तस्वीरें कहानियां बयां करती हैं, कभी साधारण तो कभी आसाधरण, कभी सुखद तो कभी भयावह. तस्वीरों में एक क्षमता होती है किसी भी घटना को दर्शक के सामने सजीव कर देने की. चाहे वो 9/11 हमले की तस्वीर हो या चंद्रमा पर नील आर्मस्ट्रांग के जूतों से बने निशान की तस्वीर हो, हर तस्वीर अपने पीछे एक कहानी लिए होती है.

कभी-कभी कुछ तस्वीरें दिखने में एकदम साधारण होती हैं मगर वो अपने में बहुत भयावह कहानियां समेटे होती हैं. ऐसी ही कुछ तस्वीरें और उनके पीछे की कहानियां हम आपके लिए चुनकर लाए हैं:

1. बेरुत में विध्वंस से पहले अंतिम प्रयास

Source: Listverse

4 अगस्त 2020 को बेरुत एक भयानक विस्फोट से दहल गया. बेरुत के बंदरगाह के एक गोदाम में रखे 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने के बाद ऐसा विस्फोट हुआ जिसकी आवाजें सायप्रस तक सुनी गई. इसमें 181 लोगों की जान गई, कम से कम से 6000 लोग घायल हुए और लगभग 3 लाख लोग बेघर हो गए. इसे इतिहास के सबसे अधिक विनाशकारी और शक्तिशाली गैर-परमाणु विस्फोटों में से एक माना गया है.

विस्फोट के कुछ दिन बाद घटनास्थल से एक फ़ोटोग्राफर का फ़ोन बरामद हुआ जिसमें ये तस्वीर थी. फ़ोटोग्राफर की मौत इसी विस्फोट में हो गयी थी. इस फ़ोटो में, आग की ख़बर मिलने के बाद बेरुत बंदरगाह के गोदाम नंबर 12 को खोलने की कोशिश करते फ़ायर फ़ाइटर देखे जा सकते हैं. मौके पर 10 फ़ायर फ़ाइटर्स की टीम भेजी गयी थी, जिसमें से 3 गोदाम खोलने की कोशिश कर रहें हैं और बाकी पीछे खड़े हैं. कुछ ही पलों बाद विस्फोट हो गया जिनमें इन सब की जान चली गयी.

2. खोपड़ियों का पहाड़

Source: Listverse

1800 और 1900 के बीच अमेरिका में बसने वाले लोगों ने बाइसनों (उत्तरी अमेरिका और यूरोप में पाए जाने वाले जंगली बैल) का बहुत शिकार किया. ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली ट्रेनें ऐसे शिकारियों से भरी रहती थी जो खिड़कियों से बाइसनों पर निशाना लगाते थे और कईयों को मार गिराते थे. शिकारी उनकी खाल उधेड़ते थे, जीभ काट लेते थे और बाकी खुले में सड़ने के लिए छोड़ देते थे. 1872 और 1874 के बीच रेल रोड के ज़रिये क़रीब आधा मिलियन बाइसन खालों का व्यापार हुआ. नतीजा ये हुआ कि बाइसनों की आबादी समाप्ति की कगार पर पहुंच गयी. एक अनुमान के मुताबिक़ शरुआत में उनकी संख्या 30-60 मिलियन रही होगी.

ये तस्वीर उस भीषण कत्लेआम की गवाही है. ये अमेरिका के मिडवेस्ट में 1870 के दशक के मध्य में बाइसन की खोपड़ियों के पहाड़ को दिखाती है. सौभाग्य से संरक्षणवादियों, स्थानीय जनजातियों, किसानों, पशुपालकों सहित और कई लोगों ने बाइसन को विलुप्त होने से बचाने के लिए ठोस प्रयास किए और आज अमेरिका में इनकी संख्या क़रीब 5 लाख है.

