सच्चाई के रास्ते पर चलना हमेशा से ही फ़ायदेमंद होता है. भले ही उसका फल देर से मिले लेकिन मिलता ज़रूर है. इस दुनिया में आज भी सच्चाई मौजूद है, इसका जीता जागता सबूत है मुंबई का एक Ola कैब चालक.   

दरअसल, मुंबई के रहने वाले Parth Sierra नाम के शख़्स ने अपने ट्विटर अकाउंट पर 10 जून को हुए एक वाक़ये का ज़िक्र किया है.  

Parth Sierra Ola को लिखते हैं, 'आपके एक ड्राइवर जो Hyundai Xcent चलाते हैं, जिनका नाम आसिफ़ इक़बाल अब्दुल गफ़्फ़ार पठान है, उनके साथ मेरा एक दिलचस्प वाक़या हुआ.  

दरअसल, 10 जून को मेरा जन्मदिन था इसलिए मैंने शाम के वक़्त अपने घर से हीरानंदानी पवई के लिए Ola कैब बुक की थी. मैं और मेरी पत्नी एक पब में पार्टी के लिए जा रहे थे. दुर्भाग्य से उस दिन मुंबई में काफ़ी तेज़ बारिश भी हो रही थी.  

हम कैब में बैठे थे, इस दौरान आसिफ़ फ़ोन पर अपनी पत्नी से बच्चों को बारिश में बाहर न न निकलने की बात कह रहे थे. इस बीच हम दोनों भी मुंबई की बारिश को लेकर बातें करने लगे. आसिफ़ हमारी बातों को नज़रअंदाज़ करते हुए अपने काम में व्यस्त थे. थोड़ी बहुत परेशानी के बावजूद आसिफ़ ने हमें सुरक्षित पहुंचा दिया.  

हमने आसिफ़ को शुक्रिया कहा और पब में चले गए. करीब 1 घंटे के बाद मुझे अहसास हुआ कि मेरा पर्स गायब है. फिर मुझे लगा, कहीं जल्दबाज़ी में कैब में ही तो पर्स नहीं भूल गया इसलिए मैंने तुरंत आसिफ़ को कॉल किया.  

इस पर आसिफ़ ने कहा कि पर्स उसके पास ही है और सुरक्षित है, जिसे वो वापस लौटाने मेरे घर ही जा रहे हैं. रात के करीब 12:30 आसिफ़ हमारे घर पहुंचे. सभी ज़रूरी कार्ड, लाइसेंस, पैन कार्ड और सामान को देखकर मैं ख़ुश था कि मेरा जन्मदिन आसिफ़ की वजह से बर्बाद नहीं हुआ.  

लेकिन असली सरप्राइज़ तो इसके बाद आने वाला था. जब आसिफ़ ने मुझे जन्मदिन की बधाई दी और कहा कि आज उनका भी जन्मदिन है. ज़रा सोचिये ये कैसा इत्तेफ़ाक़ था.  

ये हैं आसिफ़! एक कैब ड्राइवर ही नहीं बल्कि एक मेहनती इंसान भी, जो अपने परिवार को बेहद प्यार करते हैं. आसिफ़ जैसे लोग ही मुंबई को आमची मुंबई बनाते हैं. 

इसके बाद आसिफ़ ने हमसे कहा कि उनके परिवार वाले भी केक काटने के लिए उनका इंतज़ार कर रहे हैं. इसलिए अब वो जाना चाहते हैं.