ऐसा कहा जाता है कि एक औरत जब मां बनती है, तो वो पूरी हो जाती है. मां शब्द सुनते ही एक औरत को सुकून का एहसास होता है. एक मां ही होती है, जो अपने बच्चे के लिए क़यामत आने तक दुआ करती है. एक मां कभी भी अपने बच्चे को रोते हुए नहीं देख सकती है. वो हमेशा कोशिश करती है कि उसका बच्चा सदैव तरक्की करे उर उसका भविष्य उज्जवल हो. ठीक उसी तरह एक बच्चे के लिए उसकी मां दुनिया की सबसे खूबसूरत और अच्छी औरत होती है. इस पूरे ब्रह्माण्ड में औरत को ही मां के रूप में देख जाता है.

पर क्या कभी आपने सोचा है कि एक ट्रांसजेंडर भी मां हो सकती है? शायद नहीं सोचा होगा.

आज हम आपको एक ऐसी ही ट्रांसजेंडर मां और उसकी बेटी की दिल को छू लेने वाली कहानी दिखाने जा रहे हैं. विक्स अपना एक नया विज्ञापन लेकर आया है, जिसमें एक छोटी बच्ची गायत्री है और वो अपने बोर्डिंग स्कूल जा रही है. बोर्डिंग स्कूल तक के इस सफ़र में वो अपने उन खुशनुमा पलों को याद कर रही है, जब वो अपनी मां से पहली बार मिली थी. इस वीडियो में दिखाई गई कहानी सच है.

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गायत्री की असली मां एक सेक्स वर्कर थी और जब वो मात्र 6 साल की थी, तब उसकी मां की मौत HIV-AIDS के कारण हो गई थी. गायत्री की मां की मौत के बाद गौरी सावंत ने उसको गोद लिया था. गौरी ने उसकी बहुत अच्चे से देखभाल की. वो दोनों मां-बेटी कम दोस्त ज़्यादा थीं हैं.

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गौरी अपनी बेटी गायत्री को बहुत प्यार करती है. जब गायत्री बीमार होती है, तब वो उसका ख़्याल रखती है और जब कोई हॉरर मूवी आ रही होती है, तो उसको डरने नहीं देती है.

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गायत्री याद करती है कि जब उसकी मां ने देखा कि आस-पास के माहौल का असर उसके ऊपर पड़ रहा है, तब ही मां ने उसको वहां से दूर बोर्डिंग स्कूल में भेजने का फ़ैसला ले लिया था. कुछ दिन बाद ही गायत्री को पुणे भेज दिया गया. अब वो छुट्टियों में ही घर आती है.

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जहां गौरी चाहती हैं कि गायत्री बड़ी होकर डॉक्टर या इंजीनियर बने, वहीं गायत्री एक वकील बनना चाहती है. क्योंकि उसको लगता है, जो हक़ इस देश में सबको मिलते हैं, वो उसकी मां को भी मिलने चाहिए. क्यों उसकी मां को वो सम्मान समाज में नहीं मिलता. वो कहती है कि उसकी मां जैसा कोई नहीं.

वो बड़ी होकर अपनी मां को सम्मान और हक़ दिलाना चाहती है. वो अपनी मां को समाज में से जोड़ना चाहती है.