21वीं सदी में समलैगिकता कोई बड़ी बात नहीं रह गयी है. आज समलैगिक जोड़ों का शादी करके एक साथ रहना आम बात है. दुनिया के कई देश इसे कानूनी मान्यता दे चुके हैं.

मिलिए, वैभव जैन और पराग वी. मेहता से जिन्होंने समाज की ग़लत धारणाओं को तोड़ते हुए ज़िंदगी भर साथ रहने की कसमें खाई हैं. भारतीय मूल के इस समलैगिक जोड़े ने हाल ही में अमेरिका के टेक्सस में बड़े धूम धाम से शादी की है.

वैभव और पराग इसी साल 30 मार्च को जैन परंपराओं के तहत बड़े धूम धाम से शादी की. इस ख़ास मौके पर उनके परिवार के लोग और दोस्त शामिल हुए.

वैभव 'अमेरिकन इंसिट्यूट फ़ॉर रिसर्च' में रिसर्च एसोसिएट के तौर पर कार्यरत हैं. जबकि पराग 'मास्टरकार्ड' में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं.

वैभव और पराग की मुलाक़ात साल 2012 में एक गे परेड के दौरान हुई थी. इस दौरान दोनों ज़्यादा बातचीत नहीं कर पाए. इसके बाद फ़ेसबुक के ज़रिये दोनों के बीच दोस्ती हो गयी. कुछ समय बाद ये दोस्ती प्यार में बदल गयी

ब्रूट इंडिया के मुताबिक़, ये शादी पूरी तरह से भारतीय रीति रिवाज़ों के अनुसार ही हुई. पहले मेहंदी फिर संगीत उसके बाद बारात निकली. दोनों ही परिवार गुजराती मूल के हैं इसलिए शादी में गरबा भी खेला गया.

भारत में समलैंगिकता ग़ैरकानूनी है इसलिए वैभव 2011 में अमेरिका आ गए. एक रूढ़िवादी परिवार में पले बढे वैभव की यात्रा कैसी थी उसको लेकर उनका कहना था कि-

'भारत में समलैंगिकता के साथ बड़ा होना बेहद ख़राब अनुभव रहा. भारत में आज भी लोग समलैंगिकता को लेकर सहज नहीं दिखते. जबकि टेक्सस के एक छोटे से शहर में पले बड़े पराग के लिए चीज़ें एकदम अलग थीं. यहां उन्हें किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा.
पराग कहते हैं 'वैभव और मैंने जो करने की कोशिश की है, वो ऐसे लोगों को मदद करेगा जो समान-सेक्स संबंधों के बारे में संदेह रखते हैं. ये देखते हैं कि दो लड़कों के बीच प्यार शादी और सेक्स कैसे हो सकता है.

वैभव और पराग ने ये साहसिक कदम उठाकर समाज को आईना दिखने का काम किया है. रिश्ते चाहे कैसे भी हों अगर दो लोग एक दूसरे के साथ ख़ुश हैं तो उन्हें ख़ुश रहने दें.