कुछ ऐसी इमारतें जो अपनी ख़ूबसूरती के लिए जानी जाती हैं. जिन्हें पास से देखना सबका सबना होता है. मगर कभी आपने सोचा है कि जब ये बन रही होंगी तो ये इमारतें कैसी दिखती होंगी? क्या इनकी ख़ूबसूरती तब भी उतनी ही होगी जितनी बनने के बाद है, तो ये तस्वीरें आपकी दुविधा दूर कर देंगी.

Source: parisinfo

आज हम आपके लिए ऐसी ही कुछ इमारतों की बनने के समय की तस्वीरें लेकर आए हैं.

1. आइफ़िल टॉवर, पेरिस, फ़्रांस

आइफ़िल टॉवर, पेरिस की एक आइकॉनिक इमारत है. इसका निर्माण 1887 के पहले से शुरू हुआ था. इसका निर्माण 1887-1889 में शैम्प-दे-मार्स में सीन नदी के तट पर पेरिस में हुआ था. आइफ़िल टॉवर की रचना गुस्ताव एफ़िल ने की थी, इसलिए इसका नाम आइफ़िल टॉवर रखा गया. इसकी ऊंचाई 324 मीटर है. इसकी डिज़ाइन इंजीनियर Maurice Koechlin और Émile Nouguier ने बनाई थी. 

2. गोल्डन गेट ब्रिज, सैन फ़्रांसिस्को, कैलिफ़ोर्निया

गोल्डन गेट ब्रिज सैन फ़्रांसिस्को की पहचान बन चुका है और इसे ‘सिटी ऑफ़ गोल्डन गेट’ कहा जाता है. इसका निर्माण चार्ल्स डी. मार्शल और होवर्ड एच. मैकक्लिंटिक ने स्थापित बेथलेहम स्टील कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी मैकक्लिंटिक-मार्शल कंस्ट्रक्शन ने किया था. इसकी डिज़ाइन इंजीनियर जोसेफ़ स्ट्रॉस ने बनायी थी. 20वीं सदी में निर्मित दस सबसे महत्वपूर्ण इमारतों की सूची में गोल्डन गेट ब्रिज को दूसरा स्थान दिया गया है. इसका उद्घाटन 27 मई, 1937 को किया गया था. ये सैन फ़्रांसिस्को खाड़ी को प्रशांत महासागर से जोड़ता है, जिसकी लम्बाई 4200 फ़ीट है. इसे बनाने में 35 मिलियन डॉलर यानि भारतीय रुपये का 2,42,74,42,500 लगा था. इसे बनाने में पूरे 4 साल लगे थे और 11 मज़दूरों ने अपनी जान गंवा दी थीं.

3. स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी, न्यूयॉर्क, यूएस

स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी, अमेरिका के न्यूयार्क शहर के मैनहट्टन में ‘लिबर्टी द्वीप’ पर स्थित है. इसे फ़्रांसीसी मूर्तिकार फ़्रेडरिक अगस्त बार्थोल्दी ने डिज़ाइन किया था, जबकि इसका निर्माण “गुस्ताव आइफ़िल” ने किया था. इसे 4 जुलाई 1776 को अमेरिका की आज़ादी की याद में अमेरिकियों के लिए फ़्रांसीसियों की ओर से दिया गया एक तोहफ़ा था. इसे फ़्रांस से 350 टुकड़ों में बांटकर लाया गया था और 214 बक्सों में पैक किया गया था. अमेरिका पहुंचने के बाद इस स्टैच्यू के टुकड़ों को फिर से जोड़ने में 4 महीने लगे थे. 28 अक्टूबर, 1886 को तत्कालीन राष्ट्रपति “ग्रोवर क्लीवलैंड” ने हज़ारों दर्शकों के सामने “स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी” का अनावरण किया था. इसकी ऊंचाई 305 फ़ीट, 6 इंच है. इसका कुल वज़न 225 टन है. 1986 में मरम्मत के दौरान नई मशाल को 24 कैरेट सोने की पतली चादर से बनाया गया था. 

