फु़टपाथ पर सामान बेचकर अपना पेट भरते बच्चों को देखकर हर किसी के मन में दया ज़रूर आती होगी. लेकिन बहुत कम ही लोग होते हैं, जो इन बच्चों का जीवन संवारने के लिए आगे बढ़कर कुछ करते. अहमदाबाद ट्रैफ़िक पुलिस अपनी 'पुलिस पाठशाला' के ज़रिए ऐसे ही बच्चों का जीवन संवारने में लगी हुई है.

Source: ANI

गुजरात की अहमदाबाद ट्रैफ़िक पुलिस ये नेक काम पिछले 1.5 साल से कर रही है. इनकी पुलिस पाठशाला में करीब 200 बच्चे पढ़ रहे हैं. फ़िलहाल पुलिस पाठशाला के तीन सेंटर्स हैं, जो अहमदाबाद के कनकारिया, दानीलिमड़ा और पकवान गली ट्रैफ़िक पुलिस चौकी में चल रहे हैं.

Traffic police school
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इन सेंटर्स पर न सिर्फ़ बच्चों को मुफ़्त शिक्षा बल्कि उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए साधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं. इस बारे में बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा- 'हम बच्चों को सेंटर्स तक लाने के लिए साइकिल रिक्शा भेजते हैं. बच्चों को पढ़ाई के दौरान खाना भी दिया जाता है.'

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अहमदाबाद पुलिस के ट्रैफ़िक डीसीपी अंकित पटेल ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि इस पाठशाला का मकसद ग़रीब बच्चों को शिक्षित करना और उन्हें एक बेहतर जीवन प्रदान करना है.

उन्होंने कहा- 'हम इन बच्चों की लाइफ़ में परिवर्तन लाना चाहते हैं. क्योंकि अकसर फ़ुटपाथ पर रहने वाले बच्चे अपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं. इसलिए इन्हें बेहतर जीवन देने के लिए इन्हें शिक्षित करने के बारे में सोचा.'

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उन्होंने ये भी बताया कि, इन सेंटर्स पर बच्चों को प्राथमिक शिक्षा देने के बाद उनका दाखिला रेगुलर स्कूल में करवाया जाता है.

सच में अहमदाबाद ट्रैफ़िक पुलिस बहुत ही नेक काम कर रही है. क्योंकि शिक्षा से ही ग़रीबी को हराया जा सकता है.