अगर आज से कई सालों पहले किसी ने मुझसे पूछा होता कि मैं अमीर और ख़ुश होना चाहूंगी या कामयाब और ख़ुश. तो शायद मैं सही जवाब नहीं दे पाती. 

मुझे लगता है रुपये और कामयाबी दोनों ही आपको ख़ुशी के रास्ते तक ले जाती है. और इसमें कुछ गलत भी नहीं है. 

बाकियों की तरह मैंने भी अपने जीवन का एक बहुत बड़ा सा हिस्सा उस अनमोल भाव ‘ख़ुशी’ को ढूंढने में लगा दिया. हालांकि, मेरा जीवन कोई लम्बी उदासीनता में नहीं बीता है. बेशक़, ऐसे पल आए हैं जब समय सही नहीं था. 

भीतर से हमेशा ख़ुश रहने की मेरी इस चाह ने मुझे मेरे जीवन के इस अंतिम चरण में ख़ुशी के असली मायने बताए. 

ख़ुशी को लेकर मेरी इस तलाश में मैंने थेरेपी से लेकर रीडिंग तक की. मैंने अपने अंदर भी ढूंढा और साथ ही अपने सभी ग़लतियों से ली सीख़ के बारे में भी गंभीरता से सोचा. 

मैं ख़ुशी के बारे में जितना भी जानती हूं अपने अनुभवों से जानती हूं. मैंने समय के साथ धीरे-धीरे ये सबक सीखे हैं. काश मैं ये सब थोड़ा और पहले जान पाती. ये सभी चीज़ें मेरे पैदा होते ही मेरी आंखों के सामने थी. इसके बावजूद, ये कुछ चीज़ें है जो मैंने आखिरकार ख़ुशी पाने के बारे में सीखा है. 

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1. जो चीज़ नहीं मिल सकती उसे जाने दें 

ये कोई जूता भी हो सकता है जो आप ख़रीद नहीं सकते, उस जॉब का ऑफर जो आपको नहीं मिला या फिर वो व्यक्ति जो किसी और का है. ईर्ष्या अच्छे से अच्छे इंसान को बुरा बना देती है. आप अख़बारों में सेलिब्रिटी या नेताओं की ख़बरें देखें कोई किसी स्कैंडल में फ़सा है तो कोई जेल में है. 

क्योंकि किसी के पास भले ही कितना क्यों न हो उसे हमेशा और चाहिए होता है. ये और पाने की इच्छा ही हमें ख़ुशी से दूर करती है. 

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2. आभार व्यक्त करना कोई प्रैक्टिस नहीं है. जीवन का एक तरीका है. 

आभार व्यक्त करना प्रैक्टिस नहीं होनी चाहिए. अगर आप ख़ुश रहना चाहते हैं तो हर घंटे, हर पल आपको अपने इस जीवन के प्रति आभारी होना होगा. 

जब जीवन में सब बिलकुल सही चल रहा हो तब सबसे आसान होता है आभार व्यक्त करना. मगर जब चीज़ें सही नहीं चल रही होती हैं तो इसी आभार के मायने बदल जाते हैं. 

क्या आप इस बात के लिए आभारी हो सकते हैं कि आपके बच्चे को कोई ख़तरनाक बीमारी नहीं है? जीवन की छोटी-छोटी चीज़ों के प्रति आभार मुश्किल समय को भी आसानी से काट सकते हैं. 

मेरी उम्र में, मैं हर रोज़ बीतते वक़्त को अपने शरीर पर हावी होते देख रही हूं. मैं पूरा एक पाठ लिख सकती हूं कि कैसे मेरे घुटने दर्द कर रहे हैं, मेरी सुनने की क्षमता जा रही है, ख़तरनाक ब्लड प्रेशर और न जाने क्या कुछ. तो क्या हुआ मुझे किसी सहारे की ज़रूरत है रोड क्रॉस करते वक़्त, मैं आज भी लोगों पर चिल्ला सकती हूं जो मेरा रोड क्रॉस करने तक का वेट नहीं करते. देखा, हमेशा कोई न कोई वजह होती है जिसके लिए आपको आभारी होना चाहिए. 

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3. हर रोज़ कुछ रचनात्मक करें जिसे आप प्यार करते हों, जिसमें आप कभी परफ़ेक्ट नहीं हो सकते. 

मैं ख़ुशनसीब हूं कि मुझे राइटिंग अपने जीवन के शुरुवाती समय में मिल गई. बाक़ी सभी चीज़ों के बीच, राइटिंग ने मुझे इस बात का अनुभव करवाया है कि जिस चीज़ को आप प्यार करते हैं और हर रोज़ प्रैक्टिस करते हैं वो आपको जवान बने रहने में मदद करती है. क्योंकि जहां आपके आस-पास सब बदल रहा होता है ये एक ऐसी चीज़ है जो नहीं बदलती. और मैं इसमें कभी परफ़ेक्ट भी नहीं हो सकती.   

