Queen Elizabeth II Necklace: ब्रिटेन की शाही गद्दी पर पिछले 70 सालों से आसीन महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) का 96 साल की उम्र में 08 सितंबर 2022 को निधन हो गया. उन्होंने स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल (Balmoral Castle) में अंतिम सांस ली. उन्हें Episodic Mobility नाम की एक बीमारी थी, जिस वजह से उन्हें चलने और खड़े होने में दिक़्क़त होती थी. महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के निधन से दुनियाभर में शोक की लहर है. हर कोई उनसे जुड़े पुराने क़िस्से या उनकी पुरानी फ़ोटोज़ समेत अलग-अलग़ तरह से उन्हें याद कर रहा है. 

बताया जाता है कि महारानी हैट्स की काफ़ी शौक़ीन थीं. उनके पास दुनियाभर की यूनिक ज्वेलरी का कलेक्शन भी था. इन कलेक्शन में 300 हीरों से जड़ा एक नेकलेस भी था, जिसका भारत से एक गहरा कनेक्शन है. आइए आज हम आपको इस बारे में बताते हैं. 

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कहां हुआ था महारानी एलिज़ाबेथ का जन्म?

इससे पहले आपको महारानी एलिज़ाबेथ के बारे में थोड़ी जानकारी दे देते हैं. उनका जन्म 12 अप्रैल 1926 को मेफ़ेयर, लंदन में हुआ था. वो ड्यूक और डचेस ऑफ़ यॉर्क की पहली संतान थी और उनकी शादी प्रिंस फ़िलिप माउंटबैटन से हुई थी. 9 अप्रैल 2021 को प्रिंस फ़िलिप का निधन हो गया था. 

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ऐसे बनी इंग्लैंड की महारानी 

सन 1952 की बात है. राजकुमारी एलिज़ाबेथ, प्रिंस फ़िलिप के साथ कॉमनवेल्थ टूर के तहत केन्या पहुंची थीं. वो केन्या के जंगलों में एक पेड़ पर बने मचान पर रह रही थीं. उसके पड़ोस में जिम कॉर्बेट भी रह रहे थे. दोनों परिवारों ने एक साथ पूरा दिन बिताया, सब कुछ सामान्य था. लेकिन उसी रात राजा जॉर्ज 6th चल बसे. जब वो महल में वापिस लौटीं, तब उन्हें ये ख़बर दी गई. जिम कॉर्बेट ने विज़िटर्स बुक में लिखा था- ‘दुनिया के इतिहास में पहली बार, एक युवती बतौर राजकुमारी पेड़ पर चढ़ी और अगले दिन महारानी बनकर उतरी- भगवान उन्हें ख़ुश रखे.

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कुछ ऐसा था भारत से कनेक्शन 

महारानी के पास 300 हीरों से जड़ा एक नेकलेस भी था. ये हार कोई मामूली नहीं था. महारानी को ये नेकलेस तत्कालीन भारत के निज़ाम उस्मान अली ख़ान उर्फ़ आसफ़ जाह अष्ठम ने उन्हें भेंट किया था. उस्मान अली उस दौरान दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार थे. दरअसल, 1947 में महारानी की शादी के दौरान उस्मान ने उन्हें शानदार तोहफ़ा भेंट करने का मन बनाया था. ये नेकलेस लोकप्रिय आभूषण कंपनी कार्टियर ने तैयार किया था. उन्होंने कंपनी को आदेश दिया था कि वो महारानी को कुछ ऐसा चुनने को कहें, जिसे उन्होंने पहले कभी ना देखा हो. 

अक्सर ज़्यादातर इवेंट में पहने देखा गया महारानी को ये हार 

मीर उस्मान अली ख़ान के आदेश के बाद कार्टियर कंपनी ने लंदन में महारानी को हार चुनने के लिए बुलाया था. इसके बाद उन्हें एक नेकलेस पसंद आया, जिसमें एक या दो नहीं, बल्कि 300 हीरे लगे हुए थे. ये एक प्लेटिनम पेंडेंट नेकलेस था, जिसके साथ मैचिंग इयररिंग्स भी थे. इसे उन्होंने अपने पूरे शासनकाल में पहनना जारी रखा. वो अक्सर इवेंट्स में इस हार को पहने नज़र आया करती थीं. इसकी क़ीमत लगभग 6.63 करोड़ ब्रिटिश पाउंड बताई जाती है.

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ब्रिटेन की डचेस ऑफ़ कैम्ब्रिज़ को भी दिया था उधार 

महारानी ने अपना ये हार डचेस ऑफ़ कैम्ब्रिज़ यानि केट मिडलटन को भी अपना ये हार पहनने दिया था. वो कई बार इस हार को पब्लिकली पहने नज़र आईं. उन्होंने सबसे पहले ये नेकलेस फ़रवरी 2014 में पहना था. इसी नैकलेस को पहने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तस्वीरें ब्रिटेन के नोटों और डाक टिकटों पर लगी हैं. यही नहीं महारानी ने अपने आधिकारिक पोट्रेट में भी इसे कैरी किया हुआ है. 

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महारानी को ये हार बेहद प्रिय था.