3. अब तक गुमशुदा

Source: Listverse

Devonte Hart, जेनिफर और सराह हार्ट द्वारा गोद लिए गए 6 बच्चों में से एक था. 2014 में Devonte ने पोर्टलैंड (अमेरिका) में पुलिस हिंसा के खिलाफ़ हो रहे एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. वहां चेहरे पर गहरी पीड़ा लिए, एक गोरे पुलिस अधिकारी को गले लगाते हुई उसकी ये तस्वीर वायरल हो गयी. बहुत जल्द वो सुर्ख़ियों में आ गया. 2018 में उसके चेहरे के ये भाव लोगों के जेहन में तब आए जब पता चला कि हार्ट परिवार की SUV कैलिफ़ोर्निया में एक पहाड़ पर से नीचे गिर गई है. परिवार के सभी सदस्य उस समय कार में थे और पुलिस का मानना था कि ड्राईवर जेनिफर ने जानबूझकर कार को पहाड़ी गिराई थी. उस समय 5 शव बरामद किए गए थे. बाद में Ciera का शरीर (छह बच्चों में से एक) भी बरामद कर लिया गया और मई 2018 में Devonte Hart के अवशेष एक समुद्र तट पर पाए गए.

Source: Listverse

बाद में ये पाया गया कि गाड़ी चलाते समय जेनिफर शराब के नशे में थी और पैसेंजर सीट पर बैठी सराह मरने के अलग-अलग तरीकों के बारे में पढ़ रही थी. उसकी सर्च हिस्ट्री में से एक सर्च ये था, 'कार के डूबने के बाद हाइपोथर्मिया से मरने में कितना समय लगता है?'

4. पेड़ में बच्चों की कब्र

दक्षिण सुलावेसी, इंडोनेशिया में टोराजा नामक एक जातीय समूह रहता है, जो सर्वात्मवाद में विश्वास करता है. इनके मुताबिक़ सभी जीव-जंतुओं, वनस्पतियों और निर्जीव चीज़ों में भी आत्मा होती है. प्राचीन मान्यताओं और परंपराओं के चलते इस समूह में अंतिम संस्कार बेहद जटिल होते हैं, जो कई दिनों तक चलते हैं. इस दौरान कई समारोहों का भी आयोजन होता है. क्योंकि औसत टोराजन परिवार की कमाई बहुत ज़्यादा नहीं होती है, और अंतिम संस्कार के ख़र्चे उठाने के लिए पैसे कम पड़ जाते हैं, तो कभी-कभी उन समारोहों के आयोजन में महीनों से सालों तक लग जाते हैं. इस दौरान शव को लेप लगाकर संरक्षित किया जाता है और उसे उसके परिवार के साथ रखा जाता है. जब ये समारोह पूरे हो जाते हैं तो शव को एक सुंदर ताबूत में रख कर गुफ़ा में दफ़ना दिया जाता है या किसी पहाड़ी से लटका दिया जाता है.

यहां जब एक बच्चे की मौत हो जाती है तो उसी तरह दफ़न नहीं किया जाता है. अगर एक बच्चे की मौत दांत आने से पहले हो जाती है तो उसके शव को एक कपड़े में लपेटा जाता है और एक पेड़ के तने में एक खोखली जगह बनाकर उसके अंदर रखा जाता है. ख़ाली जगह को ताड़ के रेशों से भरकर बंद कर दिया जाता है. जब पेड़ पहले की तरह होने लगता है, अर्थात उसके खोखले भाग भरने लगते हैं, तो ये माना जाता है कि बच्चे पेड़ के द्वारा अवशोषित कर लिए गए हैं.

5. क्लास फ़ोटो

Source: Listverse

पहली नज़र में ये फ़ोटो किसी साधारण क्लास की साधारण फ़ोटो से ज़्यादा कुछ नहीं लगती है, जबतक कि आप फ़ोटो के कोने में दो लड़कों को कैमरा की तरफ़ काल्पनिक बंदूकों से शूट करते हुए नहीं देखते हैं. ये दो लड़के, Eric Harris और Dylan Klebold हैं. 1999 में Columbine High School में ली गई इस फ़ोटो के कुछ सप्ताह बाद ही इन दोनों में अपने उस प्लान पर अमल किया, जिसकी प्लानिंग पर वो 1 साल से ज़्यादा वक़्त से काम कर रहे थे.

इन दोनों सीनियर्स ने कैफेटेरिया और अपनी कारों में बम रख दिए. कार स्कूल के पार्किंग लॉट में खड़ी थी. इन बमों में विस्फोट नहीं हुआ मगर ये दोनों हथियार ले के स्कूल में दाखिल हो गए और गोलियां चलानी शुरु कर दी. इन दोनों ने 12 छात्रों और 1 शिक्षक मार दिया, जबकि 21 लोग इनकी गोलियों से घायल हो गए. 3 अन्य लोग इस नरसंहार से भागने की कोशिश में घायल हो गए. Harris और Klebold ने स्कूल की लाइब्रेरी में आत्महत्या कर ली.

