 साल की थी उस टाइम मुझे ये अनुभव हुआ वो भी इतने पवित्र स्थान पर. अगर इस प्रवृति और गन्दी सोच रखने वाले लोगों को किसी ने बुलाया नहीं होता वहां तो मुझे कभी ये महसूस ही नहीं होता जो मैंने 12 साल की उम्र में महसूस किया था. 

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ताहिरा ने अपने लेटर को, रिया चक्रवर्ती की रिहाई की मांग कर रहे लोगों द्वारा चलाए जा रहे 'Smash The Patriarchy' पर ख़त्म किया. एक ही समाज में पितृसत्तात्मकता के अलग-अलग स्तरों पर हम में से बाकी लोगों के साथ क्या हो रहा है, इसके बारे में जानना थोड़ा मुश्किल है लेकिन इसे नज़रअंदाज़ नहीं कर इसलिए जब तक समाज में बराबर की भावना नहीं आती, तब तक, 'Roses Are Red, Violets Are Blue, Let’s Smash The Patriarchy, Me And You,'.

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