ये दुनिया चमत्कारों से भरी पड़ी है. दुनियाभर में आये दिन कोई न कोई चमत्कार होता ही रहता है. ये एक ऐसा शब्द है जिस पर हम कभी-कभी विश्वास तक नहीं करते, लेकिन असल में चमत्कार शब्द के बड़े मायने हैं. चमत्कार जब भी होते हैं ग़ज़ब के होते हैं, जिन पर विश्वास कर पाना मुश्किल हो जाता है. (Mike The Headless Chicken)

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ऐसा ही एक चमत्कार आज से 77 साल पहले सन 1945 में अमेरिका में भी हुआ था. इस बार चमत्कार एक मुर्गे के साथ हुआ था, जिसकी कहानी सुनकर आज लोग हैरान रह जाते हैं. क्या आप यकीन कर सकते हैं कि कोई मुर्गा बिना सिर के भी ज़िंदा रह सकता है, नहीं न! लेकिन ऐसा हो चुका है. अमेरिका में एक मुर्गा एक या दो दिन नहीं, बल्कि बिना सिर के पूरे डेढ़ साल (18 महीने) तक ज़िंदा रहा. क्यों यकीन नहीं हो रहा है न, लेकिन ये बात सौ फ़ीसदी सच है.

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बात 10 दिसंबर 1945 की है. मुर्गी फ़ार्म चलाने वाला लॉयड ऑलसेन (Lloyd Olsen) नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी क्लारा के साथ हमेशा की तरह मांस के लिए मुर्गों को काट रहा था. इस दौरान लॉयड मुर्गों का गला काटता जाता और पत्नी इनकी सफ़ाई करती जाती. इस दौरान गला कटने के चंद मिनटों में मुर्गे दम तोड़ रहे थे. लेकिन इनमें से Mike नाम का एक मुर्गा ऐसा भी था जो गला कटने के बाद भी इधर-उधर दौड़ रहा था. इसके बाद लॉयड ने उसे पकड़ कर एक डिब्बे में बंद करके रख दिया. (Mike The Headless Chicken)

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लॉयड ऑलसेन (Lloyd Olsen) को लगा मुर्गा थोड़ी देर बाद ख़ुद ब ख़ुद मर जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अगली सुबह जब उस ने डिब्बा खोला तो वो आश्चर्यचकित रह गया. ये मुर्गा अभी तक ज़िंदा था. ये अपने आप में एक अनोखी घटना थी, जिसकी ख़बर शहर में आग की तरह फ़ैल गई. इसके बाद दूर-दूर से लोग इसे देखने आने लगे. अख़बारों में इसकी तस्वीरें छपने लगीं. अब चारों तरफ़ बिना सिर वाले मुर्गे ‘Mike’ के ही चर्चे थे. इस दौरान ये ‘Miracle Mike’ के नाम से मशहूर हो गया. (Mike The Headless Chicken)

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दाना-पानी देने के लिए निकाला नायाब तरीका

माइक (Mike) नाम के इस मुर्गे की गर्दन तो कट चुकी थी ऐसे में मालिक लॉयड ऑलसेन (Lloyd Olsen) ने उसे ज़िंदा रखने और दाना-पानी देने के लिए एक नायाब तरीका निकाला. इस दौरान लॉयड ने एक आई ड्रॉपर की मदद से खाना सीधे ‘Mike’ के गले के अंदर डालने का फ़ैसला किया. लॉयड का ये आईडिया काम कर गया और माइक बिना सिर के भी 18 महीने यानी कि डेढ़ साल तक ज़िंदा रहा. (Mike The Headless Chicken)

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इन 18 महीनों में ये मुर्गा ‘Miracle Mike’ के नाम से अमेरिका में काफ़ी मशहूर हो गया था. इसकी एक झलक पाने के लिए लोग पैसे देने के लिए भी तैयार रहते थे. इस मुर्गे के पॉपुलरिटी को देखते हुए लॉयड ने इसके ज़रिए कमाई करने का फ़ैसला किया. इस दौरान ‘Mike’ को देखने के लिए 25 सेंट का प्रवेश शुल्क रखा गया. इस बीच ‘Mike’ को लॉयड के साथ कई कार्यक्रमों में बुलाया जाने लगा. लॉयड दंपत्ति उस मुर्गे के साथ शहर-शहर घूमने लगे और ‘Mike’ की वजह से वो हर महीने 45,00 डॉलर कमाने लगे. इन 18 महीनो में वो अमेरिका के लगभग हर शहर घूम चुके थे.

Mike The Headless Chicken

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कैसे हुई ‘Miracle Mike’ की मौत?

इस चमत्कारी ‘मुर्गे’ की मौत की कहानी भी काफ़ी दिलचस्प है. आख़िरी बार जब मिस्टर एंड मिसेज़ लॉयड एरिज़ोना के फ़ीनिक्स शहर की यात्रा पर थे. इसी ‘Miracle Mike’ की मौत हुई थी. शो के बाद वो रात को एक मोटेल में ठहरे हुए थे. इस दौरान लॉयड दंपत्ति को Mike के छटपटाने की आवाज़ सुनाई दी. दरअसल, उस रात वो उसे खाना खिलाना भूल गये थे और तभी उन्हें याद आया कि वो जिस ‘आई ड्रॉपर’ से Mike को खाना खिलाते थे उसे शो में ही भूल गए हैं. लॉयड दंपत्ति जब तक कुछ अरेंजमेंट कर पाते Mike ने दम तोड़ दिया था.

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आख़िर ये मुर्गा बिना सर के कैसे ज़िंदा रहा? 

दरअसल, ‘Miracle Mike’ का गला तो पूरी तरह से धड़ से अलग था, लेकिन गले की नस अब भी सुरक्षित थी. इसके अलावा माइक के सिर के कुछ भाग जैसे मस्तिष्क की नसें और एक कान अभी भी शरीर से लगे हुए थे. इस दौरान शरीर को ज़िंदा रखने के लिए मूलभूत कार्य जैसे सांस लेना, दिल धड़कना आदि पहले की तरह चल रहे थे जिसकी वजह से माइक 18 महीनों तक बिना सिर के भी जीवित रहा. अगर माइक के साथ ये हादसा नहीं होता तो वो कुछ साल और ज़िंदा रह सकता था.

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17 मार्च, 1947 को 23 महीने की उम्र में माइक (Mike) का निधन हो गया था. आज कोलोराडो के फ्रुइता शहर में ‘Mike’ की याद में उसकी एक बड़ी सी मूर्ति भी बनवाई गयी है. इसके अलावा Mike की स्मृति में फ्रुइता में हर साल जून के महीने में Headless Chicken Festival भी मनाया जाता है. इस मुर्गे पर Headless Mike नाम का एक गाना भी बन चुका है.