पुलवामा आत्मघाती हमले के बाद जहां एक तरफ़ शहीदों के लिए देश का हर शख़्स दुखी था, वहीं दूसरी तरफ़ कश्मीरी छात्रों के लिए कुछ लोगों के मन में नफ़रत बढ़ रही थी.


हालात ऐसे हो गए कि दहरादून से कई छात्रों को कॉलेज, हॉस्टल छोड़ना पड़ा. छात्रों को अपनी जान का डर था और इसीलिए सैंकड़ो छात्र मोहाली, चंडीगढ़ पहुंचे जहां कई शेल्टर कैंप बनाए गए हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 'बजरंग दल' और 'विश्व हिन्दू परिषद' के कुछ सदस्यों ने छात्रों के साथ मार-पीट भी की.

ऐसे माहौल में सीआरपीएफ़ ने छात्रों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया.

नफ़रत के इस माहौल में कश्मीरी छात्रों की सहायता के लिए Khalsa Aid International संस्था आगे आई है. Khalsa Aid ने कश्मीरी छात्रों को देहरादून से मोहाली पहुंचने में सहायता की और उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी कर रहे हैं.

Source: Twitter
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News 18 से बात-चीत में Khalsa Aid International के मैनेजिंग डायरेक्टर अमरप्रीत सिंह ने कहा,

'मैंने देखा कि Jammu and Kashmir Students' Organisation छात्रों की सहायता कर रही है तो मैंने उनसे संपर्क किया. हम उन्हें यातायात की सुविधा, खाने-पीने की सामग्री और रहने की जगह मुहैया करा रहे हैं. मैंने उनके चेहरे पर डर देखा है.'

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अमरप्रीत ने आगे बताया,

'उनका क्या क़ुसूर है?... यही कि वो कश्मीरी हैं? हम उनके साथ खड़े रहेंगे और उनकी मदद करेंगे. लगभग 250 छात्र देहरादून में फंसे हैं और जम्मू जाना चाहते हैं. हम उनके जाने की व्यवस्था करेंगे.'

अमरप्रीत का ये भी कहना था कि नफ़रत वही लोग फैला रहे हैं, जो कश्मीर की हक़ीक़त से वाकिफ़ नहीं हैं.

'इस पूरे मामले में वही राजनीति कर रहे हैं जिन्हें कश्मीर की ज़मीनी हक़ीक़त पता नहीं है. इस घड़ी में हम छात्रों की सहायता करेंगे.'

कुछ कश्मीरी छात्र Housing Society में रह रहे हैं, तो कुछ गुरुद्वारे में. कुछ छात्र अपने घर जा चुके हैं.


TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून के अजय कुमार ने कश्मीरी छात्रों को रहने के लिए अपना घर दिया है. अजय ने अपने दोस्तों, राशिद और प्रेम के साथ मिलकर 95 छात्रों को इकट्ठा किया.

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चंडीगढ़ के लोग छात्रों की फ़्लाइट टिकट के लिए पैसे इकट्ठे कर रहे हैं. मोहाली का एक समुदाय Air India से बातचीत भी कर रहा है क्योंकि श्रीनगर की एक तरफ़ की टिकट 28 हज़ार तक की आ रही है.


कोलकाता में भी कश्मीरी छात्रों की सहायता के लिए 'Kolkata For Kashmir' ग्रुप बनाया गया है.

News 18 को Jammu and Kashmir Students' Organisation के प्रेसिडेंट ख़्वाजा इतरत ने बताया,

'छात्र अपनी सलामती के लिए चिंतित हैं. विरोध शुरू होने के बाद हमने तक़रीबन 800 कश्मीरियों को देहरादून से हरियाणा पहुंचने में मदद की. इमतियाज़ अहमद मीर जैसे कुछ छात्रों को देहरादून से चंडीगढ़ पहुंचने में 2 दिन लगे. उनके पास खाने को कुछ नहीं था और फ़्रेश होने के लिए प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करना पड़ा.'

देहरादून में बजरंग दल के संयोजक विकास वर्मा ने कश्मीरियों को धमकियां दी हैं.

अभी तक कश्मीरी छात्रों के साथ मार-पीट करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.