इस दुनिया में हर तक लोग हुए हैं. कुछ ने अपनी सोच से नई शुरूआत की, तो कुछ ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि दुनिया उन्हें जीनियस कहने लगी. ये वो लोग भी थे, जिन्हें शुरू में दुनिया ने थोड़ा हल्के में लिया. किसी ने स्लो कहा, किसी ने पागल, लेकिन जब ये हीरे चमके, तो सारी दुनिया में उनकी रौशनी फ़ैल गई. 

1. थॉमस एडिसन  

11 फरवरी 1847 में जन्मे महान वैज्ञानिकों में एक थॉमस अल्वा एडिसन को बचपन में ये कहकर स्कूल से बाहर निकाल दिया गया था कि वो मंदबुद्धि हैं. शायद उस समय स्कूल वालों को इस बात का अंदाज़ा नहीं होगा कि आगे चल कर यही मंदबुद्धि बालक मेहनत से दुनिया को बिजली के बल्ब से रूबरू करायेगा.  

Source: biographyhindi

2. प्रियंका चोपड़ा 

बचपन में प्रियंका को उसके संवाले रंग को लेकर काफ़ी कुछ सुनना पड़ता था. यही नहीं, जब वो मिस वर्ल्ड के लिये ऑडिशन देने जा रही थी, तब उसके दोस्तों और रिश्तेदारों ने ये कह कर रोकने की कोशिश की, कि संवाली सी दिखती हो, तुम्हारा वहां क्या काम. इसके बाद न सिर्फ़ प्रियंका चोपड़ा ने मिस वर्ल्ड बन कर दिखाया, बल्कि आज हॉलीवुड में देश का नाम भी रौशन कर रही हैं. 

Source: india tv

3. आइसैक न्यूटन 

आइसैक न्यूटन का बचपन काफ़ी संघर्षभरा था. बचपन में उन्हें पढ़ाई-लिखाई से कुछ ख़ास लगाव नहीं था, जिस वजह से उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था. स्कूलवालों को न्यूटन पर विश्वास नहीं था, पर उनकी मां को पता था कि उनका बच्चा एक दिन कुछ न कुछ अनोख़ा ज़रूर करेगा. मां के विश्वास और न्यूटन के तेज़ दिमाग़ ने दुनिया को गुरुत्वाकर्षण बल से परिचत कराया.  

Source: gazabhindi

6. स्टीफ़न हॉकिंग 

स्टीफ़न हॉकिंग स्कूल के दिनों में एक औसत छात्र थे, उन्हें वीडियो गेम खेलना अच्छा लगता था. इसके साथ ही उनकी गणित में भी काफ़ी दिलचस्पी थी, लेकिन 21 वर्ष की उम्र में ही वो Lateral Sclerosis (ALS) नामक बीमारी से ग्रसित हो गये, जिसके बाद धीरे-धीरे उनके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया. डॉक्टर्स का कहना था कि वो दो साल से ज़्यादा नहीं जी पायेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ और उन्होंने व्हील चेयर पर बैठे-बैठे ही दुनिया को ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी समझाने में मदद की.  

Source: ndtvimg

5. अब्दुल कलाम 

भारत के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम को न सिर्फ़ भारत, बल्कि विश्वभर का प्यार मिला. अब्दुल कलाम का बचपन बेहद ग़रीबी में गुज़रा था, लेकिन फिर भी उन्होंने उज्वल भविष्य बनाने के लिये कड़ी मेहनत जारी रखी. इस दौरान लोगों ने उनकी पढ़ाई को लेकर सवाल भी उठाये, लेकिन हर बार वो सबसे यही कहते थे कि पढ़ाई ही उन्हें इस ग़रीबी से बाहर निकालेगी. इसके बाद एक समय ऐसा आया, जब वो मिसाइल मैन और देश के राष्ट्रपति बन कर दुनिया के बीच सितारा बन कर ऊभरे.  

Source: ndtv

6. जैक मा 

बचपन में जैक मा पढ़ने में ज़्यादा होशियार नहीं थे, जिसके चलते वो प्राइमरी और मीडिल स्कूल में दो-तीन बार फ़ेल भी हुए. बड़े होने पर उन्होंने हावर्ड में एडमिशन लेने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन्हें एडमिशन नहीं दिया गया. इधर समय गुज़र रहा था, उधर जैक मा नौकरी के लिये हाथ-पैर मार रहे थे. नौकरी की तलाश में निकले जैक मा को जब 30 बार रिजेक्ट किया गया, तो उन्होंने अलीबाबा कंपनी नाम की एक कंपनी बना डाली और आज वो दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं.  

Source: ndtv

7. अमिताभ बच्चन 

आज हम सभी आज बॉलीवुड के शंहशाह अमिताभ बच्चन की एक्टिंग और उनकी आवाज़ के कायल हैं, पर करियर की शुरूआत में जब वो काम ढूंढ रहे थे, तब आकाशवाणी ने उन्हें ये बोल कर रिजेक्ट कर दिया कि उनकी आवाज़ में दम नहीं है. इसके बाद आज बिग बी किस मुकाम पर हैं, वो शायद किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है.  

Source: cloudfront

8. ब्रूस ली 

मार्शल आर्ट्स की दुनिया के बादशाह और अभिनेता को बचपन में उनकी पतली कद-काठी के लिये काफ़ी चिढ़ाया जाता था, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ उन्होंने क्या-क्या कारनामे कर डाले, हम सबको पता है.  

Source: firstpost

9. वॉल्ट डिज़्नी  

कार्टून की दुनिया के बादशाह को बचपन से ही कार्टून बनाने का काफ़ी शौक था, लेकिन अकसर उन्हें कार्टून्स को लेकर आलोचनाएं सुननी पड़ती थी. वॉल्ट से कई बार ये भी कहा गया कि उनके अंदर क्रिएटिविटी नाम जैसी कोई चीज़ नहीं है. काफ़ी असफ़लताओं और रिजेक्शन के बाद एक दिन वो भी आया, जब वो दुनियाभर में मशहूर हो गये.  

Source: thisisinsider

10. श्रीनिवास रामानुजन 

शुरुआती दिनों में रामानुजन का पढ़ाई में मन नहीं लगता था, जिस वजह से स्कूल में उनका कोई दोस्त भी नहीं था. हांलाकि, वो बचपन से ही सबसे सवाल पूछने में काफ़ी दिलचस्पी रखते थे, जिस वजह से उनके टीचर्स काफ़ी परेशान भी हो जाते थे. औसत श्रेणी का ये स्टूडेंट आगे चलकर गणितज्ञ का ख़िताब हासिल कर लेगा, इसका किसी को अंदाज़ा भी नहीं था.  

Source: navbharattimes

शायद ऐसे ही लोगों के लिये कहा गया है कि काम करो, कामयाबी ख़ुद-ब-ख़ुद मिल जाएगी.