6. फिरौती की फ़ोटो

Source: Listverse

1 फरवरी 2012 को 18 वर्षीय Samantha Koenig का अलास्का के एंकोरेज से अपहरण कर लिया गया था. Israel Keyes ने Samantha का डेबिट कार्ड और अन्य कीमती सामान चुरा लिया, उसका बलात्कार किया और फिर अगले दिन उसकी हत्या कर दी. उसके शव को एक शेड में छोड़कर वो अपने परिवार से मिलने न्यू ऑरलियन्स चला गया गया, जहां से पूरा परिवार दो हफ़्तों के लिए क्रूज पर मैक्सिको की खाड़ी की यात्रा पर चला गया. क्रूज खत्म होने के बाद Keyes अलास्का के उस शेड में वापस गया.

उसने Samantha के चेहरे पर मेकअप लगाया और पलकों को खुला रखने के लिए उसे सिल दिया. फिर उसने उसके शरीर के पास एक चार दिन पुराना अख़बार रखा और एक फ़ोटो खींच ली. 30 हज़ार डॉलर की फिरौती की मांग के साथ उसने ये फ़ोटो Samantha के माता-पिता को भेजी. इसके बाद उसने शव को टुकड़े-टुकड़े कर Matanuska झील में फेंक दिया. Samantha के परिवार ने फिरौती की रकम दे दी, और Keyes Samantha के डेबिट कार्ड से ट्रांजैक्शन करता रहा. इन्हीं ट्रांजैक्शन की मदद से उसे आख़िरकार ट्रैक किया गया और गिरफ़्तार कर लिया गया. 2 दिसंबर 2012 को Keyes ने आत्महत्या कर ली.

7. घर की फ़ोटो

Source: Listverse

1948 में David ‘Chim’ Seymour ने ये फ़ोटो खींची जिसका कैप्शन लिखा, 'बच्चों के घाव सिर्फ़ बाहरी नहीं होते हैं. सालों के दुःख से जो (घाव) दिमाग में बने हैं उनको भरने में वर्षों लगेंगे.' ये पोलैंड के वारसॉ में स्थित मानसिक रूप से व्यथित बच्चों का स्कूल था, जिसमें 8 वर्षीय Tereska दिख रही है. वो शिक्षक द्वारा दिए गए एक असाइनमेंट को पूरा कर रही है जिसमें उसे घर की ड्राइंग बनानी है. बिल्डिंग बनाने की बजाए वो ब्लैकबोर्ड पर टेढ़ी -मेढ़ी लाइने खींच रही है. फ़ोटो में फ़ोटोग्राफर पर उसके गुस्से को साफ़ देखा जा सकता है.

Tereska जब सिर्फ़ चार साल की थी तो गेस्टापो ने उसके पिता को पकड़ लिया था. वो और उसकी किशोर बहन अपनी दादी के घर भाग गए. फिर उनकी दादी के घर पर भी हमला हो गया और उन्हें फिर से भागना पड़ा. उनकी बूढ़ी दादी घर में कोई भूली हुई चीज़ लेने गयी मगर कभी लौटी नहीं. माना जाता है या तो उन्हें गोली मार दी गई होगी या वो किसी बम हमले में मर गई होगी. इस दौरान छर्रे का एक बड़ा टुकड़ा Tereska के सर पर लग गया और उसका ब्रेन डैमेज हो गया. एक गांव में पहुंचने से पहले Tereska और उसकी बहन Jadzia तीन हफ़्तों तक युद्ध क्षेत्र में पैदल चलते रहे. आने वाले वर्षों में Tereska की मानसिक हालात ख़राब होती गयी और उसकी बाक़ी ज़िंदगी पागलखाने में बीती, जहां 1978 में उसकी मौत हो गयी.

