शौक़ है दीदार है तो नज़र पैदा कर…

देखने वालों की नज़र पर ही निर्भर करता है कि वो किसी चीज़ को ख़ूबसूरत देखना चाहता है या नहीं. उसी तरह से कोई चीज़ ग़लत है या सही, ये भी देखने वाले की नज़र पर ही निर्भर करता है. साल बीतने में कुछ दिन बाक़ी है. गहमा-गहमी वाले इस साल में भी हमने बहुत कुछ देखा. इतना कुछ जो शायद हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा.

हमने इकट्ठा की है 2017 की कुछ ऐसी तस्वीरें जो अपनेआप ही कहती हैं बहुत कुछ:

1. Elphisntone ब्रिज पर मची भगदड़

कसूर किसका था, जनता, सरकार या फिर बाबा आदम के ज़माने के इस ब्रिज का?

2. भीख में उसे ज़िन्दगी नहीं मिली. जमशेदपुर के पास की है घटना.

इनकी ग़लती बस इतनी थी कि ये एक गांव से गुज़र रहे थे. गांववालों ने इन्हें बच्चा-चोर समझ लिया. इस तस्वीर से साफ़ हो गया कि इंसान से बेहतर तो जानवर हैं. ये जमशेदपुर के पास की घटना थी.

3. इनका कुसूर, ये अपने साथ गाय ले जा रहे थे. झारखंड की घटना.

झारखंडे के लातेहार में इन दोनों की निर्दयी हत्या कर दी गई. इल्ज़ाम? गौ-हत्या का. इन दोनों में से एक स्कूल जाने वाला एक छात्र था. ये दोनों गाय नहीं, बैल बेचने ले जा रहे थे.

4. 15 साल के जुनैद को ट्रेन के अंदर चाकू से गोद-गोदकर मार दिया गया. उसकी ग़लती, उसने टोपी पहनी थी

उसकी टोपी के लिए उसका मज़ाक उड़ाया गया. उसे गौ-मांस खाने वाला बोलकर मार डाला गया. वो मांसाहारी भी नहीं था. जुनैद सिर्फ़ 15 साल का था. 

5. पिता की मृत्यु पर आंसू बहाती कश्मीरी लड़की. उसके पिता पुलिस अफ़सर थे

किसी का दर्द बयां करने के लिए सिर्फ़ एक तस्वीर ही काफ़ी है. ज़ोहरा के पिता को Militants ने मार दिया. कश्मीर में कई मासूमों की जान रोज़ाना जाती है. लेकिन ज़ोहरा की इस तस्वीर ने सबको तोड़कर रख दिया.

6. पद्मावती… नाम ही काफ़ी है.

हम क्या ही कहें, सब तो आप लोग जानते ही होंगे. 

7. प्रद्युमन ठाकुर.

Ryan International School में पढ़ने वाले इस बच्चे की मौत पर बहुत राजनीति हुई. स्कूल की लापरवाही का नतीजा बच्चे ने भुगता.

8. असम के इस शिक्षक ने बेशर्मी की कर दी थी सारी हदें पार.

बच्चियों के साथ ऐसा जघन्य व्यवहार करने वाला इस शिक्षक को जेल हुई.

9. बीआरडी अस्पताल, जहां हुई कई मासूमों की मौत… अस्पताल आज भी चल रहा है.

ऑक्सीजन की कमी से गोरखपुर के इस अस्पताल में कई बच्चों की मौत हुई. 

10. आधार कार्ड ना होने के कारण नहीं मिला राशन. 11 साल की संतोषी की हो गई मौत.

11 साल की संतोषी को भूखे मरना पड़ा. क्योंकि उसका राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक्ड नहीं था.

11. भूख से मरते इस Polar Bear का वीडियो तो हाल ही में देखा होगा आपने.

Arctic की बर्फ़ तेज़ी से पिघल रही है और वहां के Polar Bear भूखे मर रहे हैं.

12. पत्थरबाज़ थी लेकिन हिंसा छोड़ पकड़ी फ़ुटबॉल की राह.

उसने पत्थर उठाये थे. लेकिन बाद में चुना खेल और अहिंसा का रास्ता. ये है बदलाव.

13. मां-बेटे का इस चित्र पर भी लोग लांछन लगाने से बाज़ नहीं आए.

मां-बेटे का अनमोल रिश्ते को लज्जित करने वालों को शर्म आनी चाहिए. 

14. नाम याद नहीं, तस्वीर तो याद होगी.

कश्मीर की ये तस्वीर, अपनेआप में बहुत कुछ कहती है.

15. इंसान और जानवर के प्रेम का अमूल्य चित्र.