जब आप कोई ऐसी चीज़ को अपना समय समर्पित करते हैं, जिसे करने से आपको ख़ुशी मिलती है और ख़ासकर ऐसी जिसमे आप कभी भी माहिर नहीं बन सकते तो आप हर रोज़ कुछ न कुछ नया सीखते हैं. आप अपने बारे में भी बहुत कुछ जानने लगते हैं. अपनी सीमाएं और क्षमताएं भी.   

और सबसे ख़ुश इंसान वही होते हैं, जो हर रोज़ वो चीज़ करते हैं जिनसे वे बेहद प्यार करते हैं न कि रुपयों के लिए. 

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4. दूसरों के लिए काम करना 

जब आप अपने आप को किसी ऐसे काम में लगाते हैं, जिससे आपका कोई वास्ता नहीं बल्कि पूरी तरह से दूसरों का फ़ायदा है तो आप अपने सबसे अच्छे रूप में होते हैं. भले ही फिर आप जानवरों की मदद करें या अनाथालय जाएं. दूसरों को ज़िन्दगी सवार के जो मिलता है उसका मूल्य सिर्फ़ और सिर्फ़ ख़ुशियों में ही हो सकता है.   

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5. सब आपसे प्यार करते हैं, बस कुछ लोगों का ज़ाहिर करने का तरीक़ा थोड़ा सा अलग होता है. 

मुझे ये बात सिखने में बहुत समय लग गया कि कैसे हमें दूसरों की बातें व्यक्तिगत तरीके से नहीं लेनी चाहिए. 

अपने पूरे जीवन मैं चीज़ों को लेकर बेहद ही संवेदनशील रही हूं. मगर समय के साथ मुझे इस बात के एहसास हुआ कि ऐसा करके मैं किसी और का नहीं बल्कि ख़ुद को ही नुकसान पहुंचाती हूं. मगर अपनी मानसिकता बदल कर मैंने ये सोचना शुरू कर दिया कि सब मुझसे प्यार करते हैं. और मैं क्यों न ऐसे सोचूं? ये मेरी दुनिया है. अपने मन से नकारात्मक ख़्याल हटाने के लिए अगर यही मानसिकता सही है तो सही है.     

अगर आप भी गंभीरता से सोचेंगे तो आपको पता चलेगा कि हर कोई एक दूसरे से किसी न किसी स्तर पर प्यार करता है. बस ज़ाहिर करना नहीं आता. और जबसे मैंने दुनिया को इस नज़र से देखना शुरू किया है, यक़ीन मानें, मैं और ख़ुश रहने लगी हूं. 

6. सबसे प्यार करें, उनसे भी जो आपको वापस प्यार नहीं दे सकते हैं 

प्यार के बारे में वही घिसी-पिटी बातें आपने भी सुनी ही होगी. प्यार सबसे अच्छी दवा है. और ये सच ही तो है!   

मैं ऐसे लोगों से मिली हूं जिन्होंने ने कहा है कि वो प्यार नहीं कर सकते या फिर वे उन लोगों को लेकर बहुत ही नाज़ुक मिज़ाज के हैं जिन्हें वे प्यार करते हैं.   

प्रेम की कोई क़ीमत नहीं है. आपके पास कोई सीमित प्रेम नहीं होता है. आप के पास प्यार की कमी नहीं होगी या प्यार ही नहीं रहेगा जब आप उस ख़ास इंसान से मिलेंगे जो आपके प्यार का हक़दार होगा. 

प्यार के बारे में समझने की बात ये है कि ये वास्तव में आप जिससे प्यार करते हैं उसके लिए बहुत कुछ नहीं करता है. हो सकता है कि वो आपके प्यार का महत्व नहीं समझेंगे. या फिर उनके जीवन में पहले ही इतना प्यार होगा कि उन्हें आपके प्यार की ज़रूरत न पड़े.   

अपना प्यार दूसरों को देना ही प्यार का एक मात्र या आख़िरी मक़सद नहीं है. किसी को प्यार करना हमारे लिए होता है. प्यार करने से हमें अच्छा महसूस होता है. ये हमें एक अच्छा इंसान बनाता है.   

अगर आपको मेरी बात पर यक़ीन नहीं है तो ज़रा सोचें उस समय के बारे में जब आप प्यार नहीं करते हैं. आप दुःखी, गुस्से, ज़जमेंटल और एक अलग ही नकारात्मक प्रभाव के व्यक्ति बन जाते हैं. 

लेकिन क्या यही सारे भाव आप तब महसूस करते हैं जब आप किसी से प्यार करते हैं? नहीं क्योंकि प्यार हमें अच्छा महसूस कराता है भले ही सामने वाला हमें प्यार न करे. यक़ीनन, यदी हम किसी से प्यार करें और बदले में वो हमें प्यार न करें तो हमें बुरा ज़रूर लगता है. पर ये भाव बिलकुल अलग है जब हम बिलकुल भी प्यार नहीं करते हैं. इसलिए ख़ुल कर प्यार करें आपको अच्छा महसूस होगा.