पिछले सप्ताह CBSE और ICSE बोर्ड ने परिक्षा के परिणाम घोषित किए, साथ ही साथ कई राज्यों के बोर्ड के भी परिणाम बीते दिनों में आए हैं. सोशल मीडिया अच्छे मार्क्स के बधाई पोस्ट से भरा हुआ था.

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ ज़िले में एक 18 साल का छात्र ने बोर्ड की परिक्षा में फ़ेल होने की वजह से ख़ुदकुशी कर ली. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वो छात्र पिछले साल भी फ़ेल हुआ था.

इस ख़बर से दुखी होकर एक 2009 बैच के IAS अधिकारी अवनीश कुमार शरण, जो कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम ज़िले के मजिस्ट्रेट हैं. उन्होंने फ़ेसबुके पोस्ट के उन छात्रों के लिए एक मार्मिक संदेश लिखा, जो परिक्षा के परिणाम से निराश हो जाते हैं.

उन्होंने लिखा, 'आज मैंने एक अख़बार में एक दुखद ख़बर पढ़ी कि एक छात्र ने परिक्षा के परिणाम में मनमुताबिक नंबर नहीं पाने की वजह से ख़ुदकुशी कर ली. मैं सभी छात्रों और उनके माता-पिता से अपील करता हूं कि रिज़ल्ट को ज़्यादा सीरियसली मत लीजिए, ये सिर्फ़ संख्या का खेल है. आपको भविष्य में ऐसे कई मौके मिलेंगे जहां आप अपनी काबीलियत साबित कर सकते हैं.'

अवनीश कुमार ने अपना उदाहरण सामने रखते हुए लिखा कि उन्हें दसवीं में 44.5%, बारहवीं में 65% और स्नातक में 60.7% नंबर मिले थे. इसके बावजूद उन्हें बहुत मुश्किल मानी जाने वाली UPSC की परीक्षा क्लियर की और आज वो IAS अधिकारी हैं.

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छत्तीसगढ़ बोर्ड ने 11 मई को अपने परिणाम घोषित किए थे, कम नंबर पाने वाले छात्र हताश न हों और उनके भीतर का आत्मविश्वास कमज़ोर न पड़े इसलिए अवनीश कुमार ने ये पोस्ट लिखी थी.

The New Indian Express से हुई बातचीत में IAS अधिकारी ने कहा, 'आज कई रास्ते मौजूद हैं, मौके आते रहते हैं. स्कूल के परिणाम आपका भविष्य निर्धारित नहीं कर सकते. उन्हें समझना होगा कि परिक्षाओं के परिणाम आखिरी रास्ता नहीं हैं.'