दिल्ली सरकार ने इस साल दीपावली के दौरान होने वाले प्रदूषण से लड़ने की तैयारी कर ली है. इसके लिए केजरीवाल सरकार 'लेज़र लाइट शो' का आयोजन करने जा रही है.

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दिल्ली सरकार दीपावली के मौके पर दिल्ली वासियों के लिए कनॉट प्लेस स्थित 'सेंट्रल पार्क' में 26 से 29 अक्टूबर तक 'लेज़र लाइट शो' का आयोजन करने जा रही है. ताकि अधिक से अधिक संख्या में लोग घरों से निकलकर इस शो का लुत्फ़ उठा सकें.

दरअसल, दिल्ली सरकार का मक़सद इस 'लेज़र लाइट शो' के ज़रिए दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण को कम करना है. साथ ही दीपावली के दौरान लोग घरों में रहकर पटाखे जलाने के बजाए कनॉट प्लेस जाकर इस 'लेज़र लाइट शो' का लुत्फ़ उठा सकें.

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इस शो को देखने के लिए किसी भी तरह के पास या टिकट की ज़रूरत नहीं होगी. इस दौरान पूरे कनॉट प्लेस को लेज़र लाइट से सजाया जाएगा. हर दिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक हर घंटे अलग-अलग तरह का लेज़र शो आयोजित होगा.

इस दौरान यहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये जायेंगे. लोग फ़ूड कोर्ट में लज़ीज़ खाने का आनंद ले सकते हैं. 'सेंट्रल पार्क' के अंदर ही ख़रीदारी के लिए बाज़ार का आयोजन भी किया जायेगा.

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मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि 'इस बार दिल्ली के सभी लोग मिलकर-जुलकर एकसाथ कनॉट प्लेस में प्रदूषण रहित दिवाली मनाएंगे. 26 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक शाम को 6-10 बजे के बीच लोग यहां कभी भी आ सकते हैं.

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिवाली पर पटाखों से प्रदूषण होता है. इस बार ऐसा न हो इसके लिए लेज़र शो को देखने के लिए लोग आएं. पिछली बार सिग्नेचर ब्रिज पर लोग आए थे. इस बार सीपी आएं और साथ में दिवाली मनाएं.

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दिल्ली सरकार के इस फ़ैसले का कनॉट प्लेस के दुकानदार जमकर विरोध कर रहे हैं. दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर पोस्टर लगाकर इसका विरोध कर रहे हैं. इस मामले पर दुकानदारों का कहना है कि इस शो से उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचेगा. साथ ही कनॉट प्लेस की सुरक्षा में भी सेंध लग सकती है.

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आख़िर क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली सरकार ने इस शो के दौरान 4 दिनों तक सभी पार्किंग को बंद करने का आदेश दिया है. पार्किंग बंद होने यहां आने वाले ग्राहकों पर खासा असर पड़ेगा. जिसका इसका सीधा असर दुकानदारी पर होगा. इसी बात को लेकर कनॉट प्लेस के दुकानदार नाराज़ हैं.