भोजन की कीमत क्या होती है इसे कोई भूखा ही समझ सकता है. अगर कोई अंजान उसे भोजन लेकर दे तो उसके मुरझाए चेहरे पर चमक आ जाती देता है. कुछ इसी तरह की नेक कोशिश मिज़ोरम जा रही 'श्रमिक स्पेशल ट्रेन' के यात्रियों ने भी की. 

पिछले कुछ दिनों से नॉर्थ ईस्ट के कई राज्य बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इस दौरान बाढ़ में फंसे ग़रीब लोगों के सामने खाने पीने का संकट खड़ा हो गया है. इन लोगों तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पा रही है. ऐसे में ये लोग कई दिनों से भूखे पेट ही सोने को मजबूर हैं. 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बाढ़ प्रभावित इलाक़े से गुज़र रही ट्रेन के यात्री खिड़की से बाहर कुछ फेंकते हुए नज़र आ रहे हैं. ट्रेन के बाहर खड़े कुछ लोग खाने-पीने की इन चीज़ों को बटोरते लगते हैं. 

इस वीडियो को सबसे पहले Emanuel Ralte नाम के एक शख़्स ने अपने फ़ेसबुक पेज पर शेयर किया था. इस दौरान उसने कैप्शन में लिखा 'हमारे मिज़ो भाई, बैंगलोर से अपने घरों को लौटते वक़्त सीमित भोजन के बावजूद असम के पीड़ितों को मदद करते हुए. 

दरअसल, 'श्रमिक स्पेशल ट्रेन' जब असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से निकलने लगी तो यात्रियों ने देखा कि रेलवे ट्रैक के पास बनी झुग्गियों में रहने वाले लोगों के पास खाने-पीने की ज़रुरी चीज़ों का अभाव है, तो सभी यात्रियों ने अपने सीमित भोजन में से कुछ न कुछ ट्रेन की खिड़कियों से बाहर फेंकना शुरू कर दिया. ताकि ज़रूरतमंद इससे अपने भेट भर सकें. 

श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों की नेकदिली के इस वीडियो को सोशल मीडिया न सिर्फ़ आम लोगों ने बल्कि मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा ने भी अपने ट्विटर पेज पर शेयर किया है.