World’s Wonders Present Cost: दुनिया में ऐसी कई इमारतें हैं, जिनकी गिनती विश्व के अजूबों में की जाती है. इसके पीछे की मुख्य वजह इनका अद्भुत आर्किटेक्चर है. इनको देखते ही आंखों को बस इन्हें देखते ही रहने का मन करता है. साथ ही मन में ये सवाल भी कौंधता है कि इतने नायाब वास्तुशिल्प चमत्कारों को बनाने में कितना दिमाग़ खपाया गया होगा. साथ ही उन्हें बनाने में कितनी लागत आई होगी. 

तो आइए आज आपको इसी सवाल का जवाब देते हुए दुनिया की कुछ बेमिसाल इमारतों (World’s Wonders Present Cost) को बनाने में आई लागत के बारे में बता देते हैं. साथ ही हम आपको ये भी बताएंगे कि अगर उन्हें आज के समय में बनाया जाता, तो उसके लिए कितने रुपए ख़र्च करने पड़ते.  

World’s Wonders Present Cost

1. ताज महल (भारत)

ताज महल को भारत की शान और प्रेम का प्रतीक चिन्ह माना जाता है. बताया जाता है कि ताज महल का निर्माण 20 वर्षों में पूरा हुआ था और इसे बनाने में क़रीब 20 हज़ार कारीगर लगाए गए थे. मुगल सम्राट शाहजहां ने इस ख़ूबसूरत इमारत को अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था. उस दौरान इसे बनाने में क़रीब 32 मिलियन यानि 320 लाख रुपए का ख़र्चा आया था. एक्सपर्ट्स की मानें, तो आज के समय इसे बनाने में एक अरब से भी ज़्यादा का ख़र्चा आएगा. (World’s Wonders Present Cost)

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2. ग्रेट गीज़ा पिरामिड (मिस्त्र)

26 BC में बने मिस्त्र में ग्रेट गीज़ा पिरामिड की बनावट और सदियों पुराना इतिहास आज भी लोगों को हैरान कर देता है. इसने क़रीब 4000 सालों से दुनिया की सबसे ऊंची मानव निर्मित संरचना होने के अपने दावे को बनाए रखने में कामयाबी हासिल की है. ये अब तक का सबसे पॉपुलर टूरिस्ट आकर्षण है. रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इसे बनाने में लगभग 2.3 मिलियन लाइमस्टोन के ब्लॉक्स का इस्तेमाल किया गया था. अगर इस रिकॉर्ड के मुताबिक चले, तो एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के समय में इसे बनाने में 120 करोड़ डॉलर का ख़र्चा आएगा. 

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3. एफ़िल टॉवर (पेरिस)

फ्रांस के पेरिस में बना एफिल टॉवर अपने आप में बेहद खास है. इसकी कारीगरी पूरी दुनिया में मशहूर है. इसे 1889 में 7.8 मिलियन फ़्रैंक यानि क़रीब 62 करोड़ रुपए में बनवाया गया था, जो आज की तारीख़ में क़रीब 80 मिलियन डॉलर के बराबर है. (World’s Wonders Present Cost)

4. हूवर बांध (USA)

दुनिया में एक ऐसी भी जगह है, जहां कोई भी चीज़ ऊपर से फेंको या नीचे से वो जाती ऊपर ही है. वो जगह है यूनाइटेड स्टेट्स के नेवाडा स्टेट में कोलराडो नदी पर बना ‘हूवर बांध‘. यहां ग्रेविटी के सारे नियम फेल हो जाते हैं. हूवर बांध 1930 के दशक में महामंदी के दौरान बनाया गया था. ये एक मेगा प्रोजेक्ट था और रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इसे 49 मिलियन डॉलर में बनाया गया था. आज की तारीख़ में ये क़रीब 890 मिलियन डॉलर के क़रीब होता. इसके अलावा बताया जाता है कि, इस बांध में बनाने के दौरान क़रीब 100 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी.  

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5. स्टोनहेंज (UK)

इंग्लैंड का स्टोनहेंज अपने आप में एक रहस्य है. करीब 5 हज़ार साल पुरानी संरचना सभी को चकित करती है कि कैसे पुराने समय में इंसानों ने बिना किसी आधुनिक मशीनरी के कई टन वजनी पत्थर के स्लैब बनाए. इसे देखने के लिए अलग-अलग जगह से कई टूरिस्ट्स आते हैं. हालांकि, अगर कोई सोचता है कि आज इन संरचनाओं को बनाने में कितना ख़र्च आएगा, तो आधुनिक तरीकों का उपयोग करके स्टोनहेंज के निर्माण में अनुमानित 3.5 मिलियन डॉलर लगेंगे. 

6. ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना (चीन)

दुनिया में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा, जो चीन की विशाल दीवार से परिचित नहीं होगा. कहा तो ये भी जाता है कि ये दीवार अंतरिक्ष से भी दिखती है. इसे बनाने की शुरुआत ईसा पूर्व पांचवीं शताब्दी में हुई थी, जो 16वीं शताब्दी तक चली. इसका निर्माण एक नहीं बल्कि चीन के कई राजाओं ने अलग-अलग समय में करवाया है. इस दीवार को ‘दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान‘ भी कहा जाता है. हालांकि, ये स्पष्ट नहीं है कि आज के समय में इसे बनाने में कितना खर्च आएगा, लेकिन विशेषज्ञों द्वारा 360 अरब डॉलर का अनुमान लगाया गया है. 

7. यास द्वीप 

अबू धाबी के प्रमुख यास द्वीप में क्लाइमेट कंट्रोल थीम पार्क, वर्ल्ड-क्लास लग्ज़री होटल, मेगा शॉपिंग मॉल, 35000 सीटों का एक कॉन्सर्ट वेन्यू है और इसके अलावा भी बहुत कुछ है. 2018 में पूरी हुई, रिपोर्ट बताती है कि लगभग 40 बिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट आगे बढ़ने के लिए तैयार है, जहां कई अतिरिक्त आकर्षण शामिल किए जाएंगे. वर्तमान में, इसकी निर्माण लागत 42.5 अरब डॉलर के बराबर होगी.

इन इमारतों को बनाने में करोड़ों रुपए ख़र्च हुए थे.