आज से सालभर पहले की बात है. मैं और मेरी जुड़वां बहन कानपुर में हमेशा की तरह अपनी पसंदीदा जगह खाना खाने गए हुए थे. खाना खा कर लौट ही रहे थे कि हमने देखा कि सामने एक बड़े से ग्राउंड में शादी हो रही थी. अब हम दोनों के मन में तुरंत खुराफ़ाती कीड़े ने दस्तक़ दी. 

जयती ने तुरंत मुझसे बोला कि बहन मेरा बड़ा मन है कि एक बार तो हम दोनों किसी और की शादी में ऐसे ही घुस जाएं. इस पर मैंने भी तुरंत कह दिया कि क्यों न इसी शादी में घुस जाया जाय. मेरे ऐसे तुरंत से जवाब देने पर जयती पहले थोड़ा तो घबरा गई थी, पर फ़िर मान गई. 

अब यहां सबसे मज़ेदार बात ये है थी कि हम जुड़वां हैं. संयोग से हम उस दिन एक जैसे ही कपड़े भी पहने थे. फटी हुई जीन्स और शर्ट. यहां तक की सेम हेयरस्टाइल. मैंने जयती से उस समय बोला भी था कि बहन बाल तो अलग बना ले. मगर जयती ने कहा कि यार इस ही में तो मज़ा है. 

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मैंने और जयती ने वेन्यू से दूर खड़े होकर काफ़ी देर तक सोचा कि कैसे अंदर जाएंगे.   

मैंने और जयती ने वेन्यू से दूर खड़े होकर काफ़ी देर तक सोचा कि कैसे अंदर जाएंगे.   

अंदर जाते ही हमें एहसास हुआ कि हमारी लॉटरी लग गई है. और हम दोनों जो हंसना शुरू हुए. जयती और मैं दोनों ही खाने के दीवाने है. और शादी की खाना!! हमारी तो चांदी हो गई थी. 

शादी में घुसने के कुछ समय बाद ही आस-पास के लोगों ने हमें घूरना चालू कर दिया. मैं थोड़ा सा घबराई और जयती से निकलने को बोला. इस पर जयती बड़ी मज़ाकिया होकर बोली कि टेंशन मत ले ज़्यादा से ज़्यादा ये समझेंगे कि दो ग़रीब, एक सी शक़्ल वाले बच्चे खाना खाने आ गए हैं. 

फ़िर क्या, हम दोनों टूट पड़े खाने पर. ऐसा कोई स्टॉल नहीं होगा जहां हमने जाकर खाना नहीं खाया होगा. शायद ऐसा कोई इंसान भी नहीं होगा जिसने हमें घूर कर न देखा हो. डर, घबराहट और जोश के बीच हम दोनों एक के बाद एक स्टॉल का दीदार कर रहे थे. 

और लोगों के घूरने की एक सबसे बड़ी वजह हमारा जुड़वां होना भी था. 

अचानक से DJ पर जाकर लोग नाचने लगे. उन्हें नाचता देख मैं, जयती को तुरंत खींच कर DJ पर ले कर गई. अब आस-पास सब एकदम अच्छे-अच्छे और भारी-भरकम शादी वाले कपड़े पहन नाच रहे हैं, वहीं एक तरफ़ हम दोनों अपनी फटी जीन्स में ऐसे नाच रहे थे मानो हमारे ही रिश्तेदार की शादी हो. 

नाचते-नाचते कब हम DJ के बीचों-बीच आ गए पता ही नहीं चला. अच्छा क्योंकि हम बाकियों की तरह नहीं दिख रहे थे तो सभी हमें धक्का दे रहे थे. अचानक से हमें महसूस होता है कि हमारे ऊपर कोई पानी फेंक रहा है. ऐसे में मैंने और जयती ने सोचा कि इससे पहले कोई और निकाले हमें ख़ुद ही निकल जाना चाहिए. 

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तभी कहीं से आवाज़ आती है कि अंदर हॉल में मीठा लग गया है. मीठे में ग़ुलाब जामुन से लेकर ब्राउनी सब थी. अब भई, ये बात सुनते ही हम दोनों यहां पिघल गए. हमने एक दूसरे को देखा और हंस पड़े. जहां अभी हम दोनों बाहर जाने की प्लानिंग में थे, वहीं मीठा सुनते ही चुप-चाप हॉल की तरफ़ चल दिए. 

खाने की ही तरह सारे मीठे अच्छे से स्वाद लेने के बाद हम बड़ी ही सहजता से शादी से बाहर निकल घर की ओर चल दिए. 

पूरे रास्ते मैं और जयती हंसते-हंसते लोट-पोट हो रहे थे. वो हम दोनों के लिए एक यादगार शादी बन गई.