4. लिंकन मेमोरियल, वॉशिंगटन, डी सी, यूएस

ये स्मारक दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की याद में बनाया गया था, जिन्होंने अमेरिका में दास प्रथा खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी. इसका निर्माण 12 फरवरी, 1914 में शुरू हुआ था और ख़त्म 1922 में हुआ था. इसे बनाने में 300,00 डॉलर लगे थे. इसकी डिज़ाइन आर्किटेक्ट हेनरी बेकन और इसकी शिल्पकारी डेनियल चेस्टर फ़्रेंच ने की थी. ये स्मारक 27,336 स्कॉवयर फ़ीट में फ़ैला है. 

5. सिडनी ओपेरा हाउस, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया

सिडनी ओपेरा हाउस सिडनी, ऑस्ट्रेलिया का एक कला केंद्र है. ये 20 वीं शताब्दी की सबसे प्रसिद्ध और विशिष्ट इमारतों में से एक है. इसे डेनिश आर्किटेक्ट जोर्न ने डिज़ाइन किया था. इसके अलावा 32 अन्य देशों के आर्किटेक्ट ने भी इसमें अपना योगदान दिया. इससे बनाने में 102 मिलियन डॉलर लगे थे.

6. एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, न्यूयॉर्क सिटी, यूएस

न्यूयॉर्क शहर की ये सबसे बड़ी 102 मंज़िली गंगनचुंबी बिल्डिंग है. इसका निर्माण 1931 में पूरा हुआ था. ये अमरीका की दूसरी सबसे बड़ी इमारत और और दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी इमारत है. ये अमरीका की चौंथी सबसे बड़ी स्वतंत्र रूप से खड़ी इमारत है. एम्पायर स्टेट बिल्डिंग का नक्शा शर्वी, लेंब और हारमोन एसोसिएट्स नामक वास्तुकारों ने तैयार किया था. इसका निर्माण 410 दिनों में पूरा हुआ था. इसे बनाने में 40,948,900 डॉलर लगे थे.

7. Channel Tunnel Beneath The English Channel At The Strait Of Dover

19 वीं सदी में एक फ़्रांसीसी खनन इंजीनियर अल्बर्ट मैथ्यू-फ़ेवियर ने इंग्लिश चैनल के तहत एक सुरंग बनाने का प्रस्ताव रखा. हालांकि, इस प्रस्ताव पर काम 1979 में शुरू हुआ. ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने Privately Funded Project के विचार का समर्थन किया. इस पर दो साल बाद फ़्रेंच प्रेसिडेंट François Mitterrand ने सहमति देते हुए साथ में काम करने के लिए सहमत हुए. इसके निर्माण में 4.65 बिलियन डॉलर लगे थे. इसको 15,000 श्रमिकों ने मिलकर बनाया था, जिसमें से 10 श्रमिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था. ये सुरंग 50.45 किमी (31.35 मील) लंबी है. 

8. Hoover Dam Of The Colorado River, On The Border Between The U.s. States Of Nevada And Arizona

बोल्डर डैम के रूप में जाना जाने वाला, कोलोराडो नदी के ब्लैक कैनियन में बना आर्क-ग्रेविटी बांध है. Great Depression के दौरान निर्मित, हूवर डैम को बनने में 5 साल (1931-1936) का समय लगा. इसे हज़ारों श्रमिकों ने मिलकर पूरा किया था. ये 726.4 फ़ीट (221.4 मीटर) ऊंचा और 1,244 फ़ीट (379 मीटर) लंबा है.

9. मैनहट्टन ब्रिज, न्यूयॉर्क सिटी, यूएस

मैनहट्टन ब्रिज 1,470 फ़ीट (448 मीटर) लंबा, 336 फ़ीट (102 मीटर) ऊंचा पुल है जो लोअर मैनहट्टन को डाउनटाउन ब्रुकलिन से जोड़ता है. 1901 में टॉवरों के साथ इसका निर्माण शुरू हुआ और पुल 1912 तक बन गया था. इसके लिए 30,000 टन स्टील और लगभग 22 मिलियन डॉलर लगे थे.  

