इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है. अगर इंसान शिद्दत से किसी काम को करने में लग जाये, तो वो अपनी मंज़िल हासिल कर ही लेता है लेकिन जब कोई शख़्स शारीरिक रूप से फ़िट न हो तो उसके सामने कई सारी मुश्किलें आ जाती हैं.

ऐसे ही एक शख़्स हैं तमिलनाडु के रहने वाले आर. श्रीरामानुजम. 14 साल के श्रीरामानुजम दुनिया के पहले नेत्रहीन न्यूज़ रीडर बन गए हैं. वो कोयंबटूर के एक स्थानीय न्यूज़ चैनल 'लोटस न्यूज़' के एंकर हैं.

श्रीरामानुजम बचपन से ही नेत्रहीन हैं. बावजूद इसके उन्होंने इसे अपनी इस कमज़ोरी को अपनी सबसे बड़ी Strength बनाने में कामयाबी हासिल की. भले ही रामानुजम दुनिया देख नहीं सकते, लेकिन आज पूरी दुनिया में उनकी आवज़ गूंज रही है. वो अपने पहले बुलेटिन के लिए 22 मिनट तक लाइव रहे थे.

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श्रीरामानुजम एक ब्लाइंड स्कूल के छात्र हैं और साथ ही 'लोटस न्यूज़' के लिए एंकरिंग भी करते हैं. रामानुजम की छोटी उम्र से ही नेशनल, स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट की ख़बरों पर अच्छी पकड़ थी. वो खाली समय में न्यूज़ पढ़ने की प्रैक्टिस किया करते थे.

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The Hindu से बातचीत में श्रीरामानुजम ने कहा, 'जब मैंने पहली ख़बर पढ़ी, तो मैं डर से कांप रहा था लेकिन जब धीरे-धीरे न्यूज़ पढ़ने में आत्मविश्वास आने लगा. तो मैंने अपने आधे घंटे के स्लॉट में राष्ट्रीय, खेल और मनोरंजन की 30 ख़बरें को आसानी से पढ़ लिया'.

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PTI से बातचीत में चैनल के चैयरमैन G K S Selvakumar ने कहा कि एक नेत्रहीन बच्चे को एंकर के तौर पर प्रमोट करने के पीछे असल मकसद है ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को नेत्रदान के लिए जागरूक करना. ताकि श्रीरामनुजम जैसे अन्य टैलेंटेड बच्चे भी अपने सपनों को पूरा कर सकें.

श्रीरामानुजम आज उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो मुसीबतों की वजह से ज़िंदगी से उम्मीद छोड़ देते हैं.