गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय

बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय.

गुरु की असली परिभाषा बताने वाली कबीर दास की इन दो पंक्तियों का मतलब जिस छात्र ने सीख लिया समझो उसका उद्धार हो गया. मां-बाप के बाद वो गुरु ही हैं जो हमें ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. भारत में हर साल 5 सितम्बर को टीचर्स डे मनाया जाता है ऐसे में हर कोई अपने अपने टीचर्स को याद करता है.

Source: hindustantimes

आज मैं गुरु के साथ-साथ उन लोगों को भी 'टीचर्स डे' की शुभकामनाएं देने जा रहा हूं. जिनसे मैंने हर वो चीज़ सीखी जो मैं अपने गुरु से नहीं सीख पाया-

मेरे ज़िंदगी के वो गुरु जिन्होंने मुझे एक अच्छा इंसान बनाने में मदद की.