इतना मेकअप मत करो, छोटे कपड़ों मत पहनो, अरे ये कोई समय नहीं है बाहर जाने का.... !! दुनिया भर की महिलाओं और लड़कियों को ये समाज लगातार बताता रहता है कि उन्हें क्या नहीं करना है.

लेकिन एक मां ने अपनी बेटी के लिए 'ना करने वाली' चीज़ों की एक ज़बरदस्त लिस्ट बनाई है जो उसे सीमित नहीं करती है. ये तो एक ऐसी लिस्ट है जो किसी भी लड़की या महिला को बेहद सशक्त और आज़ाद बनाती है.

mother daughter

टोनी हैमर, बेटी को लिखे अपने ख़त में लिखती हैं कि:

अपना दुःख दूसरों के साथ बांटने के लिए कभी माफ़ी मत मांगना. तुम तुम्हारे दुख नहीं हो. तुम तुम्हारे अहसास और विचार हो जिनका सम्मान किया जाना चाहिए.

किसी लड़के के साथ बाहर ना जाने का कोई बहाना बनाने की ज़रूरत नहीं है. तुम्हें किसी को कभी कोई सफ़ाई देने की ज़रूरत नहीं है. एक छोटा सा 'ना' काफ़ी होना चाहिए.

लोगों के सामने खाने से पहले तुम्हें सोचने की बिलकुल ज़रुरत नहीं है कि तुम क्या खा रही हो. अगर भूख लगी है तो खाओ. जो मन है वो खाओ. पिज़्ज़ा खाने का मन है तो वो खाओ. बाकि लोग तुम्हारे बारे में क्या सोचेंगे, ये सोच कर सलाद मत खाना. जाओ और अपनी पसंद का पिज्ज़ा खाओ.

किसी और को ख़ुश रखने के लिए अपने बाल मत लंबे करना.

अगर कोई कपड़ा नहीं पहना है तो मत पहनना.

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क्योंकि तुम्हारे साथ कोई बाहर जाने के लिए नहीं है तो घर पर मत रुकना. अकेले जाओ और अपने साथ थोड़ा वक़्त बिताओ.

अपने आसुओं को मत रोको. रोने का मतलब ये नहीं की तुम कमज़ोर हो. इसका मतलब ये है कि तुम चीज़े महसूस कर सकती हो. यह एक सामान्य इंसान होना है.

इसलिए मत हंसना क्योंकि किसी ने हंसने को कहा है.

अपने ख़ुद के चुटकुलों पर हंसने से ख़ुद को मत रोको.

अपने विचार मत छुपाओ. बोलो और ख़ुल कर बोलो. तुम्हे पूरा हक़ है कि लोग तुम्हें सुनें.

तुम कौन हो इसके लिए कभी माफ़ी मत मांगना, जैसी तुम हो वैसी रहना. तुम मज़बूत हो और ख़ूबसूरत भी.

हर मां को अपनी बेटी को ये बातें ज़रूर बतानी चाहिए ताकि उसको अपनी ज़िंदगी में दूसरों के हिसाब से नहीं चलना पड़े.