केरल के अलापुझा में मुस्लिम समुदाय ने धार्मिक एकता की मिसाल पेश की है. ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब कोई हिन्दू जोड़ा मंदिर के बजाय किसी मस्जिद में शादी करे. लेकिन अलापुझा में मस्जिद मंत्र भी पढ़े गए और जोड़े ने सात फ़ेरे भी लिए.

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दरअसल, अलापुझा की 'चेरावली मुस्लिम ज़मात मस्जिद' ने एक हिंदू जोड़े अंजू-शरत की शादी हिन्दू रीति-रिवाज से करवाई. इस दौरान मस्जिद कमेटी द्वारा शादी में आए 1000 मेहमानों के लिए शाकाहारी खाने का भी इंतजाम किया गया था.

शादी कराने के पीछे है नेक मक़सद

मस्जिद कमेटी ने बताया कि दुल्हन अंजू का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है. 2 साल पहले पति की मौत के बाद अंजू की मां बिंदु के पास कोई सहारा नहीं था. 22 वर्षीय अंजू की मां ने जब हमसे मदद मांगी तो हम इस नेक काम के लिए तुरंत राजी हो गए. हमने अपना फ़र्ज़ निभाते हुए दुल्हन को तोहफ़े में सोने के 10 सिक्के और 2 लाख रुपए भी दिए हैं.

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पिछले 2 सालों से बिंदु आर्थिक तंगी में जी रही हैं. वो अपने 3 बच्चों के साथ किराए के एक मकान में रहने को मज़बूर हैं. बेटी की शादी के लिए पैसे नहीं थे पास ही स्थित 'चेरावली मुस्लिम ज़मात मस्जिद' के सेक्रेटरी ने अंजू की शादी की ज़िम्मेदारी उठाई. बिंदु ने भी धार्मिक जंज़ीरों को तोड़ते हुए मस्जिद कमेटी से मदद मांगने में कोई झिजक नहीं दिखाई.
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PTI से बातचीत में 'चेरावली मुस्लिम ज़मात मस्जिद' के सेक्रेटरी नुजुमुद्दीन अलुममुट्टिल ने साथ ही कहा कि हम इस परिवार की छोटी बेटी की पढ़ाई का पूरा ख़र्चा भी उठा रहे हैं.

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केरल के सीएम पिनरई विजयन ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए नवविवाहित जोड़े को और उनका साथ देने वाले लोगों को भी बधाई दी-

केरल ने हमेशा से ही सांप्रदायिक सौहार्द्र का शानदार उदाहरण पेश किया है. ये शादी उस वक्त हुई है, जब धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है. केरल एक है और हमेशा एक रहेगा.