हाल ही में बंगाल की एक बेटी रस्मों को तोड़ कर ये कहते हुए विदा हुई कि 'माता-पिता का ऋण कभी नहीं उतारा जा सकता'. नवविवाहित का ये वीडियो सोशल मीडिया पर ख़ूब शेयर किया गया और चारों ओर उसकी प्रशंसा भी हुई. एक बार फिर से कोलकाता की एक शादी रीति-रिवाजों को लेकर सुर्ख़ियों में है, लेकिन इस बार बात दुल्हन की नहीं, बल्कि उसके पिता की हो रही है.

अब सोशल मीडिया पर शेयर हो रही शादी की इस तस्वीर पर नज़र डालिये.

आम शादी की तरह इस शादी के रस्म-रिवाज पुरुष पंडित नहीं, बल्कि महिला पंडित द्वारा निभाए जा रहे हैं. इस दौरान शादी में एक ट्विस्ट आता है और दुल्हन के पिता बेटी का कन्यादान करने से इंकार कर देते हैं. हांलाकि, उनके ऐसा करने की वजह भी काफ़ी ख़ूबसूरत है. दरअसल, उनका कहना था कि बेटी कोई प्रॉपर्टी नहीं है, जो उसे किसी को दे दिया जाए.

बस फिर क्या, ट्विटर के महारथियों की प्रतिक्रियाएं देखिए:

लड़की के पिता की इस फ़ैसले की ख़ूब तारीफ़ हो रही हैं. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तस्वीर को अस्मिता घोष ने शेयर किया था और दो महिला पंडितों में से एक की पहचान कोलकाता की पुजारी नंदिनी भौमिक के रूप में की गई है.

सच में अगर ऐसे ही हम अपनी सोच में बदलाव लाते रहे न, तो इस देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता.