मैं हमेशा की तरह बस से अपने घर कानपुर जा रही थी. ऑफ़िस से निकल कर सीधे कश्मीरी गेट पहुंची और टिकट लेकर चुप-चाप खिड़की वाली एक सीट पकड़ ली. रात का सफ़र था और थकी हुई भी थी, इसलिए मैं बस सोना चाहती थी.

कुछ देर बाद मेरे बगल वाली सीट पर तक़रीबन 45 से 50 साल की एक महिला आकर बैठीं. थोड़ी ही देर में पूरी बस भर गई और कश्मीरी गेट से रवाना हो गई. बस चलते ही मुझे नींद आ गई.

मुझे सोए हुए कुछ देर ही हुई होगी कि बगल में बैठीं महिला ने मुझे नींद से जगाया और कहा,

बेटा, ज़रा देखना मेरी ये फ़ोटो व्हाट्सप्प से जा क्यों नहीं रही है?

अपनी नींद ख़राब कर मैं ये सोचने लगी कि इतनी रात को इन्हें किसको व्हाट्सअप करना है. जब आंटी ने जगाया उस वक़्त मैं बेहद नींद में थी. मुझे ऐसे लोग ज़रा भी पसंद नहीं, जो सफ़र के दौरान परेशान करते हों.

ख़ैर, मैंने उनका वॉट्सऐप खोला और देखा कि वो 'Baby' को अपनी फ़ोटो भेजने की कोशिश कर रही थीं. उस वक़्त मेरे दिमाग में यही आया कि कितना अच्छा है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी वो अपने पति से एकदम नए कपल की तरह बात कर रही हैं. अपने ख़्याल अपने तक रख कर, जैसे ही दोबारा सोने की कोशिश करने लगी, वो बोलीं,

ये मेरा Boyfriend है. बड़ी चिंता करते हैं मेरी. देखना चाह रहे थे कि मैं आराम से बैठ गई हूं या नहीं. तुम्हें परेशान करने के लिए माफ़ी चाहती हूं बेटा.

उनकी ये बात सुनते ही मेरी नींद उड़ गई. जिस Baby को मैं उनका पति समझ रही थी वो उनका बॉयफ्रेंड निकला. बस फिर क्या था मेरे मुंह से भी निकल गया 'ये आपके बॉयफ़्रेंड हैं, मतलब आप शादी-शुदा नहीं हैं...? इस पर वो मुस्कुराकर बोलीं, नहीं मेरा तलाक़ हो चुका है. मुझे तलाक़ लिए 15 साल हो गए हैं.

इस दौरान उन्होंने मुझे बताया कि कैसे वो 3 महीने पहले अपने एक दोस्त के ज़रिए रजत से मिलीं. हालांकि, उनको रजत से कोई पहली नज़र वाला प्यार जैसा नहीं हुआ था, लेकिन रजत उनसे कहते हैं कि वो उन्हें वो पहली नज़र में ही भा गई थीं.

रजत के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की काफ़ी साल पहले एक दुर्घटना में मौत हो गई थी. तब से वो और उनका बेटा ही उनका परिवार है. जैसे-जैसे बस आगे बढ़ रही थी, मेरी और आंटी की बातें भी चरम पर पहुंचने लगीं.

उन्होंने आगे कहा,

मुझे कभी नहीं लगा था कि रजत जैसा कोई मेरी ज़िंदगी में भी आएगा. मेरी शादी कुछ ख़ास अच्छी नहीं रही थी और सच पूछो तो मैंने ऐसा कुछ सोचा भी नहीं था. देखो बेटा, न तो मेरा कोई बच्चा है और न ही अब मेरे मां-बाप रहे. मेरे लिए ज़िंदगी बस कट कट रही है. लेकिन रजत ने मेरे जीवन की रुकी हुई गाड़ी को आगे बढ़ाया है.

रजत के बारे में बात करते वक़्त, मैं आंटी की आंखों में एक चमक देख पा रही थी. वो बता रही थीं कि कैसे अब वो हर सुबह एक मुस्कान के साथ उठती हैं. कैसे एकदम सहजता से रजत ने उनकी छोटी सी दुनिया में अपनी एक जगह बना ली. उनकी हर ख़ुशी रजत से जुड़ गई हैं. बात करते वक़्त ऐसा कोई पल नहीं होगा जब उन्होंने रजत का नाम न लिया हो.

वो मुझे बता ही रही थीं कि वो दोनों शादी करने के बारे में भी सोच रहे हैं. बातों-बातों में पता ही नहीं चला कि उनका स्टॉप कब आ गया. कुछ देर बाद आंटी बस से उतर गईं. उनके चले जाने के बाद भी मेरे मन ने उनका ही ख़्याल आता रहा.

मैं बस यही सोच रही थी कि हर व्यक्ति प्रेम से जीना चाहता है, महसूस करना चाहता है. लेकिन असल में प्रेम को जीना या उसके बारे में सहजता से बात करना कितना मुश्किल है. ये कितनी अजीब बात है कि हम सब इस समाज में प्रेम कर सकने के लिए जूझ रहे होते हैं.

Awesome Designs by- Muskan Baldodia