कितने आदमी थे?


बहुत याराना लगता है
जो डर गया समझो मर गया!

जब तक तेरे पैर चलेंगे इसकी सांस चलेगी

ये रामगढ़ वाले अपनी छोकरियों को कौन चक्की का आता खिलाते हैं?

समझ तो गए ही होंगे आप! हम किसके बारे में बात करने जा रहे हैं.

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'शोले' फ़िल्म के इन डायलॉग्स को जीवंत करने वाले कलाकार थे अमजद ख़ान उर्फ़ गब्बर सिंह.

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अगर आपने 'शोले' फ़िल्म नहीं देखी तो कुछ नहीं देखा. ये कहने वाले आपको हज़ारों मिल जायेंगे. वाकई में इस फ़िल्म ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में वो मुक़ाम हासिल किया जो शायद ही कोई अन्य फ़िल्म हासिल कर पाई हो.

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रमेश सिप्पी की ये फ़िल्म 1975 में रिलीज़ हुई थी. उसी दौरान ब्रिटानिया के 'Glucose-D' बिस्किट का विज्ञापन भी ख़ूब हिट हुआ था. इस विज्ञापन में अमजद ख़ान उर्फ़ गब्बर सिंह ने अभिनय किया था. जिसकी टैग लाइन थी 'गब्बर की असली पसंद'.

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विज्ञापन में गब्बर सिंह कालिया से पूछता है - गांव से मेरे लिए क्या लाया रे? इस पर कालिया गब्बर को बिस्किट देता है, लेकिन गब्बर को ये बिस्किट पसंद नहीं आता. इस पर गब्बर कहता है 'मैंने हज़ार बार कहा है कि मुझे असली चीज़ चाहिए'. फिर कालिया तुरंत गब्बर को 'Glucose-D' बिस्किट देता है.

गब्बर सिंह - 'अब आएगा मज़ा'

आप भी लेना चाहते हैं मज़ा तो तो देखिये ये विज्ञापन-

सोशल मीडिया पर लोग क्या कह रहे हैं वो देख लीजिये-