पिछले हफ़्ते स्पेन के एक चिड़ियाघर में 47 साल के एक हाथी की मौत हो गयी थी. इस हाथी को दुनिया का सबसे दुःखी हाथी बताया जाता था. ऐसा इसलिए क्योंकि ये हाथी इस चिड़ियाघर में 43 साल तक अकेले रहा, जिस कारण ये अकेलेपन से डिप्रेशन का शिकार हो गया था.

Flavia ने अपनी ज़िंदगी के 43 साल दक्षिणी स्पेन के Cordoba Zoo में अकेले गुज़ारे. पिछले हफ़्ते डिप्रेशन का शिकार उसका निधन हो गया.

'द लोकल' की रिपोर्ट मुताबिक़ पिछले कई महीनों से Flavia की तबियत ख़राब थी. पिछले शुक्रवार को वो अचानक अपने बाड़े में गिर गया था. Flavia अपने पैरों पर खड़ा होने में भी असमर्थ था.

वेबसाइट के अनुसार, कॉर्डोबा सिटी हॉल में पर्यावरण मुद्दों के प्रभारी Amparo Pernichi ने कहा कि Flavia की मौत चिड़ियाघर परिवार के लिए एक दुःख की बात है. पिछले छह महीने से वो शारीरिक तौर पर बेहद कमज़ोर हो गया था. Flavia इस शहर का प्रतीक है.

वहीं पशु अधिकारों के लिए लड़ने वालों का कहना है कि ये एक दुःखद घटना है. Flavia को अवसाद पीड़ित बताया गया था. उसका ख़्याल रखने के लिए उसे अन्य हाथियों के साथ रखा जा सकता था, लेकिन चिड़ियाघर प्रशासन की तरफ़ से समय रहते इस तरह के कदम नहीं उठाये गए.

दरअसल, अफ़्रीकी हाथी अकसर झुंड में रहना पसंद करते हैं, वो भी कम से कम 11 से अधिक सदस्यों वाले झुंड के साथ. कई हाथी तो 100 से लेकर और 1,000 से अधिक के झुंड में रहते हैं. अब जब Flavia इस दुनिया में नहीं है, तो उसकी मौत का सबसे बड़ा कारण अकेलापन ही बताया जा रहा है.

साल 2009 के एक अध्ययन में पाया गया कि अन्य हाथियों के संपर्क में रहने वाले हाथी लंबा जीवन जीते हैं और ख़ुश रहते हैं. एकान्त हाथी स्वयं को नुकसान पहुंचाने लगते हैं. वो चिढ़चिढ़े हो जाते हैं ऐसे में वो कुछ भी कर जाते हैं.