वैसे तो शहरों में हर रोज़ सौ डेढ़ सो ओपनिंग होती रहती है, लेकिन 2 मार्च को जो ओपनिंग हुई थी वो बेहद ख़ास थी, ये आयोजित हुई थी पश्चिम दिल्ली के कीर्ति नगर रमा रोड पर.

इस कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों ने भाग लिया था. सांसद मीनाक्षी लेखी(भारतीय जनता पार्टी), विधायक शिव चरन गोयल(आम आदमी पार्टी) को भी निमंत्रण भेजा गया था.

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बड़े-बड़े पोस्टर्स लगे थे, समारोह में मिठाईयां बांटी गई. पोस्टरों पर नरेंद मोदी, राहुल गांधी और अरविंद केजरिवाल की तस्वीर छपी हुई. अब आप सोच रहे होंगे कि ये कैसा समारोह था जहां इन तीनों की तस्वीर एक साथ लगी थी.

इनके पोस्टर्स पर एक स्लोगन लिखा था- तुम मुझे वोट दो, हम तुम्हें कीचड़, डेंगू और मलेरिया देंगे. ये समारोह सड़क पर खुले नाले की 'ख़ुशी' मनाने के लिए ओयोजित की गई थी. व्यवस्थापक की समझ से नेता ही इसकी वजह है.

इसके आयोजक थे तरुण भल्ला, उनका ऑफ़िस नाले के ठीक सामने है. तरुण कोई सामाजिक कार्यकर्ता नहीं है और न ही किसी राजनैतिक पार्टी या उसकी विचारधार से कोई संबंध रखते हैं. वो बस एक असंतुष्ट आम इंसान हैं, जो सभी पार्टियों से जवाब-तलब करना चाहते हैं.

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तरुण के अनुसार, उनके ऑफ़िस के सामने पिछले सात महीने से नाले का पानी और कीचड़ बह रहा है. बारिश के महीनों में सिवर सिस्टम ख़राब हुआ था तब से पानी सड़क पर बह रहा है और पूरा इलाका बदबू में सना हुआ है.

वो आगे बताते हैं कि सबके लिए काम करना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने सांसद, विधायक, ज़रूरी ऑफ़िस आदि सबके दरवाज़े खटखटाए, लिखित शिकायत दर्ज कराई लेकिन कहीं किस्मत ने साथ नहीं दिया.

प्रभावित इलाका नज़फगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में पड़ता है. यहां कई बड़ी-बड़ी फ़ैक्ट्रियां और शोरूम हैं, साथ ही साथ झुग्गियों में एक बड़ी आबादी भी बसती है.

NewsLaundry की रिपोर्ट के अनुसार, तरुण की कंपनियों में कई कर्मचारियों ने इस समस्या की वजह से काम करना छोड़ दिया. उनके ऑफ़िस के पास एक बड़ी कार कंपनी का शोरूम था लेकिन घटते ग्राहक की वजह से शोरूम का पता बदल दिया गया.

तुरुण भल्ला के अनुसार, उनको यही आखिरी रास्ता सूझा, लोग घुटनेभर कीचड़ में उतर कर रोड से गुज़रते हैं, इसलिए कुछ करना ज़रूरी हो गया था.

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हालांकि, भल्ला ने विरोध करने के लिए पहले पोस्टर्स का रास्ता नहीं चुना था, इससे पहले उन्होंने अपनी गाड़ियां कीचड़ में ही पार्क करनी शुरू कर दी और ऑफ़िस गमबूट्स पहन कर जाने लगें, ऐसा कुछ महीनों तक चला.

इस बीच तरुण प्रभावित इलाके की तस्वीर और वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर अपलोड करते रहते थे और उसमें विधायक, सांसद को टैग करते रहते थे. जब कुछ जवाब नहीं आया, तब उन्होंने पोस्टर बनाने का फ़ैसला लिया.

'मैंने तीन बड़े पोस्टर्स बनाने का फ़ैसला लिया जो तीन पार्टियां- भाजपा, आप, कांग्रेस का प्रतिनिधत्व करेंगे और तीनों के ऊपर एक ही स्लोगन लिखा होगा. सभी पार्टियां एक जैसी ही हैं, कोई पावर में आ जाए फ़र्क नहीं पड़ता'

- तरुण भल्ला

पोस्टर बनावाने के आइडिया के बारे में तरुण बताते हैं कि उन्होंने इसी इलाके में आम आदमी पार्टी का पोस्टर देखा था जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने इलाके में कुछ शौचालय बनवाए हैं. तब मैंने इलाके की साफ़-सफ़ाई की असली तस्वीर सामने लाने का फ़ैसला लिया.

इन पोस्टरों के साथ 30 इन्विटेशन कार्ड भी छपवाए गए थे. जो विधायक, सांसद, PWD के इंजीनियर आदि को भेजे गए थे. इन्विटेशन कार्ड के ऊपर एक QR Code भी छपा था, जिसको स्कैन करने पर नाले का लोकेशन फ़ोन में मिल जाता. हालांकि, कोई भी हाई-प्रोफ़ाइल मेहमान आयोजन स्थल पर नहीं दिखा.

आयोजन का उद्घाटन तरुण की 11 साल की बेटी ने रिबन काट कर किया. तरुण ने बताया कि वो कीचड़ में उतरने से पहले झिझक रही थी, फिर उसे समझाया 'किचड़ साफ़ करने के लिए किचड़ में उतरना पड़ेगा न'.

देखते ही देखते काफ़ी संख्या में लोग इकट्टा हो गए, उनके बीच लड्डू बांटे गए. सब तस्वीर खींच रहे थे और वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे.

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कार्यक्रम के आधे घंटे के भीतर घटनास्थल पर PWD के अधिकारी पहुंच गए, इलाके की जांच-पड़ताल की गई, थोड़ देर बाद सफ़ाईकर्मी और ट्रक भी पहुंच गए और सफ़ाई की शुरुआत हो गई. जो सफ़ाई पिछले सात महीने से नहीं हुई थी, वो एक घंटे में हो गई. पानी के निकलने की व्यवस्था कर दी गई, कचड़े को सड़क के किनारे लगा दिया गया और सोमवार को पोस्टर भी हटा दिया गया.