इंसान और जानवर के प्रेम की ये मार्मिक तस्वीर बहुत कुछ कहती है. ये बुढ़ी Chimpanzee मर रही थी, लेकिन मरने से पहले अपने दोस्त को देखकर इसका चेहरा खिला उठा.

16. धरती का तापमान बढ़ रहा है और सबूत है Antarctica की पिघलती बर्फ़.

तेज़ी से पिघलती Antarctica की बर्फ़, क्या इसकी वजह हम सब नहीं?

17. रोहिंग्या को गरियाने वालों, उन सब का बस एक सवाल है कि आख़िर उनका कसूर क्या है?

रोहिंग्या मुसलमान. आप उनके बारे में जो भी सोचते हों, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं कि कल ऐसा आपके साथ भी नहीं होगा.

18. पटाखों से ख़ुशियां नहीं ख़रीदी जाती, Smog मुफ़्त में ज़रूर मिल जाता है.

दिल्ली का स्मॉग. इस बारे में कुछ ना कहना ही बेहतर है.

19. प्लास्टिक के ढक्कन के चारों तरफ़ ही बड़ी हो गई मछली.

Canada की ये तस्वीर. जल प्रदूषण का इससे बड़ा सबूत क्या होगा भला कि कोई मछली प्लास्टिक के ढक्कन के चारों तरफ़ ही बड़ी हो जाए.

20. मरने को छोड़ दिया मासूम को, फ़रिश्ते ने बचाई थी ज़िन्दगी.

इस देश में अब भी बेटियों को पढ़ाना तो दूर, बचाया भी नहीं जाता. भोपाल में कुछ दुराचारियों ने फ़ेंका था इस नवजात बच्ची को, बचा लिया कुछ नौजवानों ने.

21. इस साल दुनिया के कुछ लोगों ने देखा पूर्ण सूर्य ग्रहण.

इस साल दुनिया के कुछ हिस्सों में दिखा था पूर्ण सूर्य ग्रहण. गज़ब की है ये तस्वीर!

22. इस साल चंडीगढ़ ने भी बाढ़ झेली.

देश के सबसे व्यवस्थित शहर को भी इस साल बाढ़ झेलनी पड़ी. वाह रे Modernisation!

23. बेंगलुरु की झील में पानी नहीं, है तो सिर्फ़ झाग.

बैंगलुरू की Bellandur झील में प्रदुषण के कारण लग चुकी है आग. क्या सरकारी अधिकारी अंधे हो गए हैं?

24. किसानों की आवाज़ कोई सुनता क्यों नहीं?

क्या किसानों की आवाज़ की इस देश में कोई क़ीमत नहीं. कई महीनों से तमिलनाडु के किसान दिल्ली में अपने हक़ को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

25. दाना मांझी अगर याद नहीं तो गूगल कर लो.

उड़िसा के दाना मांझी ने 12 किलोमीटर तक अपनी पत्नी के शव को अपने कंधों पर उठाया. क्या देश के अस्पताल इतने निर्दयी हो गए हैं कि किसी को शव को ले जाने के लिए ऐंबुलेंस तक नहीं दे सके? 

26. पानी से सराबोर हो गये थे उत्तर-पूर्वी भारत के कई राज्य.

असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में इस बाढ़ ने मौत का तांडव किया.

27. प्यार ना उम्र देखती है और ना ही शारीरिक संरचना.

GMB Akash की कई बेहतरीन तस्वीरों में से एक थी ये तस्वीर. 

28. बलात्कारी बाबा जेल जाकर भी बना कईयों की मौत की वजह.

राम रहीम ख़ुद को इंसान कहता है. उसकी कोर्ट में पेशी होने के दौरान पंचकुला में लाखों की भीड़ इकट्ठा हुई. उसे जैसे ही सज़ा हुई भीड़ हिंसात्मक हो गई. ना प्रेस वालों को छोड़ा ना ही पुलिस को. कईयों की जानें भी गई. पंचकुला की ये आग दिल्ली तक पहुंच गई थी.

29. यमन की Buthaina

यमन में अमन नहीं है. बुथैना की ये तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ कह रही है. वो जिस अपार्टमेंट में रहती थी उस पर हवाई हमला हुआ. हमले में बुथैना के परिवार के सभी लोग मारे गए. 

30. बाढ़ के पानी में खड़ा ये जवान, देशभक्ति नहीं कई प्रश्न भी खड़े करता है.

इनकी देशभक्ति देखकर ये कह सकते हैं कि नहीं कुछ अच्छा भी है इस दुनिया में. पर कई सवाल भी खड़ी करती है ये तस्वीर? क्या हम अपने सैनिकों के लिए भी कुछ नहीं कर सकते?

गालियों के लिए कमेंट बॉक्स है ही. हो सके तो ज़रा ठंडे दिमाग़ से सोचना की आख़िर इंसानियत गई कहां?