हिन्दी भाषी राज्यों में और अब तक दक्षिण भारत में भी पार्टी की शुरुआत चाहे जिन भी गानों से हो, ख़त्म भोजपुरी पर आकर ही होती है, सबसे पहला गाना- लगावे लू जब लिपिस्टिक.

जो बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश वाले हैं, वो तो इन गानों को समझ लेते हैं लेकिन जिनका इन राज्यों से कोई ताल्लुक नहीं होता उनके लिए ये गाने वैसे ही हैं, जैसे Despacito है. नाच रहे हैं, पसंद भी है लेकिन पल्ले कुछ भी नहीं पड़ रहा.

उन लोगों का ध्यान में रख कर हमने ये आर्टिक्ल लिखा है. ये हैं वो फ़ेमस भोजपुरी गाने, जो सुनते सब हैं लेकिन मतलब सिर्फ़ ये बोली जानने वालों को ही पता होता है.

अबकी पार्टी में गर्दा उड़ा दीह मर्दे!