10. टॉवर ब्रिज, लंदन, द यूनाइटेड किंगडम

19 वीं शताब्दी में जब लोगों को लंदन ब्रिज और टॉवर ऑफ़ लंदन के बीच पुल की शिप के आना-जाने के लिए बंदरगाह को हटाना नहीं चाहते थे लेकिन एक ज़रिया चाहते थे आने-जाने का. तब इस समस्या को सुलझाने के लिए 1877 में एक कमेटी का गठन किया गया और इस नए पुल को निर्माण के लिए इंजीनियर सर जॉन वोल्फ़ बैरी और सर होरेस जोन्स को बुलाया गया. इसका निर्माण 1886 में शुरू हुआ और 8 साल बाद ख़त्म हुआ, जिसमें 432 निर्माण श्रमिकों के साथ, 70,000 टन से अधिक कंक्रीट, 11,000 टन स्टील और 2018 में 1,184,000 डॉलर (132 मिलियन डॉलर के बराबर) की लागत आई. ये पुल 213 फ़ीट (65 मीटर) लंबा है और नदी के पार 270 फ़ीट (82.3 मीटर) तक फैला हुआ है.

11. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, न्यूयॉर्क सिटी, यूएस

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का नाम आते ही 9/11 का वो हमला याद आता है, जिसने इसे पूरी तरह तबाह कर दिया था. आतंकवादियों ने दो बोइंग 767 को हाइजैक और नॉर्थ-साउथ टॉवर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था. इस हमले में 3000 लों की जानें ई थीं. इतिहास के पन्नों को पलटें, तो 5 अगस्त 1966 को हुआ था. इसे 4 अप्रैल, 1973 को खोला गया था. इसके ट्विन टॉवर्स कहा जाता है. इसका पहलाटॉवर 1,368 फ़ीट (417 मीटर) पर; और दूसरा 1,362 फ़ीट (415.1 मीटर) पर है.

12. New Shelter For Chernobyl Nuclear Power Plant In Chernobyl, Ukraine

25-26 अप्रैल 1986 में दो परमाणु ऊर्जा दुर्घटनाओं में से एक के लिए जाना जाता है. इस घटना में 31 लोगों की जान गई थीं और बचे हुए लोगों पर सका क्या प्रभाव पड़ा था, उसकी जानकारी नहीं है. इस दुर्घटना के प्रभाव को ख़त्म करने के लिए एक बड़ी परियोजना रिएक्टर 4 पर चर्चा की गई. इसे ‘The Sarcophagus’ के रूप में जाना जाता है. इसका काम दिसंबर 1986 में ख़त्म हो गया था. 

13. Ryugyong Hotel In Pyongyang, North Korea

Ryugyong Hotel, उत्तर कोरिया का सबसे प्रसिद्ध और बड़ा 105 मंजिला होटल है, जो 330.02 मीटर (1,082.7 फ़ीट) की दूरी पर स्थित है और इसे दुनिया की सबसे ऊंची गैर-निर्मित इमारत के रूप में वर्गीकृत किया गया है. इसका निर्माण का काम 1987 में शुरू हुआ था. हालांकि, उत्तर कोरिया के आर्थिक संकट के कारण, इसे कई बार रोका गया था. मिस्र की कंपनी ओरसकॉम ग्रुप से सौदे और वित्तीय सहायता के साथ, अप्रैल 2008 में इसका काम फिर से शुरू हुआ और अगले कुछ सालों के अंदर काम को पूरा कर लिया गया था. हालांकि, 2019 यानि अभी भी ये इमारत अधूरी और खाली है.

14. स्पेस नीडल, सीऐटल, वॉशिंगटन

ये सीऐटल का लैंडमार्क है. 184 मीटर (604 फ़ीट) लंबा स्पेस नीडल 1962 से 1969 तक सीऐटल और वॉशिंगटन राज्य की सबसे ऊंची इमारत थी. इसका टॉवर का वज़न 9,550 लघु टन (8,660 टन) है और इसे 200 मील प्रति घंटे (320 किमी/घंटा) की हवा और 9.0 तीव्रता तक के भूकंपों का सामना करने के लिए बनाया गया है. टॉवर का निर्माण 17 अप्रैल, 1961 को शुरू हुआ और 8 दिसंबर, 1961 को पूरा हुआ.

15. गेटवे आर्क, सेंट लुइस, मिसौरी, यूएस

दुनिया का सबसे ऊंचा आर्क, द गेटवे आर्क 630 फ़ीट (192 मीटर) की दूरी पर स्थित है और ये सबसे ऊंचा स्मारक है. सरकार की योजना के आधार पर इसे फ़िनिश-अमेरिकन वास्तुकार Eero Saarinen द्वारा डिज़ाइन किया था. 12 फरवरी, 1963 को इसका निर्माण शुरू हुआ और 28 अक्टूबर, 1965 को ख़त्म हो गया. 