8. तलवार से हमला

Source: Listverse

22 अक्टूबर 2015 को 21 वर्षीय Anton Lundin Pettersson स्वीडन के Trollhättan स्थित क्रोनन स्कूल में एक तलवार ले के घुसा. उसने WWII का जर्मन हेलमेट पहना था और एक मास्क लगाया था, जो डार्थ वाडर (स्टार-वार्स फ़िल्म में विलन किरदार) से मिलता-जुलता था. उसने 20 वर्षीय TA Lavin Eskandar पर तलवार से हमला किया और फिर 15 वर्षीय अहमद हसन के पेट में चाकू मार दिया. Eskandar की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि हसन की अस्पताल में मौत हो गई.

Pettersson हॉल में घूम रहा था जब दो बेख़बर स्टूडेंट उसके पास आकर फ़ोटो खिंचाने लगे, ये सोच कर कि ये किसी हैलोवीन प्रैंक का हिस्सा है. ठीक इसके बाद, एक 42 वर्षीय शिक्षक, Nazir Amso, ने उसे मास्क उतारने को कहा, जिसका जवाब Pettersson ने उनको चाकू घोंप कर दिया. अस्पताल में 6 सप्ताह रहने के बाद Amso की भी मौत हो गयी. अब तक पुलिस स्कूल में दाख़िल हो चुकी थी और उन्होंने Pettersson को गोली मार दी, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

9. Shell Shocked

Source: Listverse

ये फ़ोटो सितंबर 1916 में Flers-Courcelette के युद्ध के दौरान एक खड्डे (Trench) में ली गयी थी. इस फ़ोटो में जो एक ख़ुश और मुस्कुराता हुआ सिपाही दिख रहा है वो दरअसल ख़ुश नहीं है बल्कि ‘Shell-Shocked’ है. वो अपने चारों तरफ़ होने वाली मौतों और विनाश से बहुत व्यथित है. युद्ध के दौरान ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक Charles Samuel Myers ने इस टर्म को चलन में लाया था.

10. कीचड़ में फंसी ज़िंदगी

Source: Listverse

1985 में एक आपदा ने कोलंबिया के एक छोटे शहर, Armero, को तब दहला दिया जब पास में ही एक ज्वालामुखी फट गया. इससे कीचड़ की एक बहुत भयानक बाढ़ आ गई, जिसने आस-पास के इलाक़े को अपने चपेट में ले लिया. Nevado del Ruiz नाम का ये ज्वालामुखी 13 नवंबर 1985 को फटा और ऐसा Mud Slide आया जिसने Armero के 85% हिस्सों को ढंक दिया. सारे घर, सड़क, पुल बर्बाद हो गए और लोग कीचड़ में फंस गए. शहर के ज़्यादातर लोग मारे गए, क़रीब 25 हज़ार. शहर की सिर्फ़ 1/5 आबादी ही बच पाई. शुरुआती बचाव कार्य शुरू होने में घंटो बीत गए.

आपदा के दो दिन बाद, फ़ोटोटोजॉर्नलिस्ट Frank Fournier ने बचाव कार्य की तस्वीरें लेने के लिए Armero का रुख़ किया. वहां पर मौत के कगार पर खड़े लोगों की चीख-पुकार सुनकर वो हैरान रह गए. एक किसान Fournier के पास गया और उन्हें एक छोटी लड़की के पास ले गया, जो तीन दिनों से उसके घर के नीचे फंसी हुई थी. 13 वर्षीय Omayra Sánchez Garzón गले तक पानी और मलबे में दबी हुई थी और बचावकर्मी उसे बचाने की जी तोड़ कोशिश कर रहे थे.उसके पैर पानी में किसी चीज़ में फंसे हुए थे.

जब तक Fournier उसके पास पहुंचे वो बार-बार बेहोश हो रही थी. Fournier ने Omayra की तस्वीर ली. Omayra ने उनसे उसे स्कूल ले जाने को कहा क्योंकि वो अपनी क्लास के लिए लेट नहीं होना चाहती थी. Fournier उसके पास रुके रहें जबकि स्वयंसेवक और बचाव दल उसे बचाने की कोशिश करते रहे. एक वक़्त पर आ के उसने सबको आराम करने को कहा और अपनी मां को अलविदा कहने के लिए कहा. 3 घंटे बाद Omayra की मौत हो गई.

दिल दहला देने वाली इन घटनाओं से इतर समाज में फ़ोटोग्राफी के योगदान के हज़ारों उदाहरण मौजूद हैं.