2020 में अगर हमने बहुत सी बुरी चीज़ें देखी, तो कई अच्छी ख़बरें भी सुनने को मिली. इंसानियत भरी इन ख़बरों ने न सिर्फ़ हमें इंसानियत का पाठ पढ़ाया, बल्कि मनोबल भी बढ़ाया. ऐसी ही ख़बर हुबली से भी सामने आई है. ये कहानी है 9वीं क्लास में पढ़ने वाले कुमार की. कुमार हुबली में आम के पत्तों से बनी झालर बेच रहा है. ताकि अगली कक्षा की पढ़ाई के लिये किताबें ख़रीब सके.

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ये बात जब ड्यूटी पर तैनात हुबली ईस्ट ट्रैफिक़ पुलिस सिपाही शंभू राडर को पता चली, तो उन्होंने कुमार की मदद को हाथ आगे बढ़ाया. उन्होंने वहां स्थित एक बुक स्टॉल से छात्र को नोटबुक और पेन दिलाया. पढ़ाई का सामान पाकर उसके चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान थी. इसके साथ ही सिपाही के दिल में सुकून.

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न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 9वीं क्लास में पढ़ने वाला ये लड़का हुबली से 20 किमी दूर तादासीनकोप्पा गांव का रहने वाला है. लॉकडाउन की वजह उसके परिवार की आर्थिक हालत ख़राब हो गई थी. इसलिये वो छुट्टी के दिन अपनी चाची के साथ शहर के संगोली रायन्ना सर्कल में झालर बेचने आ गया. वो सरकारी स्कूल का छात्र है और 10वीं क्लास के लिये नोटबुक की ज़रूरत थी. सिपाही शंभू राडर का कहना है कि कुमार को पढ़ाई में रुचि है और इसके बाद शायद उसके साथ कुछ अच्छा हो.

अगर आप हुबली के आस-पास रहते हैं या किसी तरह से इस बच्चे की मदद कर सकते हैं, तो प्लीज़ कर दीजिये.