कोविड-19 महामारी के चलते सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं. ऐसे में सभी स्टूडेंट्स की ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं. कोई लैपटॉप तो कोई स्मार्टफ़ोन के सामने बैठ कर पढ़ाई कर रहा है. मगर सभी लोग इतने भाग्यशाली नहीं होते. ख़ासतौर पर ग़रीब परिवार के बच्चे जिनके लिए पढ़ाई से ज़्यादा पेट भरना अहम होता है.

Source: ANI

स्कूल में तो किसी तरह इनकी पढ़ाई हो जाती थी, लेकिन इनके बंद होने से ग़रीब बच्चों की पढ़ाई भी बंद हो गई. ऐसे बच्चों की मदद के लिए आगे आए हैं मोहाली के एक टीचर. ये अपने इलाके में एक मोबाइल लाइब्रेरी चला रहे हैं. इसके ज़रिये ग़रीब बच्चों को मुफ़्त में किताबें और पढ़ाई-लिखाई का सामान उपलब्ध कराया जा रहा है.

Source: ANI

ग़रीब बच्चों के लिए मसीहा बन कर आए इस टीचर का नाम संदीप कुमार है. वो एक टीचर हैं. उन्होंने इस बारे में ANI से बात करते हुए कहा- 'मैं एक स्कूल में टीचर था. कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के बाद मैंने सोचा कि ग़रीब बच्चे जिनके पास बेसिक चीज़ें जैसे पेंसिल, नोटबुक आदि नहीं हैं, वो कैसे पढ़ेंगे? तब मैंने इस मोबाइल लाइब्रेरी के ज़रिये उनकी मदद करने के बारे में सोचा था.'

संदीप की ख़बर सोशल मीडिया पर आने के बाद लोग उनकी तारीफ़ कर रहे हैं. इतना ही नहीं वो उनकी डिटेल्स मांग संदीप की मदद करने के लिए भी आगे आ रहे हैं. आप भी देखिए:

ये मोबाइल लाइब्रेरी Open Eye Foundation नाम के एनजीओ द्वारा चलाई जा रही है, जिसके संस्थापक संदीप कुमार हैं. वो पिछले कई सालों से लोगों से किताबें लेकर ग़रीब बच्चों में बांटने का काम कर रहे हैं. पहले वो स्कूटर पर बुक्स बांटते थे. लेकिन अब इनकी मांग तेज़ी से बढ़ने पर उन्होंने इस मोबाइल लाइब्रेरी की शुरुआत की है.

Source: facebook

इस वैन के ज़रिये वो पढ़ाई के सामान के साथ ही सैनेटरी पैड्स और मास्क भी लोगों को बांट रहे हैं. अभी तक संदीप 40 हज़ार किताबें लोगों से लेकर इनमें से 10 हज़ार बुक्स इलाके में बांट चुके हैं.   

ऐसे शिक्षक ही देश की तस्वीर बदल रहे हैं. संदीप जी को हमारा सलाम.

Life से जुड़े दूसरे आर्टिकल पढ़ें ScoopWhoop हिंदी पर.