हम सब एक अच्छी ज़िन्दगी की तलाश में छोटे शहरों, गांव से शहर पहुंचते हैं. कुछ लोग अपनी ज़िन्दगी बना पाते हैं तो कुछ लोगों के जीवन का ज़्यादातर हिस्सा संघर्ष में बीतता है.


Humans of Bombay पेज ने एक ऐसे ही किसान की कहानी शेयर की, जो सूखा पड़ने के बाद अपने गांव से पुणे पहुंचा. ये किसान खेती छोड़कर शहर में बसना नहीं चाहता था, पर हालातों के आगे मजबूर होकर उसे समझौता करना पड़ा.

मैं अपने परिवार को भूखा मरते नहीं देख सकता था. पर क़िस्मत मेरे साथ थी- मैंने Gunny Bags बेचने का बिज़नेस शुरू किया और वो चल पड़ा- मैंने बढ़िया सा घर, टेम्पो ख़रीदा, अपने परिवार को अपने पास बुलाया और यहां तक कि अपने बच्चों को बढ़िया से स्कूल में पढ़ाया. ज़िन्दगी अच्छी चल पड़ थी... मैंने ये सपने में भी नहीं सोचा था.

इस किसान के बेटे को अच्छे से कॉलेज में दाख़िला मिला गया और उसके बेटे ने भी समाज सेवा में ही करियर बनाने का निर्णय लिया.

वो हमेशा सोचता कि हमारे जैसे कई लोग अपने परिवार के लिए संघर्ष कर रहे होंगे और वो उन सबको हमारी तरह ही दूसरा मौका देना चाहता था. इसलिए ग्रेजुएशन के बाद उसने पॉलिटिक्स जॉइन कर ली.

कुछ ही सालों में वो एक जाना-माना चेहरा बन गया और लोग उससे मदद लेने आने लगे. उसने लोगों के अस्पताल के बिल भरे, ज़रूरतमंदों को पैसे दिए और यहां तक कि लोगों का अंतिम संस्कार करवाया.

वो अपने काम में इतना खो गया था कि उसने अपने लिए कुछ नहीं बचाया.

जैसा कि अमूमन होता है इस किसान के बेटे के भी सारे पैसे ख़त्म हो गए और वो अपने परिवार का भी पालन नहीं कर पा रहा था. सिर पर 10 लाख का लोन हो गया और उसने अपने पिता से मदद मांगी.

उसने मुझ से मदद मांगी... और मुझे कुछ करना था. मैंने अपनी सारी जमा-पूंजी उसे दे दी. उसे लोन चुकाने के लिए हमारा घर, ज़मीन और बाइक बेचने पड़ी. पर वो भी कम पड़ा. क्योंकि मैंने अपना बिज़नेस बेच दिया तो अब मैं वॉचमैन की नौकरी कर रहा हूं. मेरा बेटा रिक्शा ड्राइवर है... मेरा बेटा जो डबल ग्रेजुएट है.

इस किसान से वॉचमैन बने शख़्स ने आगे बताया कि कुछ साल बीत गए हैं पर अब भी वे लोन चुका रहे हैं.

मेरे बेटे ने वो पैसे कोई ग़ैरकानूनी काम करने में नहीं गंवाए, वो दूसरों की मदद करते-करते वो पैसे हार गया. मुझे पता है कि मेरे परिवार हम पर बहुत कुछ बीती है पर हम हर एक मुश्किल वक़्त में साथ खड़े रहे हैं. हम एक-दूसरे के लिए क़ुर्बानी देने को तैयार है. मेरे बेटे ने अपना काम किया और अब मैं अपना करके बहुत ख़ुश हूं.

कहानी कैसी लगी, कमेंट में बताइए.