16. बुर्ज ख़लीफ़ा, दुबई, यूनाइटेड अरब स्टेट

दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में बुर्ज ख़लीफ़ा शामिल हैं. इसकी ऊंचाई 828 मीटर (2,717 फ़ीट) है. ये 6 जनवरी 2004 को बनना सउरू हुआ था और 1 अक्टूबर 2009 को इसका काम ख़त्म हुआ था. इसे पूरा करने के लिए 1.5 बिलियन डॉलर का खर्च आया था. पहले इसका नाम बुर्ज दुबई रखा गया था, फिर बाद में इसका नाम संयुक्त अरब एमीरेट्स के राष्ट्रपति Khalifa bin Zayed Al Nahyan के नाम पर बुर्ज ख़लीफ़ा रखा गया.

17. माउंट रशमोर मॉडल

माउंट रशमोर नेशनल मेमोरियल, संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक है, जो किस्टोन, साउथ डकोटा के ब्लैक हिल्स में ग्रेनाइट फ़ेस में बने हैं. ये राष्ट्रपतियों जॉर्ज वाशिंगटन, थॉमस जेफ़रसन, थियोडोर रूज़वेल्ट, और अब्राहम लिंकन का प्रमुख स्मारक है. हर साल दो मिलियन से अधिक पर्यटक यहां आते हैं. इतिहासकार डोन रॉबिन्सन दक्षिण डकोटा में एक पर्यटनस्ठल बनाना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने मूर्तिकारों को मॉडल बनाने के लिए Gutzon Borglum को राज़ी किया. कांग्रेस द्वारा इस परियोजना को मंजूरी दिए जाने के बाद, नक्काशी 1927 में शुरू हुई और 1941 में ख़त्म हो गई. 

18. व्हीकल एसेंबली बिल्डिंग और लॉन्च कंट्रोल सेंटर (नासा), फ़्लोरिडा, यूएस

नासा के सिग्नेचर बिल्डिंग, द व्हीकल असेंबली बिल्डिंग फ़्लोरिडा, यूएस में स्थित है. इसकी ऊंचाई 160.3 मीटर, 526 फ़ीट है. ये दुनिया की सबसे बड़ी एकल-मंजिला इमारत है. इसका निर्माण 2 अगस्त, 1963 को शुरू हुआ, जब नासा ने VAB को डिज़ाइन करने और बनाने के लिए मॉरिसन-नुड्सन कंपनी को कमीशन दिया. ये इमारत 1966 में बनकर तैयार हुई थी. इसमें 30,000 क्यूबिक गज कंक्रीट की नींव है और 4,225 स्टील की छड़ें हैं.

19. वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट, वॉशिंगटन डी.सी., यूएस

वाशिंगटन स्मारक दुनिया का सबसे लंबा स्मारक है, जो 554 फ़ीट (169.046 मीटर) है. इसे राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन की याद में बनाया गया था. ये संगमरमर, ग्रेनाइट और नीले पत्थर से बना है. इसका निर्माण 1848 में शुरू हुआ था. ये 9 अक्टूबर, 1888 में बनकर तैयार हुआ था. 

20. द शार्ड, लंदन, द यूनाइटेड किंगडम

ये 95 मंज़िल की गगनचुंबी इमारत है. इसे इतालवी वास्तुकार रेनज़ो पियानो द्वारा डिजाइन किया गया था. ये 309.7 मीटर (1,016 फ़ीट) ऊंचा है. इस वजह से ये यूके की सबसे ऊंची इमारत है. इसका निर्माण काम फरवरी 2009 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2011 में यूरोपीय संघ का सबसे ऊंचा भवन बन गया. इसके बावजूद ये ढांचा अभी तक ख़त्म नहीं हुआ है. ये नवंबर 2012 में पूरा हुआ. 

ये थीं वो इमारतें जिन्हें देखने की आपको आरज़ू होगी या आपने देखा भी होगा. आज कुछ उनका इतिहास भी जान लीजिए. हमें बताइएगा कैसा लगा आपको इन इमारतों का इतिहास.