स्कूल पढ़ाई का कम तोड़ाई का अड्डा ज़्यादा मालूम होते हैं. आज का तो माहौल फिर बदल गया, मगर अपने वक़्त में तो मास्टर कूटने का कोई अवसर नहीं छोड़ते थे. ऐसे-ऐसे फर्जी नियम बनाकर हौकते थे कि जी बिल्ला जाए. कभी बाल तो कभी नाखून बड़े होने पर धुलाई, कभी इंटरवल में ज़्यादा खेल लो तो कुटाई. अमा प्रार्थना में हलकी सी भी लाइन टेढ़ी हो जाए, तो पीठ पर धनचुक्का. 

मुझे आज तक यही लगता था कि हमारे स्कूल से ज़्यादा फर्जी नियम कहीं हो नहीं सकते. मगर फिर मेरी नज़र दुनिया के कई देशों के ऐसे स्कूलों पर गई, जहां के अजीबो-ग़रीब नियम जानकर मुझे अपना स्कूल स्वर्ग सरीखा लगने लगा. 

चलिए आपको भी बताते हैं दुनियाभर के स्कूलों के कुछ अजीबो-ग़रीब नियमों के बारें में-

1. बेस्ट फ्रेंड नहीं बना सकते

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किसी भी मुसीबत में एक अच्छा दोस्त आपके बहुत काम आ सकता है. यूं भी अपनी बातें, इमोशन शेयर करने के लिए हम सभी को एक आदा दोस्त की ज़रूरत तो पड़ती ही है. मगर यूके में थॉमस के स्कूल का नियम है कि आप बेस्ट फ्रेंड नहीं बना सकते हैं. स्कूल प्रशासन का मानना है कि वो नहीं चाहते कि कोई बच्चा अकेला महसूस करे.

2. एक-दूसरे को गले नहीं लगा सकते

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स्कूल में बच्चों जम मिलते हैं, तो वो हाइ फाइव करते हैं या गले मिलते हैं. मगर इंग्लैंड और अमेरिका के कुछ राज्यों में कुछ स्कूल हैं, जहां ऐसा करना मना है. . 

3. रिलेशनशिप पर है सख़्त रोक

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स्कूली ज़िंदगी का रोमांस तो हम सबकी यादों का हिस्सा है. मगर जापान के कुछ स्कूलों में इस पर रोक है. यहां डेटिंग पर बैन है. उनका मानना है कि इससे बच्चों का ध्यान भटकता है.

4. स्मार्ट दिखने पर मनाही

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स्कूल में हम सभी एकदम चौचक दिखना चाहते हैं. मगर जापान के कुछ स्कूल मेकअप वगैरह की इजाज़त नहीं देते. ख़ासतौर से लड़कियों को. मेकअप, नेल पेंटिंग और टांगों को शेव करने की अनुमति नहीं है. 

5. लाल इंक का पेन नहीं कर सकते यूज़

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सिर्फ़ बच्चों पर ही नहीं, टीचरों पर भी कुछ चीज़ों की मनाही है. कॉर्नवाल काउंटी में एक स्कूल ने ऐसा नियम बनाया है, जिसके तहत टीचर बच्चों की ग़लतियां बताने के लिए लाल के बजाय हरे रंग का पेन इस्तेमाल करेगा. उनका मानना है कि लाल रंग से ग़लतियां हाइलाइट करना एक तरह से बच्चे पर नकारात्मक असर डालता है.

6. एक सेमेस्टर में सिर्फ़  3 बार टॉयलेट जा सकते हैं

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शिकागो प्रबंधन ने एवरग्रीन हाई स्कूल में ये नियम बनाया है. जिसके तहत एक सेमेस्टर में सिर्फ़ तीन बार ही वॉशरूम जा सकते हैं. इससे ज़्यादा जाने पर सज़ा मिलेगी. जिन छात्रों को यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उनके लिए ये काफ़ी ख़तरनाक नियम है. पेरेंट्स ने भी इस नियम की आलोचना की है.

7. लड़के-लड़कियों के बीच पर्दा

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ये हाल ही में आया तालिबानी फ़रमान है, जिसकी तस्वीरें भी वायरल हुई थीं. अफ़गानिस्तान में क्लासरूम में लड़के और लड़कियों को एक पर्दा या बोर्ड से अलग किया गया है. पर्दे के एक तरफ लड़कियां बैठेंगी और दूसरी तरफ लड़के. 

इन स्कूलों का मानना है कि अगर इन चीज़ों पर रोक नहीं लगाएं, तो बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटक जाएगा. इन नियमों को लेकर आपकी क्या राय है, हमें कमंट बॉक्स में बताएं.