शादी के लिए इंकार करने पर, छेड़छाड़ी का विरोध करने पर या फिर प्रेम अस्वीकार करने पर. भारत में महिलाओं पर एसिड छिड़कने के कई कारण होते हैं और कभी-कभी कोई कारण नहीं होता.


एसिड अटैक सर्वाइवर की ज़िन्दगी ज़्यादा दर्दनाक तब हो जाती है जब उनके गुनहगार खुलेआम घूमते हैं. भारतीय दंड संहिता की धारा 326A के तहत एसिड से हमला करने वाले को कम से कम 10 साल तक की सज़ा हो सकती है. फिर भी कई गुनहगार आराम से ज़िन्दगी गुज़ारते हैं.

भारत में एसिड की बिक्री पर पूरी तरह से बैन नहीं है और कुछ ख़ास दुकानें ही एसिड बेच सकती हैं.


एसिड अटैक की एक घटना बिहार के भागलपुर में हुई. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, 17 वर्षीय लड़की ने छेड़छाड़ का विरोध किया था और इसी वजह से उसे एसिड से जला दिया गया.

एस.पी. रूप रंजन के शब्दों में,

आरोपी प्रिंस अपने 3 दोस्तों के साथ सर्वाइवर के घर में घुस गया और उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की. इन लोगों ने उसकी मां पर बंदूक तान दी थी.

आरोपी प्रिंस को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

काजल की मां पूनम के शब्दों में,

एक आदमी ने मुझ पर बंदूक तानी हुई थी, मैं देखती रही और उन्होंने मेरी 17 साल की बेटी के चेहरे और शरीर पर एसिड डाल दिया. वो दर्द से चीखी पर मैं उसकी मदद नहीं कर पाई. उन लोगों ने मुझे कस के पकड़ा हुआ था. जब वो लोग घर से भाग गए तो मैं अपनी बेटी के पास पहुंची, वो ज़मीन पर पड़ी थी, उसका पूरा शरीर जल रहा था और वो रो रही थी, चिल्ला रही थी. मैंने उसकी मदद करने की कोशिश की. मैं दहशत में थी और मैंने ध्यान नहीं दिया और उसके शरीर के एसिड से मेरे भी हाथ जल गए.

Milaap के अनुसार, इस घटना के कुछ देर बार काजल के पिता, गौतम और कज़न घर पहुंचे और काजल को ज़मीन पर पड़ा देखा. उन्होंने एक कपड़े की मदद से उसे चेयर पर बैठाया और अस्पताल ले गए.

काजल का शरीर 40% जल चुका है और इस हमले से वो ताउम्र दृष्टिहीन हो सकती है. वो सिर्फ़ Fluids पर जी रही है. काजल के पिता, गौतम के शब्दों में,

हम बस ये चाहते हैं कि वो ठीक हो जाए और हम उसे घर ले जाएं. वो दिनभर दर्द में चीखती है और करवट भी नहीं ले सकती. उस रात से वो सोई तक नहीं है.

काजल के इलाज में 50 लाख का ख़र्च आएगा और गौतम इतना ख़र्च उठाने में असमर्थ हैं. काजल को हमारी सहायता की ज़रूरत है. काजल की मदद करने के लिए यहां क्लिक करें.