कुछ दिनों पहले एक दोस्त से बात हो रही थी. वो रात में अपने एक डरावने सपने के बारे में बता रही थी. उसने सपने में देखा था कि उसके घरवाले एक सफ़ेद चादर में लिपटी लाश के सामने खड़े हैं और शोक मना रहे हैं. सपने में उसने लाश की शक़्ल देखी थी पर दिमाग़ पर बहुत ज़्यादा ज़ोर डालने पर भी उसे शक़्ल याद नहीं आई.

Source: Lucid Dreams Society

कुछ लोग आसानी से सपने याद रख लेते हैं, वहीं कुछ लोग दिमाग़ के हज़ार घोड़े दौड़ा लें पर उन्हें याद नहीं रहता.


एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों के लिए सपने याद रखना बहुत ही आसान होता है, दूसरों को सपने याद करने में बहुत मेहनत लगती है, पर फिर भी उन्हें पूरे सपने याद नहीं आते.

सवाल तो आया ही होगा कि कुछ लोगों को सपने आसानी से कैसे याद रहते हैं? इसका जवाब छिपा है लोगों के सोने के तरीकों और हमारे शरीर के केमिकल्स.

Source: Medical News Today

जब हम सोने जाते हैं तो हमारा दिमाग़ 4 अलग Mental States से गुज़रता है. फ़ाइनल स्टेज, REM या Rapid Eye Movement के दौरान हमारा दिमाग़ सपना देखने लगता है. REM नींद के दौरान हमारी पलकें तेज़ी से फड़फड़ाती हैं, दिल की धड़कन धीमी हो जाती हैं और शरीर एक Paralyzed State में चला जाता है. इस स्टेज पर हमारे शरीर में दो केमिकल्स का लेवल बदलता है.


जब हम सोने जाते हैं तो हमारा दिमाग़ 4 अलग Mental States से गुज़रता है. फ़ाइनल स्टेज, REM या Rapid Eye Movement के दौरान हमारा दिमाग़ सपना देखने लगता है. REM नींद के दौरान हमारी पलकें तेज़ी से फड़फड़ाती हैं, दिल की धड़कन धीमी हो जाती हैं और शरीर एक Paralyzed State में चला जाता है. इस स्टेज पर हमारे शरीर में दो केमिकल्स का लेवल बदलता है.

Source: Monster

जब हम सोने जाते हैं या अलार्म से उठते हैं तो इन केमिकल्स की मात्रा तेज़ी से बढ़ती है जिससे सपने याद रखने की क्षमता कम हो जाती है. कभी-कभी हमारा दिमाग़ इसलिए भी याद नहीं रखता क्योंकि ये उतने एक्साइटिंग नहीं होते.