61 साल के जोस लोपेज़ कई साल पहले फ़्लोरिडा के मियामी में शिफ़्ट हो गए थे. इसके बाद उनका अपने परिवार से भी सम्पर्क टूट गया. कई साल बीत गए, लेकिन वो अपने परिवार का पता नहीं लगा सके. इस दौरान उन्हें कई बार स्ट्रोक्स भी आए जिसकी वजह से वो बेघर तक हो गए.

अब जब 24 साल बाद जोस ने अपनी दोनों बेटियों को देखा तो उस पल को वो शब्दों में बयां नहीं कर पाए. परिवार से दोबारा मिलवाने के लिए जोस ने पुलिस ऑफ़िसर्स का शुक्रिया अदा किया.

इस महीने के शुरू में ही लोपेज़ ने अपना सारा पैसा अपने सोशल सिक्योरिटी अकाउंट में लगा दिया था ताकि वो न्यू जर्सी आकर अपने परिवार को ढूंढ सकें. लोपेज़ न्यू जर्सी में अपने शहर पहुंच तो जाते हैं लेकिन अपनी दिमाग़ी हालत के चलते वो पुराना कुछ भी याद नहीं कर पातें. उन्हें बिलकुल याद नहीं आता है कि उनका परिवार किधर रहता था सिवाए इसके कि ब्रैडली बीच के आस-पास ही उनका घर था.

ख़ुशकिस्मती से दो पुलिस अधिकारी ने उन्हें देखा और उनकी मदद करने के लिए उन्हें पुलिस स्टेशन ले आए. लोपेज़ ने जैसे ही पुलिस अधिकारीयों को पूरी बात बताई, उन्होंने तुरंत उसका घर ढूंढना शुरू कर दिया.

family reunites

इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने जोस के परिवार को ढूंढने के लिए ब्रैडली बीच के आस-पास लगभग दो दर्ज़न लोगों को फ़ोन किया. किस्मत ने भी जोस का साथ दिया, उनमें से एक नंबर उनकी बेटी को भी लगा. अधिकारियों ने उनकी बेटी से बात की और दोनों बहनों को उनके पिता से मिलवाने का बंदोबस्त किया.

जोस को अपनी बेटियों से मिलवाने से पहले पुलिस अधिकारियों ने उनके दाढ़ी और बाल कटवाए और नए कपड़े ख़रीद कर दिए. जब जोस और उनकी बेटियां मिली तो वो उन लोगों की ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत पल था. जोस कि ख़ुशी तब दोगुनी हो गई जब वो अपनी बेटियों के साथ-साथ उनके बच्चों से भी मिले.

मीडिया से बातचीत में जोस बोले, 'मुझे लगता है मैं स्वर्ग में हूं. मुझे अपनी दोनों बेटियां वापस मिल गई हैं.

फिलहाल जोस की मानसिक हालत पूरी तरह से ठीक नहीं हैं, इसलिए उनकी बेटियां उनका ख़्याल रख रहीं हैं. साथ ही पुलिस ने सहायता के लिए जोस को एक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में भर्ती कराने में भी मदद की है.