भारत दुनियाभर में अपने प्राचीन इतिहास और संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि अपने प्राकृतिक संसाधनों के लिए भी जाना जाता है. किसी दौर में 'सोने की चिड़िया' कहलाने वाला भारत आज भी अपनी कई चीज़ों के लिए दुनियाभर में मशहूर है. भारत में बनी कई वस्तुएं आज दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल की जाती हैं, लेकिन हमें इसके बारे में जानकारी ही नहीं है.

आज हम आपको 8 ऐसी ही 'मेड इन इंडिया' वस्तुओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें भारत अन्य देशों को निर्यात करता है-

1. आंवला जूस

भारत के तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल राज्य में आंवले की सबसे अधिक पैदावार होती है. देश में यूं तो आंवले से अचार से लेकर मुरब्बा तक बनाया जाता है, लेकिन भारत आंवले का जूस ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल जैसे देशों को निर्यात करता है.

Source: thebetterindia

2. बॉडी आर्मर

भारत में 'बॉडी आर्मर' का इस्तेमाल राजा महाराजाओं के दौर से होता आ रहा है. आज भी कई देशों की सेनाएं युद्ध के दौरान इस तरस के बॉडी आर्मर का इस्तेमाल करती हैं. यूपी, उत्तराखंड पंजाब और हरियाणा राज्य में इसे बनाया जाता है. भारत ये बॉडी आर्मर अमेरिका, स्वीडन और कनाडा जैसे देशों को निर्यात करता है.

Source: thebetterindia

3. आर्मी शूज़

दुनिया के हर देश की सेना के जवान एक ख़ास किस्म के जूते पहनते हैं. ये जूते हर तरह की परिस्तिथियों में कारगर साबित होते हैं. इज़राइल की 'नोगा-इनेट शू इंडस्ट्रीज़' दुनिया में सबसे प्रमुख आर्मी शूज़ आपूर्तिकर्ता कंपनी है. इसका भारतीय कंपनी 'रहमान इंडस्ट्रीज़' के साथ करार है. कानपुर में बने ये आर्मी शूज़ दुनिया भर में निर्यात किये जाते हैं.

Source: thebetterindia

4. बेसबॉल ग्लव्स

भारत में अधिकतर लोग बेसबॉल के बारे में जानते तक नहीं होंगे, लेकिन आपको ये जानकर हैरान होगी कि कई देशों के नेशनल गेम 'बेसबॉल' के ग्लव्स भारत में बनते हैं. भारत के पंजाब, दिल्ली और यूपी में बनने वाले ये ग्लव्स अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों को निर्यात किये जाते हैं.

Source: thebetterindia

5. सूखी काई

Dried Moss का मतलब 'सूखी काई' होता है. बता दें कि दुनिया के कई देशों में काई का इस्तेमाल सजावटी उद्देश्यों के लिए किया जाता है. नीदरलैंड और कनाडा जैसे देशों को 'सूखी काई' निर्यात करने के लिए कोलकाता में इसका भारी मात्रा में उत्पादन किया जाता है.

Source: thebetterindia

6. जेलिफ़िश

दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में सलाद और नूडल्स से लेकर, डेसर्ट और यहां तक कि आइसक्रीम तक, सभी खाने योग्य चीज़ों में जेलीफ़िश का इस्तेमाल किया जाता है. जापान, वियतनाम और कोरिया में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. भारत के तमिलनाडु में पाई जाने वाली ख़ास प्रकार की जेलीफ़िश को इन देशों को निर्यात किया जाता है.

Source: thebetterindiasurfertoday

7. मेट्रो कोच

भारत में दुनिया के अन्य देशों के मुक़ाबले मेट्रो की शुरुआत काफ़ी सालों बाद हुई, लेकिन आज भारत के क़रीब 10 शहरों में मेट्रो पहुंच चुकी है. हैरानी की बात तो ये है कि भारत इस समय मेट्रो कोच बनाने के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक है. भारत अगले 2 सालों में ऑस्ट्रेलिया को 450 मेट्रो कोच, जबकि ब्राज़ील को 521 मेट्रो कोच निर्यात करने जा रहा है.

Source: telegraphindia

8. कैमल लेदर से बने आइटम्स

दुनिया के कई देशों में कैमल लेदर की काफ़ी डिमांड रहती है. ऊंट के चमड़े से बने आइटम्स की क़ीमत भी काफ़ी ज़्यादा होती है. आपको ये जानकर हैरान होगी कि भारत के महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में बने कैमल लेदर के आइटम्स चीन, इटली, फ़्रांस और थाईलैंड जैसे देशों को निर्यात किए जाते हैं.

Source: thebetterindia

क्या आप इससे पहले इनके बारे में जानते थे? भारत में बनी ये 8 वस्तुएं ही नहीं, बल्कि कई अन्य वस्तुएं भी हैं जो दुनियाभर में निर्यात की जाती हैं.