दुनिया अगर किसी एहसास पर कायम है तो वो है इश्क़.

पहली बात तो ये छिपाए नहीं छिपता और दूसरी बात ये कि अगर प्रेम सच्चा हो तो सारी मुश्किलों को पार कर मुक़ाम तक पहुंच जाता है.

कहानियों के समंदर Humans of Bombay ने एक प्रेम कहानी साझा की है. हर हफ़्ते जिन्हें नया प्यार हो जाता है, उनके लिए मिसाल है 17 सालों से एक-दूसरे के साथ रहने वाले मेहुल और निशा की प्रेम कहानी.

'हमारी कहानी काफ़ी मज़ेदार है. मैं अपने बच्चों को कह सकता हूं, 'How I Met Their Mother'. मैं 10 साल का था और उसके पड़ोस के घर में शिफ़्ट हुआ था. मैं काफ़ी शर्मीला था. हम साथ बड़े हुए लेकिन मैं उससे Eye Contact नहीं कर पाता था. हम क़रीब आने लगे लेकिन मैं उसे पसंद करता हूं, ये क़ुबूल करने में भी मुझे काफ़ी शर्म आती थी. हमारे एक दोस्त ने उसे ये बताया और उसने पूरा मामला अपने हाथों में लिया. हम कॉलोनी में रोज़ की तरह टहल रहे थे और उसने कहा कि वो मुझे पसंद करती है. मैं पूरे दिन मुस्कुराता रहा. हमने Date करना शुरू किया, हम सिर्फ़ 15 साल के थे.

Source: Humans of Bombay

सब सही चल रहा था. फिर उसके पापा को पता चल गया. वो इतना गुस्सा हुए कि उन्होंने उससे बातचीत बंद कर दी. इसलिए उसने मुझसे सारे रिश्ते ख़त्म कर लिए. मुझे तकलीफ़ हुई और मैंने उससे दूर जाने का फै़सला किया. मैं 12वीं की परिक्षाओं पर ध्यान देने के लिए अपनी आंटी के घर चला गया, साल भर वहीं रहा.

उस दौरान मेरा आत्मविश्वास बढ़ा. जब मैं वापस आया तो मैंने दोस्ती करने की कोशिश की लेकिन हम सिर्फ़ दोस्त नहीं रह सकते थे, हमें पता था कि वो एहसास दोस्ती से ज़्यादा है. मैंने उससे सब कह दिया... यही कि मैं उससे प्यार करता हूं. शुक्र है वो भी मेरे लिए ऐसा ही सोचती थी. हमने फिर से Date करना शुरू किया. उसके साथ न रहने पर भी मेरी Feelings नहीं बदली थी.

हमने कई स्पेशल लम्हें साथ बिताए हैं. एक बार उसके Birthday पर मैंने सुबह-सुबह उठकर केक बनाया था. मुझे पता था कि वो कॉलेज जाने के लिए कॉलोनी के बागीचे से गुज़रेगी. मैंने वहां सुबह 6:30 बजे उससे केक कटवाया.

कुछ सालों बाद, हमारे घरवालों को फिर से पता चला, पर इस बार हम तैयार थे. हम दोनों साथ रहना चाहते थे. मैंने उसके परिवार को विश्वास दिलाया कि मैं उसे लेकर Serious हूं और ये कि हम एक-दूसरे का अच्छे से ख़याल रखेंगे. आख़िरकार वो मान गए. 2015 में हमने अपनी शादी का Announcement किया. मुझे फ़ोन करनेवाले ज़्यादातर लोग कह रहे थे, 'आख़िरकार!'

Source: Humans of Bombay

शादी से कुछ दिन पहले मैंने दोनों के नाम का टैटू करवाने का निर्णय लिया. मुझे सुई से बहुत डर लगता है. मैं उसे Surprise देना चाहता था. 17 सालों के साथ में हमारा प्यार कभी नहीं बदला, ये और मज़बूत होता गया.

अब भी वो मेरा उतना ही ख़्याल रखती है. जब मेरा मूड सही नहीं होता, तो वो मेरी फ़ेवरेट डिश बनाती है या फिर मुझे लॉन्ग ड्राइव पर ले जाती है. जब भी वो दूर जाती है, तो बाथरूम के शीशे पर मेरे लिए नोट्स छोड़कर जाती है. पता नहीं हमने एक-दूसरे से दूर रहने की कोशिश क्यों की. हम चुंबक की तरह हैं- हमें दूर करना नामुमकिन है.'

कैसी लगी ये कहानी हमें कमेंट बॉक्स में बताइए.